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किसानों के समर्थन में हाईवे पर यातायात बंद कराया

Mon, 14 Dec 2020 10:29 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 10:29 PM IST
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Traffic stopped on highway in support of farmers
श्रावस्ती। कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया जबकि सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भिनगा बहराइच हाईवे जाम कर दिया। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पार्टी कार्यालय पर जुटे जिन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन सभागार ले जाया गया। कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
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कृषि कानून को लेकर चल रहे किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए भारतीय किसान यूनियन टिकैत अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाध्यक्ष राम स्वरूप वर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कानूनों को समाप्त करने व एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग को लेकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आरपी चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा।
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के जरिये एमएसपी से कम मूल्य पर उपज खरीदने वाले लाइसेंस प्राप्त संस्थाओं, व्यापारियों व एजेंसियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने व उनके लिए सात वर्ष कैद की सजा का प्राविधान करने की मांग की। इस दौरान शिवकुमार सिंह नायक, जुगुल किशोर मिश्र, ओमकार नाथ पटेल व सोम शर्मा सहित काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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किसान आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए सोमवार को सपा कार्यकर्ता भी सड़क पर उतर आए। इस दौरान भिनगा के खैरी मोड़ पर कार्यकर्ताओं ने पूर्व जिलाध्यक्ष जीतेंद्र यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन किया जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं सपा नेता अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भकला पुल पर हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों के लिए घातक हैं जिसे तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही एमएसपी को सभी क्षेत्रों में लागू किया जाए। इससे किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलेगा। यदि भविष्य में किसी प्रकार का कोई विवाद उत्पन्न हो तो एसडीएम के अलावा किसानों को यह विकल्प भी प्राप्त हो कि वह न्यायालय भी जा सकें।
सपा नेता अभिषेक मिश्रा ने कहा कि कान्ट्रैक्ट की अनुमति दिए जाने के उपरांत किसानों के लिए सुविधा जनक स्थानीय कृषि उत्पादन मार्केटिंग समिति कृषि मंडियों को वैधानिक सुरक्षा प्रदान की जाए। किसान हित में एमएस स्वामीनाथन की संस्तुतियों को मान्यता दिया जाए। यह कृषि नीति किसानों को बंधुओं मजदूरी की ओर ढकेल रहा है। किसान चाह कर भी भविष्य में इस कानून के होते हुए अपनी उपज नहीं बेच पाएगा। यदि खरीदार से विवाद हुआ तो केवल एसडीएम तक ही वह अपनी फरियाद सुना सकता है। ऐसे में किसान न्याय की उम्मीद कैसे कर सकता है।
वहीं खैरीमोड़ पर पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार चाहती है कि कृषि क्षेत्र भी कार्पोरेट के हाथों में चला जाए। इसीलिए कृषि कानून पूरी तरह से कार्पोरेट के हित को देख कर ही तैयार किया गया है। यह कानून लागू होने से देश में किसान वर्ग ही समाप्त हो जाएगा। सब कुछ कार्पोरेट के हाथ में चला जाएगा। इस कानून को बिना शर्त केंद्र सरकार को वापस लेना चाहिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने सपा नेताओं को कार्यकर्ताओं संग गिरफ्तार कर लिया। सभी को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार लाया गया। बाद में उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया।

उधर, किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता भिनगा-परसा मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय पर जुटे। इससे पहले कि कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करते, मौके पर पहुंची पुलिस ने जिलाध्यक्ष नसीम चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को पुलिस अपने साथ रिजर्व पुलिस लाइन ले गई व सभागार में निरुद्ध कर दिया। बाद में कार्यकर्ताओं को पुलिस ने निजी मुचलके पर छोड़ा।
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