फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   आबादी से सटे 70 फीसद तालाब व पोखरे पर कब्जा

आबादी से सटे 70 फीसद तालाब व पोखरे पर कब्जा

Thu, 30 May 2019 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 30 May 2019 11:02 PM IST
विज्ञापन
आबादी से सटे 70 फीसद तालाब व पोखरे पर कब्जा
बाउड्रीविहीन तालाब। - फोटो : amarujala
सिद्धार्थनगर। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खोदे गए सरकारी तालाब और पोखरे मौजूदा समय में कब्जे की गिरफ्त में है। यह कब्जा आबादी से सटे 70 फीसदी तालाब व पोखरों पर है। कब्जा हटाने और कार्रवाई के निर्देश के बावजूद स्थानीय प्रशासन इसको लेकर गंभीर नहीं है। इसकी वजह से तालाब और पोखरे तो सूख ही रहे है। भविष्य में जल संकट को लेकर जिलेवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे खराब स्थिति तो नगरपालिका सिद्धार्थनगर की है, यहां पर करीब एक दर्जन से अधिक तालाब और पोखरों पर अवैध कब्जे हैं।
विज्ञापन

जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दशकों को पूर्व नगरीय व ग्रामीणों क्षेत्रों में तालाब व पोखरे खोदे गए थे। हाल यह हुआ कि अधिकांश तालाब व पोखरों को नक्शे से मिटाया जा चुका है। जो बचे हैं उनपर भी भू-माफियाओं की नजर है। सबसे खराब स्थिति तो शहर से सटे गांव और नगरपालिका सिद्धार्थनगर की है। भीमापार से लेकर, बर्डपुर नंबर 10, रोआपार, थरौली, मधुकरपुर, परसा महापात्र, दतरंगवा आदि गांवों में भूफियाओं ने पोखरों और तालाबों पर कब्जा जमाए हुए है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की आबादी को जोड़ दिया जाए तो करीब 70 फीसदी तालाब और पोखरों पर कब्जा है। हालांकि कब्जा हटाने को लेकर सरकार ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दे रखा है। बावजूद इसके स्थानीय जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि कब्जा करने की शिकायतें मिली हैं। अभियान चलाकर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


योगी सरकार की प्राथमिकता में है भू-माफियाओं पर कार्रवाई
सूबे में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद माफियाओं पर कार्रवाई तेज कर दी गई थी। इसमें भू-माफिया नंबर एक पर थे। शासन का सख्त निर्देश था कि अभियान चलाकर भूमि पर कब्जा करने वालों को बेदखल किया जाए। लेकिन इस आदेश का असर चंद दिनों तक रहा। नतीजा कब्जा करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जिम्मेदारों को शासन के फरमान का कोई असर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


3368 है तालाब व पोखरों की संख्या
सरकारी आकड़ों पर गौर करें तो जिले 1199 ग्राम पंचायतों में 3368 तालाब व पोखरे हैं। लेकिन आबादी से सटे अधिकांश तालाब व पोखरों पर कब्जा करके निर्माण भी कर लिया गया है। वहीं, अगर नक्शे को देखेंगे तो कई का अस्तित्व ही मिट चुका है। इसमें भीमापार में जबरदस्त खेल राजस्वकर्मियों द्वारा पूर्व में खेला गया है।

लेखपालों की है रोकने की जिम्मेदारी
ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में बने तालाब व पोखरों की निगरानी की जिम्मेदारी हल्का लेखपाल की होती है। अगर कब्जेदार नहीं मानता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। लेकिन राजस्वकर्मी इस पर मौन है।


गहराएगा जल संकट
प्रशासन अगर जल्द ही कब्जेदारों को हटाने के लिए कार्रवाई नहीं किया तो आने वाले दिनों में जल संकट गहरा जाएगा। इससे जहां सिंचाई प्रभावित होगी। वहीं, दूसरी ओर आपात स्थिति उत्पन्न होने पर उससे निपटने में भी दिक्कत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed