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मानक विहीन स्कूलों की रद्द हो मान्यता
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श्रावस्ती। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के विरुद्ध वित्तविहीन प्रबंधक संघ ने आवाज उठाई है। रविवार को बैठक करके संघ ने कहा है कि अवैध रूप से चल रहे स्कूलों के विरुद्ध प्रशासन कार्रवाई करे। वहीं अभिभावकों की ओर से भी डीएम को एक पत्र भेजा गया है। जिसमें मानक विहीन स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई कर उनकी मान्यता रद्द करने की मांग की गई है।
कोविड के कारण लंबे अरसे से परिषदीय विद्यालय बंद थे। जिन्हें एक मार्च से खोलने की अनुमति सरकार ने दी है। इस दौरान स्कूल में कोविड प्रोटोकाल पूरा करने का भी निर्देश दिया गया है। इस निर्देश का पालन जिले में फिलहाल कहीं भी नहीं हो रहा है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश वित्तविहीन प्रबंधक संघ ने भी रविवार को बैठक करके एक शिकायती पत्र दिया है। जिसमें ब्लॉकवार ऐसे स्कूलों की सूची संलग्न की है जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। संघ की मांग है कि ऐसे स्कूलों को प्रशासन कार्रवाई करके बंद कराए।
वहीं दूसरी ओर अभिभावकों की ओर से डीएम को एक शिकायती पत्र भी भेजा गया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार से स्कूल खोलने की अनुमति मिलने के बाद प्राईवेट स्कूल कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन न करके मनमानी कर रहे हैं। किसी भी विद्यालय में न तो कोविड प्रोटोकाल के तहत बैठाया जा रहा है। और न ही सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। यहां तक कि अभिभावकों ने कहा है कि जो भी स्कूल जिले में मान्यता प्राप्त खुले हैं। वह मानक को पूर्ण नहीं कर रहे हैं। स्कूलों में खेल मैदान नहीं है। छत टपक रही है। कमरों का साइज छोटा है। शौचालय भी मानक के अनुसार नहीं है। यहां तक कि अधिकांश स्कूल बिल्डिंग का मानक भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इन स्कूलों की मान्यता रद्द कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में एडीएम योगानंद पांडेय बताते हैं कि सभी स्कूलों की जांच कराई जाएगी। यदि कहीं भी मानक के विरुद्ध कुछ भी पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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कोविड के कारण लंबे अरसे से परिषदीय विद्यालय बंद थे। जिन्हें एक मार्च से खोलने की अनुमति सरकार ने दी है। इस दौरान स्कूल में कोविड प्रोटोकाल पूरा करने का भी निर्देश दिया गया है। इस निर्देश का पालन जिले में फिलहाल कहीं भी नहीं हो रहा है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश वित्तविहीन प्रबंधक संघ ने भी रविवार को बैठक करके एक शिकायती पत्र दिया है। जिसमें ब्लॉकवार ऐसे स्कूलों की सूची संलग्न की है जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। संघ की मांग है कि ऐसे स्कूलों को प्रशासन कार्रवाई करके बंद कराए।
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वहीं दूसरी ओर अभिभावकों की ओर से डीएम को एक शिकायती पत्र भी भेजा गया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार से स्कूल खोलने की अनुमति मिलने के बाद प्राईवेट स्कूल कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन न करके मनमानी कर रहे हैं। किसी भी विद्यालय में न तो कोविड प्रोटोकाल के तहत बैठाया जा रहा है। और न ही सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। यहां तक कि अभिभावकों ने कहा है कि जो भी स्कूल जिले में मान्यता प्राप्त खुले हैं। वह मानक को पूर्ण नहीं कर रहे हैं। स्कूलों में खेल मैदान नहीं है। छत टपक रही है। कमरों का साइज छोटा है। शौचालय भी मानक के अनुसार नहीं है। यहां तक कि अधिकांश स्कूल बिल्डिंग का मानक भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इन स्कूलों की मान्यता रद्द कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में एडीएम योगानंद पांडेय बताते हैं कि सभी स्कूलों की जांच कराई जाएगी। यदि कहीं भी मानक के विरुद्ध कुछ भी पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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