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किसानों को दिया सब्जी नर्सरी का प्रशिक्षण
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श्रावस्ती। कृषि विज्ञान केंद्र भिनगा द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत किसानों को सब्जियों की नर्सरी के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इसकी शुरूआत सोमवार को आईटीआई भिनगा सभागार में हुई।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने कहा कि हमें स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 400 ग्राम सब्जियों की आवश्यकता होती है। जिससे हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है। सब्जियों में विटामिन व खनिज लवण प्रचुर मात्रा मेें पाए जाते हैं। वर्तमान समय में देखा जाए तो जिले में सब्जियों के पौध की नर्सरी नहीं है। ऐसे में प्रवासी श्रमिक सब्जियों की नर्सरी तैयार कर उसे बेचकर अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं।
लोटनल पाली हाउस में रूट ट्रेनर में कई प्रकार की सब्जियां तैयार की जा सकती हैं। इसमें शिमला मिर्च, टमाटर, बैगन, गोभी आदि शामिल है। जिसे बाजार में बेचकर पैसा कमाया जा सकता है। डॉ. विनय ने नर्सरी उत्पाद के लिए उन्नतशील प्रजातियों, बीजोपचार व पाली हाउस से नर्सरी उत्पादन की तकनीक पर विस्तार से जानकारी दी।
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वहीं, डॉ. उमेश कुमार ने सब्जी की नर्सरी में पोषण प्रबंधन व खरपतवारी निस्तारण के बारे में जानकारी दी। इस दौरान किसानों को चित्रों के माध्यम से जैविक बीजों की नर्सरी उत्पादन के बारे में जानकारी दी गई। दिग्विजय नाथ त्रिपाठी ने नर्सरी में रोग व कीट प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर 35 प्रवासी किसान मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने कहा कि हमें स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 400 ग्राम सब्जियों की आवश्यकता होती है। जिससे हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है। सब्जियों में विटामिन व खनिज लवण प्रचुर मात्रा मेें पाए जाते हैं। वर्तमान समय में देखा जाए तो जिले में सब्जियों के पौध की नर्सरी नहीं है। ऐसे में प्रवासी श्रमिक सब्जियों की नर्सरी तैयार कर उसे बेचकर अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं।
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लोटनल पाली हाउस में रूट ट्रेनर में कई प्रकार की सब्जियां तैयार की जा सकती हैं। इसमें शिमला मिर्च, टमाटर, बैगन, गोभी आदि शामिल है। जिसे बाजार में बेचकर पैसा कमाया जा सकता है। डॉ. विनय ने नर्सरी उत्पाद के लिए उन्नतशील प्रजातियों, बीजोपचार व पाली हाउस से नर्सरी उत्पादन की तकनीक पर विस्तार से जानकारी दी।
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वहीं, डॉ. उमेश कुमार ने सब्जी की नर्सरी में पोषण प्रबंधन व खरपतवारी निस्तारण के बारे में जानकारी दी। इस दौरान किसानों को चित्रों के माध्यम से जैविक बीजों की नर्सरी उत्पादन के बारे में जानकारी दी गई। दिग्विजय नाथ त्रिपाठी ने नर्सरी में रोग व कीट प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर 35 प्रवासी किसान मौजूद रहे।