{"_id":"5efb5b308ebc3e42db6b0808","slug":"the-water-level-of-the-canal-has-stabilized-srawasti-news-lko528478361","type":"story","status":"publish","title_hn":"थमी बरसात तो स्थिर हुआ केन नाले का जलस्तर, दुश्वारी बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थमी बरसात तो स्थिर हुआ केन नाले का जलस्तर, दुश्वारी बरकरार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। तराई में विगत एक पखवारे से आए दिन हो रही बरसात से समूचा जिला पानी से तरबतर हो गया था। जगह जगह व्याप्त कीचड़ व जलभराव से निजात के लिए हर कोई मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहा था। सोमवार सुबह से ही मौसम पूरी तरह सामान्य नजर आया।
बरसात थमने से केन सहित अन्य पहाड़ी नालों का जलस्तर अब स्थिर हो गया है। इसके बावजूद भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण लोगों की दुश्वारियां बरकरार है। वहीं मंगलवार को खिली चटकीली धूप व पूर्वा हवा के कारण बढ़ी उमस से जनजीवन बेहाल हो रहा है। इसके विपरीत धूप व गर्मी की परवाह किए बगैर किसान अपने खेतों में धान की रोपाई करने में जुटे हुए हैं।
जिले में सोमवार सुबह से ही मौसम सामान्य बना हुआ है। एक पखवारा बाद बरसात थमने से लोगों ने राहत महसूस की। वहीं राप्ती के कछार में बसे गांव के लोगों को सता रहा बाढ़ का खतरा भी फिलहाल टल गया है। बरसात न होने के कारण भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाला सहित अन्य पहाड़ी नालों का जलस्तर भी अब स्थिर हो चुका है।
विज्ञापन
इससे आसपास बसे गांव के खेतों में कटान का खतरा टल गया है। वहीं इसके विपरीत केन नाले में आए उफान के कारण भिनगा जंगल अब भी पानी से लबालब है। जिसका बहाव भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर रेहली विशुनपुर के निकट अब भी तेज बना हुआ है। जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप है।
ऐसे में लोगों को डिप पार करने के लिए रस्से का सहारा लेना पड़ रहा है। उधर बरसात बाद खिली चटकीली धूप व पूर्वी हवा के कारण लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोग बेहाल नजर आए। वहंी इसके विपरीत मौसम सामान्य देख खेतों में पानी कम न हो इससे आशंकित किसान धूप व उमस की परवाह किए बगैर धान की रोपाई करने में लग गए हैं। कई स्थानों पर जहां खेत ऊंचे होने के कारण पानी कम होने लगा है वहां किसान पंपिंग सेट लगाकर धान की रोपाई करते देखे जा रहे हैं।
विज्ञापन
बरसात थमने से केन सहित अन्य पहाड़ी नालों का जलस्तर अब स्थिर हो गया है। इसके बावजूद भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण लोगों की दुश्वारियां बरकरार है। वहीं मंगलवार को खिली चटकीली धूप व पूर्वा हवा के कारण बढ़ी उमस से जनजीवन बेहाल हो रहा है। इसके विपरीत धूप व गर्मी की परवाह किए बगैर किसान अपने खेतों में धान की रोपाई करने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
जिले में सोमवार सुबह से ही मौसम सामान्य बना हुआ है। एक पखवारा बाद बरसात थमने से लोगों ने राहत महसूस की। वहीं राप्ती के कछार में बसे गांव के लोगों को सता रहा बाढ़ का खतरा भी फिलहाल टल गया है। बरसात न होने के कारण भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाला सहित अन्य पहाड़ी नालों का जलस्तर भी अब स्थिर हो चुका है।
विज्ञापन
इससे आसपास बसे गांव के खेतों में कटान का खतरा टल गया है। वहीं इसके विपरीत केन नाले में आए उफान के कारण भिनगा जंगल अब भी पानी से लबालब है। जिसका बहाव भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर रेहली विशुनपुर के निकट अब भी तेज बना हुआ है। जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप है।
ऐसे में लोगों को डिप पार करने के लिए रस्से का सहारा लेना पड़ रहा है। उधर बरसात बाद खिली चटकीली धूप व पूर्वी हवा के कारण लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोग बेहाल नजर आए। वहंी इसके विपरीत मौसम सामान्य देख खेतों में पानी कम न हो इससे आशंकित किसान धूप व उमस की परवाह किए बगैर धान की रोपाई करने में लग गए हैं। कई स्थानों पर जहां खेत ऊंचे होने के कारण पानी कम होने लगा है वहां किसान पंपिंग सेट लगाकर धान की रोपाई करते देखे जा रहे हैं।