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कटान से बची फसल को टिड्डी कर रहीं साफ
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श्रावस्ती। जिले के किसानों की परेशानी इस समय बढ़ गई है। एक ओर टिड्डी दल फसल को चट कर रहा है तो दूसरी ओर राप्ती तेजी से कटान कर रही है। इस तरह का नजारा गिलौला के मध्यनगर में देखा जा सकता है। जहां खेतों को राप्ती काट रही है वहीं बची फसल को टिट्टी दल चट कर रहा है।
किसान इस समय कठिन दौर से गुजर रहे है। उनकी फसल पर एक ओर से टिड्डी दल का हमला हो रहा है तो दूसरी ओर से राप्ती कटान करके पूरी फसल को अपने में समाहित कर रही है। इस तरह का नजारा गिलौला सहित अन्य क्षेत्रों में देखा जा सकता है। गिलौला के मध्यनगर में राप्ती नदी खेतों में कटान कर रही है।
नदी कटान करते हुए गांव के करीब आ चुकी है। इससे खेत में लगी धान सहित अन्य फसलें नदी की धारा में समाहित हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में विगत कुछ ही दिन में टिड्डी दल का दो बार हमला हो चुका है। जिसका असर धान व मक्के की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार गांव में शायद ही कोई काश्तकार ऐसा बचा हो जिसके खेत में फसल हो।
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नदी की बाढ़ और टिड्डियों के हमले में किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इस संबंध में उप निदेशक कृषि आरपी राना ने बताया कि अभी तक टिड्डी दल के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए कोई भी आदेश नहीं आया है, लेकिन कटान में हुए नुकसान की भरपाई आपादा प्रबंधन के तहत की जाती है।
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किसान इस समय कठिन दौर से गुजर रहे है। उनकी फसल पर एक ओर से टिड्डी दल का हमला हो रहा है तो दूसरी ओर से राप्ती कटान करके पूरी फसल को अपने में समाहित कर रही है। इस तरह का नजारा गिलौला सहित अन्य क्षेत्रों में देखा जा सकता है। गिलौला के मध्यनगर में राप्ती नदी खेतों में कटान कर रही है।
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नदी कटान करते हुए गांव के करीब आ चुकी है। इससे खेत में लगी धान सहित अन्य फसलें नदी की धारा में समाहित हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में विगत कुछ ही दिन में टिड्डी दल का दो बार हमला हो चुका है। जिसका असर धान व मक्के की फसल पर पड़ा है। किसानों के अनुसार गांव में शायद ही कोई काश्तकार ऐसा बचा हो जिसके खेत में फसल हो।
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नदी की बाढ़ और टिड्डियों के हमले में किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इस संबंध में उप निदेशक कृषि आरपी राना ने बताया कि अभी तक टिड्डी दल के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए कोई भी आदेश नहीं आया है, लेकिन कटान में हुए नुकसान की भरपाई आपादा प्रबंधन के तहत की जाती है।