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व्यापारी के घर छापे पर लामबंद हुए सर्राफ
Updated Sun, 18 Jun 2017 09:59 PM IST
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सिद्धार्थनगर। बर्डपुर और ककरहवा में सराफा व्यापारियों के आवास पर पुलिस की छापेमारी से सराफा व्यापारी उग्र हो गए हैं। रविवार को व्यापारियों ने एसपी से मिलकर अपना विरोध दर्ज कराया। आरोप लगाया कि झूठी सूचना पर बिना किसी लिखित आदेश के पुलिस ने अपराधियों की तरह घर में घुसकर छानबीन करती रही। पुलिस की कार्रवाई को उत्पीड़नात्मक करार दिया।
बता दें कि शनिवार की शाम कई थानों की पुलिस ने बर्डपुर कस्बा स्थित रामविलास वर्मा व ककरहवा में अशोक वर्मा के आवास पर छापा मारा था। करीब दो घंटे तक छानबीन के बावजूद कोई आपत्तिजनक सामग्री हाथ नहीं लगी थी। घटना से गुस्साए व्यापारियों का कहना था कि शोहरतगढ़, मोहाना, इटवा थाने की पुलिस व महिला कांस्टेबल के साथ करीब एक दर्जन अधिक पुलिस कर्मी घर में घुस गए। अपराधी के घर की तरफ से आवास की घेरेबंदी कर दी। किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। करीब दो घंटे तक व्यापारी समेत पूरा परिवार भयभीत बना रहा। सराफा व्यापारियों का कहना था कि पुलिस का यह रवैया उचित नहीं है। इससे पहले भी व्यापारी के घर छापेमारी की गई थी, तब भी कुछ बरामद नहीं हुआ था। इस तरह बार-बार छापा मारना उत्पीड़न को दर्शाता है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों के साथ पहुंचे सदर विधायक श्यामधनी राही ने भी पुरजोर पैरवी करते हुए कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न उचित नहीं है। पुलिस इससे बाज आए। वार्ता के दौरान एसपी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी की गई थी, हालांकि सूचना गलत निकली। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब आगे ऐसी कार्रवाई की जरूरत पड़ी तो दो संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में पुलिस कार्रवाई करेगी। पूरी कार्रवाई की लिखित प्रति भी व्यापारी को दी जाएगी। ज्ञापन देने वालों में सराफा एसोसिएशन के संरक्षक कन्हैया लाल वर्मा, अध्यक्ष मिट्ठूलाल कसौधन, रामविलास वर्मा, दीपक कुमार वर्मा, संजय वर्मा, श्रीप्रकाश वर्मा, राजकमल जायसवाल, कंचन वर्मा, संतोष वर्मा, राजेंद्र कुमार, गिरधर, गिरजाशंकर, राजेश वर्मा, अवधेश वर्मा, रामकृपाल वर्मा, मंगल कुमार, शिवप्रसाद वर्मा, विजय कुमार आदि शामिल रहे।
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बता दें कि शनिवार की शाम कई थानों की पुलिस ने बर्डपुर कस्बा स्थित रामविलास वर्मा व ककरहवा में अशोक वर्मा के आवास पर छापा मारा था। करीब दो घंटे तक छानबीन के बावजूद कोई आपत्तिजनक सामग्री हाथ नहीं लगी थी। घटना से गुस्साए व्यापारियों का कहना था कि शोहरतगढ़, मोहाना, इटवा थाने की पुलिस व महिला कांस्टेबल के साथ करीब एक दर्जन अधिक पुलिस कर्मी घर में घुस गए। अपराधी के घर की तरफ से आवास की घेरेबंदी कर दी। किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। करीब दो घंटे तक व्यापारी समेत पूरा परिवार भयभीत बना रहा। सराफा व्यापारियों का कहना था कि पुलिस का यह रवैया उचित नहीं है। इससे पहले भी व्यापारी के घर छापेमारी की गई थी, तब भी कुछ बरामद नहीं हुआ था। इस तरह बार-बार छापा मारना उत्पीड़न को दर्शाता है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों के साथ पहुंचे सदर विधायक श्यामधनी राही ने भी पुरजोर पैरवी करते हुए कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न उचित नहीं है। पुलिस इससे बाज आए। वार्ता के दौरान एसपी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी की गई थी, हालांकि सूचना गलत निकली। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब आगे ऐसी कार्रवाई की जरूरत पड़ी तो दो संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में पुलिस कार्रवाई करेगी। पूरी कार्रवाई की लिखित प्रति भी व्यापारी को दी जाएगी। ज्ञापन देने वालों में सराफा एसोसिएशन के संरक्षक कन्हैया लाल वर्मा, अध्यक्ष मिट्ठूलाल कसौधन, रामविलास वर्मा, दीपक कुमार वर्मा, संजय वर्मा, श्रीप्रकाश वर्मा, राजकमल जायसवाल, कंचन वर्मा, संतोष वर्मा, राजेंद्र कुमार, गिरधर, गिरजाशंकर, राजेश वर्मा, अवधेश वर्मा, रामकृपाल वर्मा, मंगल कुमार, शिवप्रसाद वर्मा, विजय कुमार आदि शामिल रहे।
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