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मानव तस्करी रोकने में एसएसबी का सहयोंग करें ग्रामीण
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जमुनहा (श्रावस्ती)। सशस्त्र सीमा बल 42वीं वाहिनी कोदिया के आउटपोस्ट सागर गांव की ओर से रविवार को सीमा क्षेत्र के बेलरी व लालबोझा दर्वेश गांव में कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें मौजूद जवानों ने मानव तस्करी रोकने के लिए ग्रामीणों से एसएसबी का सहयोग करने की अपील की।
सशस्त्र सीमा बल 42वीं वाहिनी कोदिया के आउट पोस्ट सागरगांव के प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से गरीब परिवार की बेटियों व किशोरों को नौकरी व रोजगार का लालच देकर मानव तस्कर महानगरों में ले जाकर बेच देते हैं। इससे जहां उनका बचपना छिन जाता है। वहीं न सिर्फ उन्हें बाल श्रमिक के रूप में कार्य करना पड़ता है। बल्कि किशोरियों व बालिकाओं को वैश्यावृत्ति जैसे घिनौने कार्य में भी लगा दिया जाता है। जिससे उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है।
मानव तस्करी को रोकथाम करने की जितनी जिम्मेदारी हमारी है। उससे कहीं अधिक आपकी। भारत नेपाल सीमा पर प्रचलन सतर्कता अभ्यास कर रही है। सशस्त्र सीमा बल एक बहुआयामी फोर्स है। बॉर्डर में जवानों का कार्यों का दायरा भी बहुत बड़ा है। इसके अतिरिक्त सशस्त्र सीमा बल मानव तस्करी को रोकने में अपना अमूल्य योगदान दे रही है। एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई की टीम भी भारत नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में सक्रिय है। साथ ही साथ 42वीं वाहिनी के जवान आपदा से राहत एवं बचाव के तौर तरीकों भी सिखा रहे हैं। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों को आपदा से बचने का अभ्यास भी कराया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, युवतियां व युवक मौजूद रहे।
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सशस्त्र सीमा बल 42वीं वाहिनी कोदिया के आउट पोस्ट सागरगांव के प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से गरीब परिवार की बेटियों व किशोरों को नौकरी व रोजगार का लालच देकर मानव तस्कर महानगरों में ले जाकर बेच देते हैं। इससे जहां उनका बचपना छिन जाता है। वहीं न सिर्फ उन्हें बाल श्रमिक के रूप में कार्य करना पड़ता है। बल्कि किशोरियों व बालिकाओं को वैश्यावृत्ति जैसे घिनौने कार्य में भी लगा दिया जाता है। जिससे उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है।
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मानव तस्करी को रोकथाम करने की जितनी जिम्मेदारी हमारी है। उससे कहीं अधिक आपकी। भारत नेपाल सीमा पर प्रचलन सतर्कता अभ्यास कर रही है। सशस्त्र सीमा बल एक बहुआयामी फोर्स है। बॉर्डर में जवानों का कार्यों का दायरा भी बहुत बड़ा है। इसके अतिरिक्त सशस्त्र सीमा बल मानव तस्करी को रोकने में अपना अमूल्य योगदान दे रही है। एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई की टीम भी भारत नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में सक्रिय है। साथ ही साथ 42वीं वाहिनी के जवान आपदा से राहत एवं बचाव के तौर तरीकों भी सिखा रहे हैं। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों को आपदा से बचने का अभ्यास भी कराया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, युवतियां व युवक मौजूद रहे।
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