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Shravasti News: कृषि-पर्यावरण के नवाचारों से रूबरू हुए प्रशिक्षु
Fri, 30 Oct 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:41 PM IST
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श्रावस्ती। समग्र शिक्षा योजना के तहत शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण प्रदर्शनी एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। डायट प्राचार्य राम प्रताप सिंह दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में शिक्षकों और प्रशिक्षु शिक्षकों ने नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए। इसमें जैविक खेती, मृदा संरक्षण, आधुनिक कृषि, श्रीअन्न की खेती, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे प्रमुख विषय शामिल रहे।
डायट प्राचार्य राम प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कृषि और पर्यावरण से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। जैविक खेती मिट्टी के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में युवा पीढ़ी को आधुनिकता से दूर रहकर जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। कृषि वैज्ञानिक राम भरोसे वर्मा ने कहा कि श्रावस्ती जैसे कृषि प्रधान जिले में ऐसे आयोजन किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होंगे। किसानों को मृदा परीक्षण और जल संरक्षण की तकनीक अपनानी चाहिए। प्रदर्शनी में जैविक खेती, मिट्टी के प्रकार, मृदा संरक्षण, पारंपरिक व आधुनिक कृषि के मॉडल प्रस्तुत किए गए।
जल संरक्षण, रसोई बागवानी, औषधीय पौधों और प्रदूषण नियंत्रण पर भी जानकारी दी गई। ड्रोन तकनीक से छिड़काव और मृदा परीक्षण किट जैसे अत्याधुनिक मॉडल भी दिखाए गए। मेरा हरित संकल्प मॉडल भी प्रदर्शित किया गया। इस दौरान डायट प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार, दिव्य प्रताप, इमरान अहमद, रवि प्रताप सिंह, अमित कुमार पाठक, रेनू यादव, ईश्वर चन्द्र विद्यासागर, ओम प्रकाश यादव, विनीत कुमार सिंह, कनिष्ठ सहायक धर्मेन्द्र कुमार, आशीष कुमार, शिक्षक राजेश मणि आदि मौजूद रहे।
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डायट प्राचार्य राम प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कृषि और पर्यावरण से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। जैविक खेती मिट्टी के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में युवा पीढ़ी को आधुनिकता से दूर रहकर जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। कृषि वैज्ञानिक राम भरोसे वर्मा ने कहा कि श्रावस्ती जैसे कृषि प्रधान जिले में ऐसे आयोजन किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होंगे। किसानों को मृदा परीक्षण और जल संरक्षण की तकनीक अपनानी चाहिए। प्रदर्शनी में जैविक खेती, मिट्टी के प्रकार, मृदा संरक्षण, पारंपरिक व आधुनिक कृषि के मॉडल प्रस्तुत किए गए।
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जल संरक्षण, रसोई बागवानी, औषधीय पौधों और प्रदूषण नियंत्रण पर भी जानकारी दी गई। ड्रोन तकनीक से छिड़काव और मृदा परीक्षण किट जैसे अत्याधुनिक मॉडल भी दिखाए गए। मेरा हरित संकल्प मॉडल भी प्रदर्शित किया गया। इस दौरान डायट प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार, दिव्य प्रताप, इमरान अहमद, रवि प्रताप सिंह, अमित कुमार पाठक, रेनू यादव, ईश्वर चन्द्र विद्यासागर, ओम प्रकाश यादव, विनीत कुमार सिंह, कनिष्ठ सहायक धर्मेन्द्र कुमार, आशीष कुमार, शिक्षक राजेश मणि आदि मौजूद रहे।
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