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Shravasti News: टमाटर एक भाव अनेक, बरसात बना बहाना
Sun, 02 Jul 2023 05:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 02 Jul 2023 05:20 PM IST
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खरीदार व किसान बेहाल, दुकानदार हो रहे मालामाल
फोटो - 02, 03
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। भोजन का जायका बढ़ाने वाले टमाटर का भाव आसमान छू रहा है। जबकि इसे उगाने वाला किसान बेहाल है। वहीं मंडी में पहुंचने के बाद इसे अलग-अलग भाव में बेचा जा रहा है। जबकि मूल्य निर्धारण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
महंगाई ने गरीबों की थाली से अरहर की दाल पहले ही छीन लिया था। ऐसे में गरीब रोटी व टमाटर की सब्जी से काम चला रहे थे। वहीं अब टमाटर भी गरीबों की पहुंच से काफी दूर पहुंच गया है। अब तक 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला टमाटर का भाव अब सौ के पार जा चुका है। काफी समय से बरसात न होने, चिलचिलाती धूप व तपन के कारण टमाटर की पैदावार भी प्रभावित हुई है। ऐसे में मंडियों में टमाटर की आवक कम होने से इसके दामों में तेजी से इजाफा हुआ है।
एक तरफ जहां आढ़तिया जिले के किसानों से आज भी आधे-पौने दामों पर टमाटर खरीद रहे हैं। वहीं मंडी से ले जाने के बाद दुकानदार इसे मनमाने दाम में बेंच रहे हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है कि भिनगा नगर में ही अलग-अलग स्थानों पर टमाटर अलग-अलग भाव में बेचा जा रहा है। देखा जाए तो भिनगा नगर में जहां दुकानदार मंडी से 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम टमाटर खरीद रहे हैं। वहीं इसे ठेलों पर 90-100 रुपये में बेचा जा रहा है। जबकि नई बाजार व खलवा बाजार में दुकानदार 100 रुपये, ईदगाह पर 110, खैरी मोड़ पर 120 व कलेक्ट्रेट चौराहे पर खुलेआम टमाटर 140 रुपये किलोग्राम बिक रहा है।
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अधिकारी ही बढ़ा रहे भाव
भिनगा निवासी प्रमोद तिवारी का कहना है कि कलेक्ट्रेट चौराहे पर दोपहर बाद मुख्य मार्ग की पटरी पर सब्जी की दुकानें लगती हैं। यहां दुकानदार मंडी से सस्ते दामों में दोपहर बाद सब्जियां खरीद कर लाते हैं। जिसे ग्राहकों को खेत से लाकर बेचने की बात कहकर बाजार से महंगे भाव में बेचा जाता है। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसा ही कहना कुछ अन्य लोगों का भी है जो नगर में टमाटर सहित अन्य सब्जियों के लिए बढ़े भाव के लिए अधिकारियों को ही जिम्मेदार बता रहे है।
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फोटो - 02, 03
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। भोजन का जायका बढ़ाने वाले टमाटर का भाव आसमान छू रहा है। जबकि इसे उगाने वाला किसान बेहाल है। वहीं मंडी में पहुंचने के बाद इसे अलग-अलग भाव में बेचा जा रहा है। जबकि मूल्य निर्धारण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
महंगाई ने गरीबों की थाली से अरहर की दाल पहले ही छीन लिया था। ऐसे में गरीब रोटी व टमाटर की सब्जी से काम चला रहे थे। वहीं अब टमाटर भी गरीबों की पहुंच से काफी दूर पहुंच गया है। अब तक 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला टमाटर का भाव अब सौ के पार जा चुका है। काफी समय से बरसात न होने, चिलचिलाती धूप व तपन के कारण टमाटर की पैदावार भी प्रभावित हुई है। ऐसे में मंडियों में टमाटर की आवक कम होने से इसके दामों में तेजी से इजाफा हुआ है।
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एक तरफ जहां आढ़तिया जिले के किसानों से आज भी आधे-पौने दामों पर टमाटर खरीद रहे हैं। वहीं मंडी से ले जाने के बाद दुकानदार इसे मनमाने दाम में बेंच रहे हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है कि भिनगा नगर में ही अलग-अलग स्थानों पर टमाटर अलग-अलग भाव में बेचा जा रहा है। देखा जाए तो भिनगा नगर में जहां दुकानदार मंडी से 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम टमाटर खरीद रहे हैं। वहीं इसे ठेलों पर 90-100 रुपये में बेचा जा रहा है। जबकि नई बाजार व खलवा बाजार में दुकानदार 100 रुपये, ईदगाह पर 110, खैरी मोड़ पर 120 व कलेक्ट्रेट चौराहे पर खुलेआम टमाटर 140 रुपये किलोग्राम बिक रहा है।
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अधिकारी ही बढ़ा रहे भाव
भिनगा निवासी प्रमोद तिवारी का कहना है कि कलेक्ट्रेट चौराहे पर दोपहर बाद मुख्य मार्ग की पटरी पर सब्जी की दुकानें लगती हैं। यहां दुकानदार मंडी से सस्ते दामों में दोपहर बाद सब्जियां खरीद कर लाते हैं। जिसे ग्राहकों को खेत से लाकर बेचने की बात कहकर बाजार से महंगे भाव में बेचा जाता है। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसा ही कहना कुछ अन्य लोगों का भी है जो नगर में टमाटर सहित अन्य सब्जियों के लिए बढ़े भाव के लिए अधिकारियों को ही जिम्मेदार बता रहे है।