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Shravasti News: एक साथ मंगलावती व उनकी दो बेटियों का हुआ अंतिम संस्कार तो बिलख पड़े लोग

Wed, 13 Aug 2025 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Wed, 13 Aug 2025 12:19 AM IST
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When Mangalavati and her two daughters were cremated together, people wept
मार्ग दुर्घटना में हुई मौत के बाद मधनगरा गांव में अंतिम संस्कार पर उमड़ी भीड़़। 
श्रावस्ती/बहराइच। नवाबगंज-शंकरपुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में मौत के बाद सोमवार की रात मंगलावती (46) और उनकी दो बेटियों नीतू (26) व ज्ञानवती (09) के शव उनके घर मधनगरा पहुंचे तो पूरा गांव करुणा क्रंदन से गूंज उठा। एक साथ मां व दो बेटियों के शव देख महिलाएं बिलख पड़ी तो पुरुषों की भी आंखें नम हो गईं। हादसे में मृत मंगलावती के भाई विजय (32) व उनकी बेटी मधु (08 माह) का शव उनके घर मंगलपुरवा पहुंचने पर उनका भी पूरा परिवार चीख पड़ा।
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बहराइच के रुपईडीहा थाना क्षेत्र के मधनगरा निवासी मंगलावती, उनकी दो बेटियों नीतू, ज्ञानवती के साथ ही मंगलावती के भाई मंगलपुरवा निवासी विजय व विजय की बेटी मधु की सोमवार को श्रावस्ती जिले के हरदत्त नगर गिरंट थाना क्षेत्र में हुए हादसे में मौत हो गई थी।
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सोमवार शाम पोस्टमार्टम के बाद विजय व मधु का शव उनके गांव मंगलपुरवा पहुंचा तो सभी बिलख पड़े। दोनों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचे। इस दौरान विजय के परिजनों की करुणा क्रंदन देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। दोनों के शवों का सोमवार देर शाम अंंतिम संस्कार कर दिया गया। विजय के शव का जहां दाह संस्कार किया गया तो वहीं मासूम मधु के शव को दफन किया गया।
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एक साथ दफन किए गए मंगलावती व दो बेटियों के शव
हादसे में मृत हुई मंगलावती व उनकी बेटियों नीतू व ज्ञानवती के शवों का पोस्टमार्टम होकर शव गांव पहुंचते-पहुंचते रात हो गई। वहीं नीतू के पति पवन कुमार भी रास्ते में थे। जिसके चलते सभी ने अंतिम संस्कार मंगलवार को करने का निर्णय लिया। देर रात पवन के घर पहुंचने के बाद मंगलवार की सुबह तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। गमगीन माहौल में तीनों के शव एक साथ मिट्टी में दफन किए गए।


हादसे को भुला नहीं पा रहे मंगलावती के तीनों बच्चे
मृतका मंगलावती के पति की लगभग पांच साल पहले मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद मंगलावती ही बड़ी बेटी नीतू के साथ बच्चे मनीषा (16), ज्ञानवती (09), हऊवा (14) व पुनीत (12) की परवरिश कर रही थी। लेकिन हादसे में मंगलावती, नीतू व ज्ञानवती की मौत के बाद तीनों बच्चे अब अकेले पड़ गए हैं। मनीषा, हऊवा व पुनीत इस हादसे को याद कर सिहर उठते हैं और उन्हें अभी भी हादसे में मां और बहनों को खोने का विश्वास नहीं हो रहा है।




हादसे के 36 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ, चालक पहुंच से दूर
भीषण सड़क हादसे के बाद जहां हर किसी की आंखें नम हुई और मुख्यमंत्री ने भी शोक संवेदना व्यक्त की, लेकिन हरदत्त नगर गिरंट पुलिस घटना के 36 घंटे बाद भी ट्रैक्टर चालक को नहीं पकड़ सकी। हरदत्त नगर गिरंट पुलिस की यह कार्यशैली भी चर्चा में बनी है। थाना प्रभारी महिमा नाथ उपाध्याय ने बताया कि अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। चालक की पहचान व तलाश की जा रही है।
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