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जांच के नाम पर बीएसए ने बर्बाद कर दिए परीक्षार्थियों के 20 मिनट
Wed, 27 Feb 2019 10:35 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 27 Feb 2019 10:35 PM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय के बाल शिक्षा सदन कन्या इंका की केंद्र व्यवस्थापिका रीता गुप्ता ने बीएसए राम सिंह और उनके साथ आए सहायक अध्यापक पर केंद्र पर चल रही यूपी बोर्ड की परीक्षा प्रभावित करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत व्यवस्थापिका ने माध्यमिक शिक्षक परिषद के सचिव से पत्र भेजकर की है। पत्र में बीएसए पर रकम मांगने का भी आरोप लगा है।
शिकायती पत्र में केंद्र व्यवस्थापक का आरोप है कि कहा है कि 22 फरवरी को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान की परीक्षा थी। परीक्षा समय में बीएसए व उनके साथ एक सहायक विद्यालय पहुंचे। जांच के नाम पर 15-16 छात्राओं के प्रश्नपत्र लेकर कार्यालय में आ गए। जब नियमों का हवाला देकर प्रश्न पत्र मांगे गए तो उन्होंने अपशब्द कहे और अभद्रता की। साथ आए शिक्षक ने भी दुर्व्यवहार किया। 20 मिनट बाद प्रश्न पत्र को परीक्षार्थियों को न देकर कमरे में फेंक दिया। इससे परीक्षार्थियों की परीक्षा प्रभावित हुई। यही नहीं कक्ष निरीक्षकों के पहचान पत्र भी उन्होंने अपने पास रख लिए। वहीं 25 फरवरी को बीएसए फिर इंटरमीडिएट गणित की परीक्षा में आए। आरोप है कि जाते-जाते उन्होंने मुझे अपनी गाड़ी में बैठाया और उन्होंने अपने आवास पर मिलने की बात कहते हुए रकम की डिमांड की। मामले की जांच करते हुए कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई के लिए भेजी गई है रिपोर्ट, इसलिए लगाए जा रहे आरोप
बीएसए राम सिंह ने बताया कि बाल शिक्षा सदन कन्या इंटर कॉलेज में बोलकर नकल कराई जा रही था। जांच में यह बात सामने आई है। इसकी शिकायत डीआईओएस और डीएम से की गई है। भौतिक विज्ञान के पेपर में कक्ष निरीक्षक भी भौतिक विज्ञान के थे। नियमानुसार, यह गलत है। जांच के दौरान मजिस्ट्रेट की टीम भी थी। मामले की शिकायत करने की वजह से गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
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वहीं डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि मामले की जानकारी बीएसए ने दी थी। जांच के लिए डीआईओएस को नामित किया गया है। किसी भी हाल में नकल नहीं होने दी जाएगी। अगर कोई नकल कराता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायती पत्र में केंद्र व्यवस्थापक का आरोप है कि कहा है कि 22 फरवरी को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान की परीक्षा थी। परीक्षा समय में बीएसए व उनके साथ एक सहायक विद्यालय पहुंचे। जांच के नाम पर 15-16 छात्राओं के प्रश्नपत्र लेकर कार्यालय में आ गए। जब नियमों का हवाला देकर प्रश्न पत्र मांगे गए तो उन्होंने अपशब्द कहे और अभद्रता की। साथ आए शिक्षक ने भी दुर्व्यवहार किया। 20 मिनट बाद प्रश्न पत्र को परीक्षार्थियों को न देकर कमरे में फेंक दिया। इससे परीक्षार्थियों की परीक्षा प्रभावित हुई। यही नहीं कक्ष निरीक्षकों के पहचान पत्र भी उन्होंने अपने पास रख लिए। वहीं 25 फरवरी को बीएसए फिर इंटरमीडिएट गणित की परीक्षा में आए। आरोप है कि जाते-जाते उन्होंने मुझे अपनी गाड़ी में बैठाया और उन्होंने अपने आवास पर मिलने की बात कहते हुए रकम की डिमांड की। मामले की जांच करते हुए कार्रवाई की जाए।
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कार्रवाई के लिए भेजी गई है रिपोर्ट, इसलिए लगाए जा रहे आरोप
बीएसए राम सिंह ने बताया कि बाल शिक्षा सदन कन्या इंटर कॉलेज में बोलकर नकल कराई जा रही था। जांच में यह बात सामने आई है। इसकी शिकायत डीआईओएस और डीएम से की गई है। भौतिक विज्ञान के पेपर में कक्ष निरीक्षक भी भौतिक विज्ञान के थे। नियमानुसार, यह गलत है। जांच के दौरान मजिस्ट्रेट की टीम भी थी। मामले की शिकायत करने की वजह से गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
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वहीं डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि मामले की जानकारी बीएसए ने दी थी। जांच के लिए डीआईओएस को नामित किया गया है। किसी भी हाल में नकल नहीं होने दी जाएगी। अगर कोई नकल कराता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।