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Shravasti News: उर्वरक के लिए लाइन में खट रहीं महिलाएं
Sat, 23 Aug 2025 02:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 23 Aug 2025 02:02 AM IST
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जमुनहा के भवनियापुर में खाद के लिए परेशान महिला किसान। संवाद
श्रावस्ती/जमुनहा/गिरंट बाजार। सरकारी आंकड़ों में उर्वरक की किल्लत भले न दिख रही हो, पर समितियों के बाहर लग रही लाइन से स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। शुक्रवार को जमुनहा क्षेत्र की दो समितियों पर यूरिया का वितरण किया गया। यहां महिला हो या पुरुष, हर कोई उर्वरक के लिए कतार में लगा दिखा।
जमुनहा भवनियापुर स्थित सहकारी समिति पर बृहस्पतिवार को 450 बोरी यूरिया की खेप पहुंची थी। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और शुक्रवार को सुबह से ही महिलाओं व पुरुषों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ अधिक होने के कारण समिति के सचिव प्रदोष सिंह ने बताया कि किसानों को आधार कार्ड व जोत बही के अनुसार खाद दी जा रही है।
समिति पर एक नोटिस चस्पा किया गया है कि जो गांव समिति के दायरे में आएंगे, उन्हीं गांवों के किसानों को उर्वरक का वितरण किया जाएगा। ऐसे में उर्वरक लेने के लिए आने वाले दूसरे गांव के किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।
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उधर, बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर भी सुबह से ही किसानों की लाइन लगी रही। सचिव आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि 600 बोरी यूरिया उपलब्ध है, किसानों को मानक के अनुरूप वितरण किया जा रहा है।
यह बोलीं महिला किसान
जमुनहा भवनियापुर स्थित सहकारी समिति पर उर्वरक लेने पहुंचीं ग्राम कलकलवा निवासी वंदना ने बताया कि उनके पति विश्राम पंजाब में मजदूरी का काम करते हैं, इसलिए खेती-बाड़ी का काम उन्हें ही देखना पड़ता है। ग्राम बरगदहा निवासी कुसुम ने बताया कि उनके पति उमेश आजमगढ़ में खाना बनाने का काम करते हैं। ऐसे में खाद के लिए उन्हें लाइन में लगना पड़ रहा है। ग्राम बड़का फत्तेपुर निवासी आमना खातून ने बताया कि उनके घर कोई पुरुष न होने से उन्हें ही खेती-बाड़ी का काम देखना पड़ता है, लेकिन खाद न मिलने से परेशानी हो रही है। ग्राम दुर्गापुर निवासी रेनू ने बताया कि उनके पति रामप्रसाद दोनों पैर से दिव्यांग हैं, इसलिए खेती काम उन्हें ही करना पड़ता है।
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जमुनहा भवनियापुर स्थित सहकारी समिति पर बृहस्पतिवार को 450 बोरी यूरिया की खेप पहुंची थी। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और शुक्रवार को सुबह से ही महिलाओं व पुरुषों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ अधिक होने के कारण समिति के सचिव प्रदोष सिंह ने बताया कि किसानों को आधार कार्ड व जोत बही के अनुसार खाद दी जा रही है।
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समिति पर एक नोटिस चस्पा किया गया है कि जो गांव समिति के दायरे में आएंगे, उन्हीं गांवों के किसानों को उर्वरक का वितरण किया जाएगा। ऐसे में उर्वरक लेने के लिए आने वाले दूसरे गांव के किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।
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उधर, बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर भी सुबह से ही किसानों की लाइन लगी रही। सचिव आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि 600 बोरी यूरिया उपलब्ध है, किसानों को मानक के अनुरूप वितरण किया जा रहा है।
यह बोलीं महिला किसान
जमुनहा भवनियापुर स्थित सहकारी समिति पर उर्वरक लेने पहुंचीं ग्राम कलकलवा निवासी वंदना ने बताया कि उनके पति विश्राम पंजाब में मजदूरी का काम करते हैं, इसलिए खेती-बाड़ी का काम उन्हें ही देखना पड़ता है। ग्राम बरगदहा निवासी कुसुम ने बताया कि उनके पति उमेश आजमगढ़ में खाना बनाने का काम करते हैं। ऐसे में खाद के लिए उन्हें लाइन में लगना पड़ रहा है। ग्राम बड़का फत्तेपुर निवासी आमना खातून ने बताया कि उनके घर कोई पुरुष न होने से उन्हें ही खेती-बाड़ी का काम देखना पड़ता है, लेकिन खाद न मिलने से परेशानी हो रही है। ग्राम दुर्गापुर निवासी रेनू ने बताया कि उनके पति रामप्रसाद दोनों पैर से दिव्यांग हैं, इसलिए खेती काम उन्हें ही करना पड़ता है।