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मनरेगा का काम देखने के लिए तैनात होंगी महिला मेट
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श्रावस्ती। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों की देखरेख के लिए महिला मेट की तैनाती की जाएगी। इसमें स्वयं सहायता समूह को वरीयता मिलेगी। इसके लिए अपर मुख्य सचिव की ओर से डीएम व सीडीओ सहित जिला कार्यक्रम समन्वयक को पत्र भेजकर आदेश का अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है।
शासन की ओर से भेजे गए पत्र में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा है कि मनरेगा के तहत महिलाओं की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए मेट के रूप में महिला की तैनाती की जाएगी। जिसमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। यदि गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नहीं होंगी तो सुयोग्य व पात्र महिला अभ्यर्थी को मेट के रूप में चयनित किया जाएगा।
परियोजना के तहत चयनित महिला मेट उसी गांव व टोले का निवासी होना चाहिए। जिसमें कार्य कराया जाना है। महिला मेट के चयन व तैनाती का दायित्व ग्राम पंचायतों की होगी। 50 श्रमिकों के लिए कम से कम एक मेट की तैनाती होगी। ग्राम पंचायतों की ओर से योग्यता के अनुसार मेट का चयन किया जाएगा। महिला मेट के कारण के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी के चयन का प्रस्ताव ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। चयनित महिला मेट को ब्लॉक स्तर पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिसका व्यय मनरेगा के प्रशासनिक मद से होगा।
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चयनित मेटों की सूची ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जाएगी। मेट चयन के एक सप्ताह के अंदर उन्हें अर्द्धकुशल मजदूर की श्रेणी में पंजीकृत किया जाएगा। जिनकी पंजीकृत आईडी जारी की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ की होगी। मेट का भुगतान लोक निर्माण विभाग के अनुसार निर्धारित दरों पर योजना के सामग्री मद से किया जाएगा। इसके लिए उनका मस्टर रोल भी जारी किया जाएगा। इस बारे में सीडीओ ईशान प्रताप सिंह बताते हैं कि शासन की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। जिसका अनुपालन कराया जाएगा।
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शासन की ओर से भेजे गए पत्र में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा है कि मनरेगा के तहत महिलाओं की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए मेट के रूप में महिला की तैनाती की जाएगी। जिसमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। यदि गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नहीं होंगी तो सुयोग्य व पात्र महिला अभ्यर्थी को मेट के रूप में चयनित किया जाएगा।
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परियोजना के तहत चयनित महिला मेट उसी गांव व टोले का निवासी होना चाहिए। जिसमें कार्य कराया जाना है। महिला मेट के चयन व तैनाती का दायित्व ग्राम पंचायतों की होगी। 50 श्रमिकों के लिए कम से कम एक मेट की तैनाती होगी। ग्राम पंचायतों की ओर से योग्यता के अनुसार मेट का चयन किया जाएगा। महिला मेट के कारण के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी के चयन का प्रस्ताव ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। चयनित महिला मेट को ब्लॉक स्तर पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिसका व्यय मनरेगा के प्रशासनिक मद से होगा।
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चयनित मेटों की सूची ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जाएगी। मेट चयन के एक सप्ताह के अंदर उन्हें अर्द्धकुशल मजदूर की श्रेणी में पंजीकृत किया जाएगा। जिनकी पंजीकृत आईडी जारी की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ की होगी। मेट का भुगतान लोक निर्माण विभाग के अनुसार निर्धारित दरों पर योजना के सामग्री मद से किया जाएगा। इसके लिए उनका मस्टर रोल भी जारी किया जाएगा। इस बारे में सीडीओ ईशान प्रताप सिंह बताते हैं कि शासन की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। जिसका अनुपालन कराया जाएगा।