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बसों की किल्लत बनेगा चुनावी मुद्दा
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श्रावस्ती। महानगरों सहित अन्य जिलों से आने वाले लोगों को 10 बजे रात के बाद बहराइच से भिनगा व अन्य क्षेत्रों के लिए कोई साधन नहीं है। आवागमन के संसाधनों का अभाव जिले के विकास में भी बाधक बना हुआ है। जिसे दूर करने के लिए जिला गठन के बाद से लगातार भिनगा में परिवहन डिपो स्थापित कराने की मांग हो रही है। जिस पर जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में यह मुद्दा इस बार चुनाव का प्रमुख मुद्दा होगा।
बहराइच से हरिहरपुररानी, गिलौला, इकौना, जमुनहा व सिरसिया ब्लॉक को काटकर 22 मई 1997 को श्रावस्ती जिले का गठन किया गया था। तब मात्र एक भिनगा तहसील थी। बाद में इकौना व जमुनहा तहसील का गठन किया गया। इन सभी ब्लॉक व तहसील मुख्यालयों में से सिरसिया को निर्विवाद छोड़ दिया जा तो भिनगा से जोड़ने के लिए अब तक कोई सीधी बस सेवा का संचालन नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को जिला व कचहरी संबंधित कार्यों के लिए दो से तीन गुना अधिक किराया देकर भिनगा आना पड़ता है। सीधी बस सेवा न होने से जहां समय व पैसे की बर्बादी होती है। वहीं बार-बार वाहन बदलने से लोगों को असुविधा भी होती है।
जिला गठन के साथ ही भिनगा में परिवहन निगम डिपो की स्थापना कराने व सभी तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों से भिनगा के लिए सीधी बस सेवा संचालन कराने की मांग की जा रही है। जिस पर न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। और न ही शासन व प्रशासन की ओर से इस पर ध्यान दिया जा रहा है। अपनी मांग पूरा कराने के लिए श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कई बार ज्ञापन भी सौंपा। इसके बावजूद समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ऐसे में जब विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है तो भिनगा में परिवहन डिपो व जिले के सभी तहसील व ब्लॉक मुख्यालय से भिनगा के लिए सीधी बस सेवा संचालन की मांग जोर पकड़ने लगी है। जिलेवासी इस बार भिनगा व श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र सहित बलरामपुर सदर, तुलसीपुर, बहराइच सदर व पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में इसे मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं।
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बहराइच से हरिहरपुररानी, गिलौला, इकौना, जमुनहा व सिरसिया ब्लॉक को काटकर 22 मई 1997 को श्रावस्ती जिले का गठन किया गया था। तब मात्र एक भिनगा तहसील थी। बाद में इकौना व जमुनहा तहसील का गठन किया गया। इन सभी ब्लॉक व तहसील मुख्यालयों में से सिरसिया को निर्विवाद छोड़ दिया जा तो भिनगा से जोड़ने के लिए अब तक कोई सीधी बस सेवा का संचालन नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को जिला व कचहरी संबंधित कार्यों के लिए दो से तीन गुना अधिक किराया देकर भिनगा आना पड़ता है। सीधी बस सेवा न होने से जहां समय व पैसे की बर्बादी होती है। वहीं बार-बार वाहन बदलने से लोगों को असुविधा भी होती है।
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जिला गठन के साथ ही भिनगा में परिवहन निगम डिपो की स्थापना कराने व सभी तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों से भिनगा के लिए सीधी बस सेवा संचालन कराने की मांग की जा रही है। जिस पर न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। और न ही शासन व प्रशासन की ओर से इस पर ध्यान दिया जा रहा है। अपनी मांग पूरा कराने के लिए श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कई बार ज्ञापन भी सौंपा। इसके बावजूद समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। ऐसे में जब विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है तो भिनगा में परिवहन डिपो व जिले के सभी तहसील व ब्लॉक मुख्यालय से भिनगा के लिए सीधी बस सेवा संचालन की मांग जोर पकड़ने लगी है। जिलेवासी इस बार भिनगा व श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र सहित बलरामपुर सदर, तुलसीपुर, बहराइच सदर व पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में इसे मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं।
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