फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   15 bed in sncu

एसएनसीयू बेड कम होने से परेशानी

Tue, 12 Apr 2022 11:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 11:25 PM IST
विज्ञापन
15 bed in sncu
जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बच्चे का इलाज करते चिकित्सक। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
एसएनसीयू बेड कम होने से परेशानी
विज्ञापन

- मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में 15 बेड का बना है वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में बेड कम होने से मरीजों को दिक्कत होती है। बेड की संख्या कम होने से कभी-कभी एक बेड पर दो से तीन बच्चों का इलाज किया जाता है।
जिला अस्पताल पर बड़ी आबादी के इलाज का जिम्मा है। जिले के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग यहां इलाज कराने के लिए आते हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी से संबद्ध मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में 15 बेड का एसएनसीयू वार्ड संचालित हो रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि कभी-कभी एक बेड पर दो से तीन मरीज के भर्ती करने की नौबत आ जाती है। ऐसे में इलाज करने में भी दिक्कत होती है। बेड की संख्या बढ़ जाए तो इलाज करने में आसानी होगी साथ ही बीमार बच्चे को भी लेटने में दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन

नगर निवासी रामनेवास ने कहा कि अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में सुविधा की कमी नहीं है, लेकिन कभी-कभी बेड ही खाली नहीं रहते हैं। बेड को बढ़ा दिया जाए तो लोगों को लाभ मिलेगा। रामप्रकाश ने कहा कि बच्चे अधिक बीमार होते हैं, इसलिए उनके भर्ती करने की व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
बारिश के मौसम में बढ़ जाती है मरीजों की संख्या
15 बेड के एसएनसीयू वार्ड में सामान्य दिन में औसतन पांच से छह मरीज पहुंचते हैं। लेकिन बारिश शुरू होने के बाद मई से अक्तूबर माह तक 10 से 12 मरीज एक दिन में पहुंचते हैं। इस समय में झटके के साथ बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में एक बेड पर जहां छोटे बच्चे रहते हैं, उसपर दो से तीन को भर्ती करना पड़ता है।
---
बीमारी को देखते हुए पहले से तैयार होने की जरूरत
संक्रामक की बीमारियों के बढ़ते खतरे और होने वाली दिक्कत से बचने के लिए महकमे के जिम्मेदारों को पहले से तैयार होने की जरूरत है। अगर बेड की संख्या पहले से ही बढ़ा दी जाए तो स्थिति मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद दिक्कत नहीं होगी।

---
एसएनसीयू वार्ड में 15 बेड है। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद समस्या आती है। यह संज्ञान में है। बेड के बढ़ाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। जिससे किसी भी मरीज को परेशानी न होने पाए।
- डॉ. सलिल कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed