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छूटे 48 हजार परिवार भी होंगे ‘आयुष्मान’
siddharthnagar
Updated Sun, 28 Oct 2018 10:49 PM IST
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स्वास्थ्य बीमा
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सिद्धार्थनगर। ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य’ योजना (आयुष्मान भारत योजना) में जिले के 48 हजार परिवार और शामिल होंगे। 25 सितंबर को योजना की शुरूआत होने के बाद इसमें सामाजिक आर्थिक जनगणना-2011 में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के एक लाख 17 हजार व शहरी क्षेत्र के 11 हजार लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड का वितरण किया जा रहा है। इस सूची से इतर भी पात्रों से छूटने की शिकायतों के बाद शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों के द्वारा दोबारा सर्वे कराया गया। इसमें 48 हजार परिवार ऐसे पाए गए जिन्हे योजना का लाभ दिया जा सकता है। इसकी सूची शासन को भेज दी गई है। शासन से निर्देश मिलने के बाद इन लोगाें भी योजना में शामिल किया जाएगा।
ग्रामीण इलाके लिए पात्रता
कच्चा मकान, परिवार में किसी वयस्क (16-59) साल का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति/ जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति/ दिहाड़ी मजदूर, बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और कानूनी रूप से मुक्त बंधुआ आदि।
शहरी क्षेत्र के लिए पात्रता
भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले, रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले, सड़क पर कामकाज करने वाले, कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली और भार ढोने वाले अन्य कामकाजी व्यक्ति, स्वीपर, सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले, हेंडीक्राफ्ट का काम करने वाले लोग, टेलर, चालक, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले ।
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क्या-क्या है आयुष्मान भारत योजना में
इस योजना में अधिकांश बीमारियों के उपचार और अस्पताल में दाखिल होने का कवर शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत योजना में 1354 पैकेज शामिल किए हैं।
किस अस्पताल में होगा उपचार
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी सभी सरकारी अस्पतालों और योजना के पैनल में शामिल निजी चिकित्सालयों में उपचार करा सकते हैं। योजना में अस्पताल में दाखिल होने से लेकर इलाज तक सारा खर्च योजना में कवर है। पैनल में शामिल अस्पताल में एक आयुष्मान मित्र होगा, वह अस्पताल में सुविधाएं दिलाने में मदद करेगा। अस्पताल में हेल्प डेस्क भी होगी। योजना के लाभार्थी देश के किसी भी सरकारी/पैनल में शामिल निजी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे।
आयुष्मान भारत योजना(एबीवाई) के तहत पूर्व में चिह्नित लाभार्थियों का विवरण विभाग के पोर्टल पर अपलोड है। शासन के निर्देश 25 सितंबर को योजना शुरू होने के बाद दोबारा सर्वे कराया गया है। इसमें 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना से छूटे और पात्र 48 हजार लोग पाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
- डॉ. प्रशांत अस्थाना, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना
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ग्रामीण इलाके लिए पात्रता
कच्चा मकान, परिवार में किसी वयस्क (16-59) साल का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति/ जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति/ दिहाड़ी मजदूर, बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और कानूनी रूप से मुक्त बंधुआ आदि।
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शहरी क्षेत्र के लिए पात्रता
भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले, रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले, सड़क पर कामकाज करने वाले, कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली और भार ढोने वाले अन्य कामकाजी व्यक्ति, स्वीपर, सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले, हेंडीक्राफ्ट का काम करने वाले लोग, टेलर, चालक, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले ।
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क्या-क्या है आयुष्मान भारत योजना में
इस योजना में अधिकांश बीमारियों के उपचार और अस्पताल में दाखिल होने का कवर शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत योजना में 1354 पैकेज शामिल किए हैं।
किस अस्पताल में होगा उपचार
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी सभी सरकारी अस्पतालों और योजना के पैनल में शामिल निजी चिकित्सालयों में उपचार करा सकते हैं। योजना में अस्पताल में दाखिल होने से लेकर इलाज तक सारा खर्च योजना में कवर है। पैनल में शामिल अस्पताल में एक आयुष्मान मित्र होगा, वह अस्पताल में सुविधाएं दिलाने में मदद करेगा। अस्पताल में हेल्प डेस्क भी होगी। योजना के लाभार्थी देश के किसी भी सरकारी/पैनल में शामिल निजी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे।
आयुष्मान भारत योजना(एबीवाई) के तहत पूर्व में चिह्नित लाभार्थियों का विवरण विभाग के पोर्टल पर अपलोड है। शासन के निर्देश 25 सितंबर को योजना शुरू होने के बाद दोबारा सर्वे कराया गया है। इसमें 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना से छूटे और पात्र 48 हजार लोग पाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
- डॉ. प्रशांत अस्थाना, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना