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हुनर को मिली तकनीकि तो तीन गुना बढ़ा उत्पाद
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श्रावस्ती। कड़ी मेहनत के बाद भी अपेक्षित उत्पाद न हो पाने के कारण कार्य छोड़ रहे कुम्हारों को लोकल फार वोकल के तहत ग्रामोद्योग विभाग प्रोत्साहित कर रहा है। उनके हुनर को और निखारने के लिए न सिर्फ उन्हें प्रशिक्षण दिलाया गया, बल्कि उन्हें निशुल्क नवीन तकनीकि का सहारा भी प्रदान किया गया। इससे अब कई कुम्हारों का उत्पादन तीन गुना तक बढ़ चुका है। ऐसे में कुम्हारों ने गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दीपावली पर अधिक उत्पादन और सस्ते मिट्टी के दिए बेचने की तैयारी शुरू कर दी है।
दीपावली नजदीक आते ही कुम्हारों के घरों में चाक की रफ्तार तेज हो जाती है। इस कार्य में लगे लोग परिवार सहित दिन रात कड़ी मेहनत कर मिट्टी के दिए बनाने में जुटे रहते थे। इसमें उनकी ओर से औसतन प्रतिदिन 500 से 800 दिए ही तैयार हो पाते थे। इससे जहां उनकी माली हालत नहीं सुधर पा रही थी। वहीं इस कार्य में लगे लोग कुम्हारी छोड़ दूसरा रोजगार तलाश रहे थे।
जिन्हें फिर से उनके कार्य में स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल की मुहिम के तहत ग्रामोद्योग विभाग की ओर से कुम्हारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत न सिर्फ उन्हें दस दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया गया, बल्कि उन्हें इलेक्ट्रानिक चाक सहित टूल किट देकर उन्हें प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इससे जहां उनके उत्पाद में तीन गुना से अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं उनकी आमदनी भी कई गुना बढ़ गई है। जिसका असर इस वर्ष दीपावली पर देखने को मिलेगा, जब विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लोगों को कम मूल्य में अच्छे दिए मिलेंगे।
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मिट्टी के दीपकों की ओर बढ़ा रुझान
भारत चीन के बीच उपजे तनाव के साथ साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी रिश्ते कुछ तल्ख हुए हैं। इसका असर है कि इस वर्ष जिले की बाजारों से न सिर्फ चीन का सामान नदारद है, बल्कि इस बार चीन की इलेक्ट्रिक झालरें भी नहीं दिख रही हैं। ऐसे में लोगों का रुझान मिट्टी के दीपक की तरफ बढ़ रहा है। इसे देखते हुए मिट्टी के दीपक बनाने में लगे कुम्हार भी उत्साहित हैं। जिनके द्वारा कड़ी मेहनत कर ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के दीपक बनाए जा रहे हैं।
टूल किट में मिल रहे यह उपकरण
ग्रामोद्योग विभाग की ओर से कौशल उन्नयन के तहत कुम्हार परिवारों को प्रशिक्षण के दौरान निशुल्क टूल किट प्रदान किया जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रिक चाक, फावड़ा, थापा, लोहे का तसला, हथौड़ी, ब्लंजर, पगमिल, गैस भट्ठी, ताना मिल प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें प्रधान मंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत अपना रोजगार स्थापित करने के लिए ऋण भी मुहैया कराया जा रहा है। हाईस्कूल पास लाभार्थियों को अतिरिक्त ऋण भी दिलाया जा रहा है। इसके तहत जिले में अब तक 50 लोगों को रोजगार मिल चुका है। जिनकी आमदनी तीन गुना तक बढ़ी है।
कुम्हारी कला से जुड़े लोगों को लोकल फार वोकल के तहत आत्म निर्भर बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को दस दिवसीय प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही उन्हें 9951 रुपये के निशुल्क टूल किट भी दिया जा रहा है। आवश्यकता अनुरूप उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, ओडीओपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं से ऋण भी मुहैया कराया जा रहा है। यदि आवेदक हाईस्कूल पास है तो उसे अन्य योजनाओं से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
- जगतनारायण यादव, उपायुक्त उद्योग
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दीपावली नजदीक आते ही कुम्हारों के घरों में चाक की रफ्तार तेज हो जाती है। इस कार्य में लगे लोग परिवार सहित दिन रात कड़ी मेहनत कर मिट्टी के दिए बनाने में जुटे रहते थे। इसमें उनकी ओर से औसतन प्रतिदिन 500 से 800 दिए ही तैयार हो पाते थे। इससे जहां उनकी माली हालत नहीं सुधर पा रही थी। वहीं इस कार्य में लगे लोग कुम्हारी छोड़ दूसरा रोजगार तलाश रहे थे।
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जिन्हें फिर से उनके कार्य में स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल की मुहिम के तहत ग्रामोद्योग विभाग की ओर से कुम्हारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत न सिर्फ उन्हें दस दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया गया, बल्कि उन्हें इलेक्ट्रानिक चाक सहित टूल किट देकर उन्हें प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इससे जहां उनके उत्पाद में तीन गुना से अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं उनकी आमदनी भी कई गुना बढ़ गई है। जिसका असर इस वर्ष दीपावली पर देखने को मिलेगा, जब विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लोगों को कम मूल्य में अच्छे दिए मिलेंगे।
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मिट्टी के दीपकों की ओर बढ़ा रुझान
भारत चीन के बीच उपजे तनाव के साथ साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी रिश्ते कुछ तल्ख हुए हैं। इसका असर है कि इस वर्ष जिले की बाजारों से न सिर्फ चीन का सामान नदारद है, बल्कि इस बार चीन की इलेक्ट्रिक झालरें भी नहीं दिख रही हैं। ऐसे में लोगों का रुझान मिट्टी के दीपक की तरफ बढ़ रहा है। इसे देखते हुए मिट्टी के दीपक बनाने में लगे कुम्हार भी उत्साहित हैं। जिनके द्वारा कड़ी मेहनत कर ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के दीपक बनाए जा रहे हैं।
टूल किट में मिल रहे यह उपकरण
ग्रामोद्योग विभाग की ओर से कौशल उन्नयन के तहत कुम्हार परिवारों को प्रशिक्षण के दौरान निशुल्क टूल किट प्रदान किया जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रिक चाक, फावड़ा, थापा, लोहे का तसला, हथौड़ी, ब्लंजर, पगमिल, गैस भट्ठी, ताना मिल प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें प्रधान मंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत अपना रोजगार स्थापित करने के लिए ऋण भी मुहैया कराया जा रहा है। हाईस्कूल पास लाभार्थियों को अतिरिक्त ऋण भी दिलाया जा रहा है। इसके तहत जिले में अब तक 50 लोगों को रोजगार मिल चुका है। जिनकी आमदनी तीन गुना तक बढ़ी है।
कुम्हारी कला से जुड़े लोगों को लोकल फार वोकल के तहत आत्म निर्भर बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को दस दिवसीय प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही उन्हें 9951 रुपये के निशुल्क टूल किट भी दिया जा रहा है। आवश्यकता अनुरूप उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, ओडीओपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं से ऋण भी मुहैया कराया जा रहा है। यदि आवेदक हाईस्कूल पास है तो उसे अन्य योजनाओं से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
- जगतनारायण यादव, उपायुक्त उद्योग