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10वीं, 12वीं के नतीजे देख होनहारों के खिले चेहरे
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श्रावस्ती। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शनिवार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी कर दिया। इस दौरान जिले में कुल 16218 छात्र-छात्राएं हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के लिए पंजीकृत थे। इस बार मेरिट तय नही की गई है, अंकों को पूर्व की परीक्षाओं के आधार पर तैयार किया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाएं इस बार कोविड 19 के कारण नहीं चल पाई थीं। यही नहीं पहली बार ऐसा हुआ जब हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में बिना परीक्षा हुए ही रिजल्ट घोषित कर दिया गया हो। बिना परीक्षा आयोजन के ही घोषित रिजल्ट में भी जिले को शत-प्रतिशत सफलता नहीं प्राप्त हुई। इसका कारण था कि असफल छात्र बोर्ड के नियमों को पूरा नहीं कर पाए थे। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में इस वर्ष परीक्षा देने के लिए कुल 16218 छात्रों न पंजीकरण कराया था। इसमें से 9417 हाईस्कूल तो 6801 इंटरमीडिएट के छात्र थे।
16218 छात्र-छात्राएं हुए थे पंजीकृत
यूपी बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 16218 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हुए थे। इसमें से हाईस्कूल में 9417 विद्यार्थी थे। जिनमें 3553 छात्राएं हैं। वहीं इंटरमीडिएट में 6,801 छात्रों ने अपना नामांकन कराया था। इसमें 2,618 छात्राएं शामिल हैं।
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रिजल्ट देखने का नहीं दिखा उत्साह
जिस प्रकार पूरे वर्ष छात्रों में पढने का उत्साह ठंडा रहा। उसी प्रकार बोर्ड द्वारा जारी रिजल्ट को देखने के लिए उत्साह की कमी दिखाई दी। कंप्यूटर सेंटरों पर छात्रों की संख्या पिछले वर्ष के सापेक्ष कम रही।
रिजल्ट देखने के लिए रोल लंबर की रही तलाश
हाईस्कूल में पंजीकृत छात्रों का प्रैक्टिकल हो गया था। इसलिए उनका अनुक्रमांक उन्हें पहले से मालूम था। जिसके चलते उन्हें रिजल्ट देखने में आसानी रही। लेकिन इंटर मीडिएट के छात्रों के साथ ऐसा नहीं था। उनका रोल नंबर आवंटित कर स्कूलों को भेज दिया गया था। जो छात्र लाकडाउन के बाद स्कूल के संपर्क में रहे। उन्हें अपना रोल नंबर पता चल गया था। लेकिन जो छात्र संपर्क मे नहीं रहे। उन्हें रिजल्ट देखने के लिए पहले स्कूल जाना पड़ा। वहां से रोल नंबर लेने के बाद ही रिजल्ट देख पाए।
डिआईओएस कार्यालय भी रहा उदासीन
बोर्ड द्वारा रिजल्ट जारी करने के बाद जितनी उदासीनता रिजल्ट देखेने के लिए छात्रों की रही। उतनी ही उदासीनता डीआईओएस कार्यालय में देखने को मिली। यहां देर शाम तक कार्यालय यह भी बताने की स्थिति में नहीं हो कि जिले का कुल कितना प्रतिशत रिजल्ट आया। है। इस दौरान प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अमृत लाल वर्मा लोगों से यही कहते पाए गए कि अभी कार्यालय का नेट नहीं चल रहा। इसलिए मुझे जिले के रिजल्ट के बारे में कोदई जानकारी नहीं है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाएं इस बार कोविड 19 के कारण नहीं चल पाई थीं। यही नहीं पहली बार ऐसा हुआ जब हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में बिना परीक्षा हुए ही रिजल्ट घोषित कर दिया गया हो। बिना परीक्षा आयोजन के ही घोषित रिजल्ट में भी जिले को शत-प्रतिशत सफलता नहीं प्राप्त हुई। इसका कारण था कि असफल छात्र बोर्ड के नियमों को पूरा नहीं कर पाए थे। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में इस वर्ष परीक्षा देने के लिए कुल 16218 छात्रों न पंजीकरण कराया था। इसमें से 9417 हाईस्कूल तो 6801 इंटरमीडिएट के छात्र थे।
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16218 छात्र-छात्राएं हुए थे पंजीकृत
यूपी बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 16218 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हुए थे। इसमें से हाईस्कूल में 9417 विद्यार्थी थे। जिनमें 3553 छात्राएं हैं। वहीं इंटरमीडिएट में 6,801 छात्रों ने अपना नामांकन कराया था। इसमें 2,618 छात्राएं शामिल हैं।
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रिजल्ट देखने का नहीं दिखा उत्साह
जिस प्रकार पूरे वर्ष छात्रों में पढने का उत्साह ठंडा रहा। उसी प्रकार बोर्ड द्वारा जारी रिजल्ट को देखने के लिए उत्साह की कमी दिखाई दी। कंप्यूटर सेंटरों पर छात्रों की संख्या पिछले वर्ष के सापेक्ष कम रही।
रिजल्ट देखने के लिए रोल लंबर की रही तलाश
हाईस्कूल में पंजीकृत छात्रों का प्रैक्टिकल हो गया था। इसलिए उनका अनुक्रमांक उन्हें पहले से मालूम था। जिसके चलते उन्हें रिजल्ट देखने में आसानी रही। लेकिन इंटर मीडिएट के छात्रों के साथ ऐसा नहीं था। उनका रोल नंबर आवंटित कर स्कूलों को भेज दिया गया था। जो छात्र लाकडाउन के बाद स्कूल के संपर्क में रहे। उन्हें अपना रोल नंबर पता चल गया था। लेकिन जो छात्र संपर्क मे नहीं रहे। उन्हें रिजल्ट देखने के लिए पहले स्कूल जाना पड़ा। वहां से रोल नंबर लेने के बाद ही रिजल्ट देख पाए।
डिआईओएस कार्यालय भी रहा उदासीन
बोर्ड द्वारा रिजल्ट जारी करने के बाद जितनी उदासीनता रिजल्ट देखेने के लिए छात्रों की रही। उतनी ही उदासीनता डीआईओएस कार्यालय में देखने को मिली। यहां देर शाम तक कार्यालय यह भी बताने की स्थिति में नहीं हो कि जिले का कुल कितना प्रतिशत रिजल्ट आया। है। इस दौरान प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अमृत लाल वर्मा लोगों से यही कहते पाए गए कि अभी कार्यालय का नेट नहीं चल रहा। इसलिए मुझे जिले के रिजल्ट के बारे में कोदई जानकारी नहीं है।