{"_id":"5bd1faffbdec22699072c006","slug":"131540487935-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू ने बिना ब्याज ऋण देने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू ने बिना ब्याज ऋण देने की मांग की
siddharthnagar
Updated Thu, 25 Oct 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
जिला जेल के सामने स्थित ग्राउंड में भाकियू ने लगाई महापंचायत।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक गुट ने गुरुवार को जिला जेल के सामने स्थित ग्राउंड में महापंचायत आयोजित की। इसमें वक्ताओं ने किसानों को बिना ब्याज ऋण देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को भेजा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवानचंद चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों की वोट से बनती है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती है। किसानों को अपने हक और अधिकार के लिए आगे आने की जरूरत है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू किया जाए। किसानों को बिना ब्याज के ऋण दिया जाए। किसानों का फसली ऋण माफ किया जाए। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाए। 60 वर्ष की आयु को पूरा करने वाले किसानों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दिया जाए, जिससे किसानों को बुढ़ापे में जीने का हक मिल सके।
जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने कहा कि जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय को बंद करवाया जाए। जिलाध्यक्ष संतकबीरनगर जनार्दन मिश्र ने कहा कि सरकार किसानों की उपेक्षा कर रही है, जिसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। महापंचायत को सुभाष किसान, महेंद्र कुमार चौधरी, शोभाराम ठाकुर, राममनोहर, सूर्य प्रकाश सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान नरसिंह पांडेय, राकेश कुमार श्रीवास्तव, राकेश नरायण मिश्र, अनिल मौर्य, दुर्गेश, अनारा देवी आदि मौजूद रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवानचंद चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों की वोट से बनती है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती है। किसानों को अपने हक और अधिकार के लिए आगे आने की जरूरत है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू किया जाए। किसानों को बिना ब्याज के ऋण दिया जाए। किसानों का फसली ऋण माफ किया जाए। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाए। 60 वर्ष की आयु को पूरा करने वाले किसानों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दिया जाए, जिससे किसानों को बुढ़ापे में जीने का हक मिल सके।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने कहा कि जिले में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय को बंद करवाया जाए। जिलाध्यक्ष संतकबीरनगर जनार्दन मिश्र ने कहा कि सरकार किसानों की उपेक्षा कर रही है, जिसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। महापंचायत को सुभाष किसान, महेंद्र कुमार चौधरी, शोभाराम ठाकुर, राममनोहर, सूर्य प्रकाश सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान नरसिंह पांडेय, राकेश कुमार श्रीवास्तव, राकेश नरायण मिश्र, अनिल मौर्य, दुर्गेश, अनारा देवी आदि मौजूद रही।
विज्ञापन