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जनसुविधा केंद्र पर राशन कार्ड से जोड़ सकेंगे आधार नंबर
Sat, 25 May 2019 10:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 10:55 PM IST
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सिद्धार्थनगर। राशन कार्ड को अब आधार नंबर से जोड़ने के लिए उपभोक्ताओं को पूर्ति कार्यालय और कोटेदार के पास भटकना नहीं पड़ेगा। उपभोक्ता जन सुविधा केंद्र पर अपने राशन कार्ड को आधार नंबर लिंक करा सकेंगे। उपभोक्ताओं की सुविधा के मद्देनजर शासन ने जनसुविधा केंद्र को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल से जोड़ दिया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हो रही अनाज की काला बाजारी को रोकने के लिए सरकार वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का काम कर रही है। इसके लिए नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं जिससे गरीबों को उनके हक का अनाज मिल सके। वास्तविक उपभोक्ता को राशन मिले। लिहाजा शासन ने ऑनलाइन को बढ़ावा देते हुए राशन कार्डों को आधार नंबर से लिंक करने की कवायद शुरू की। जिससे सही उपभोक्ता की पहचान हो सके और उन्हें अनाज मिल सके। मगर राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक कराने में उपभोक्ताओं को बड़ी समस्या का सामान करना पड़ा रहा था। हर कार्ड धारक के यहां माह में एकाध सदस्य का नाम सूची से गायब हो जाता था। फीडिंग के लिए उपभोक्ताओं को पूर्ति कार्यालय और कोटेदारों के पास राशन कार्ड में आधार नंबर लिंक कराने के लिए चक्कर काटना पड़ता था। इसमें समय की बर्बादी के साथ-साथ उपभोक्ताओं से फीडिंग के एवज में रुपये भी लिए जाते थे।
उपभोक्ताओं की समस्याओं को शासन ने संज्ञान में लिया है।
आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग आलोक कुमार ने उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करते हुए राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक करने के लिए जनसुविधा केंद्र को अनुमति दे दी है। पोर्टल को जनसुविधा केंद्र से जोड़ दिया गया है। अब उपभोक्ता केंद्र पर जाकर फीडिंग करा सकेंगे। इस संबंध में डीएसओ को पत्र भी भेजा गया है। डीएसओ बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि शासन के हर आदेशों का पालन कराया जाएगा। उपभोक्ताओं की जो भी सुविधाएं हैं, उन्हें मिलेंगीं।
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देख सकेंगे कार्ड में हैं कितने सदस्य
कोई भी उपभोक्ता जन सुविधा केंद्र पर जाकर अपने राशन कार्ड को देख सकेगा। वह यह भी जान सकेगा कि उसके कार्ड में कितने सदस्य हैं। हर माह कितना राशन मिलना है और कितने रुपये दर निर्धारित है। साथ ही कार्ड को त्रुटियों को भी सही करा सकेंगे। अब उपभोक्ताओं को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
इतनी है जिले में कार्डों की संख्या
पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले की 1199 ग्राम पंचायतों में 82508 अंत्योदय कार्डधारक हैं। पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की संख्या 342646 है।
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हो रही अनाज की काला बाजारी को रोकने के लिए सरकार वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का काम कर रही है। इसके लिए नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं जिससे गरीबों को उनके हक का अनाज मिल सके। वास्तविक उपभोक्ता को राशन मिले। लिहाजा शासन ने ऑनलाइन को बढ़ावा देते हुए राशन कार्डों को आधार नंबर से लिंक करने की कवायद शुरू की। जिससे सही उपभोक्ता की पहचान हो सके और उन्हें अनाज मिल सके। मगर राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक कराने में उपभोक्ताओं को बड़ी समस्या का सामान करना पड़ा रहा था। हर कार्ड धारक के यहां माह में एकाध सदस्य का नाम सूची से गायब हो जाता था। फीडिंग के लिए उपभोक्ताओं को पूर्ति कार्यालय और कोटेदारों के पास राशन कार्ड में आधार नंबर लिंक कराने के लिए चक्कर काटना पड़ता था। इसमें समय की बर्बादी के साथ-साथ उपभोक्ताओं से फीडिंग के एवज में रुपये भी लिए जाते थे।
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उपभोक्ताओं की समस्याओं को शासन ने संज्ञान में लिया है।
आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग आलोक कुमार ने उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करते हुए राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक करने के लिए जनसुविधा केंद्र को अनुमति दे दी है। पोर्टल को जनसुविधा केंद्र से जोड़ दिया गया है। अब उपभोक्ता केंद्र पर जाकर फीडिंग करा सकेंगे। इस संबंध में डीएसओ को पत्र भी भेजा गया है। डीएसओ बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि शासन के हर आदेशों का पालन कराया जाएगा। उपभोक्ताओं की जो भी सुविधाएं हैं, उन्हें मिलेंगीं।
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देख सकेंगे कार्ड में हैं कितने सदस्य
कोई भी उपभोक्ता जन सुविधा केंद्र पर जाकर अपने राशन कार्ड को देख सकेगा। वह यह भी जान सकेगा कि उसके कार्ड में कितने सदस्य हैं। हर माह कितना राशन मिलना है और कितने रुपये दर निर्धारित है। साथ ही कार्ड को त्रुटियों को भी सही करा सकेंगे। अब उपभोक्ताओं को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
इतनी है जिले में कार्डों की संख्या
पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले की 1199 ग्राम पंचायतों में 82508 अंत्योदय कार्डधारक हैं। पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की संख्या 342646 है।