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Shravasti News: बैराज पर प्रदर्शन कर खुलवाया गेट
Wed, 05 Apr 2023 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 05 Apr 2023 11:06 PM IST
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जमुनहा (श्रावस्ती)। राप्ती नहर में बाढ़ के दौरान पानी का दबाव कम करने के लिए कानी बोझी के निकट नहर को काटकर पानी निकाला गया था। जिसकी अब तक मरम्मत नहीं हुई। ऐसे में नहर में पानी का दबाव होने से अब यह पानी खेतों में भर रहा है।
इससे नाराज किसानों ने बुधवार को राप्ती बैराज पर प्रदर्शन किया। सूचना के बाद मुख्य नहर का गेट खुलवाया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हो गए और प्रदर्शन खत्म कर दिया।
नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात का पानी राप्ती बैराज पर रोका जाता है। वहां से इस पानी को राप्ती नदी सहित मुख्य राप्ती सरयू योजक नहर में छोड़ा जाता है। यहां से होकर यह पानी बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती व गोरखपुर तक जाता है।
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बरसात के दिनों में बैराज पर पानी के दबाव को देखते हुए नहर को खोला गया था। इसके बावजूद बैराज पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा था। जिसे देखते हुए जमुनहा के कानी बोझी के निकट नहर की पटरी को काट दिया गया था।
इससे बाढ़ का खतरा तो कम हो गया था। लेकिन नहर कटने से आसपास गांव के खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचा था। बरसात थमने के बाद अब तक नहर की पटरी की मरम्मत नहीं कराई गई। ऐसे में राप्ती परियोजना नहर से पानी को विभाजित करने से नहर का पानी खेतों में फैल रहा है।
इससे नाराज गजोबरी, मोहनपुर, इंदवा, टिकुईया, आकार, कानी बोझी, दयाली, बनगई आदि गांव के किसानों ने बुधवार राप्ती बैराज पर भाजपा नेता रणबीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
बाद में भाजपा नेता ने नहर विभाग के एसडीओ अशोक से फोन से बात की। उनके निर्देश के बाद राप्ती बैराज के मुख्य गेट नंबर एक को खोला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया है।
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इससे नाराज किसानों ने बुधवार को राप्ती बैराज पर प्रदर्शन किया। सूचना के बाद मुख्य नहर का गेट खुलवाया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हो गए और प्रदर्शन खत्म कर दिया।
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नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात का पानी राप्ती बैराज पर रोका जाता है। वहां से इस पानी को राप्ती नदी सहित मुख्य राप्ती सरयू योजक नहर में छोड़ा जाता है। यहां से होकर यह पानी बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती व गोरखपुर तक जाता है।
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बरसात के दिनों में बैराज पर पानी के दबाव को देखते हुए नहर को खोला गया था। इसके बावजूद बैराज पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा था। जिसे देखते हुए जमुनहा के कानी बोझी के निकट नहर की पटरी को काट दिया गया था।
इससे बाढ़ का खतरा तो कम हो गया था। लेकिन नहर कटने से आसपास गांव के खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचा था। बरसात थमने के बाद अब तक नहर की पटरी की मरम्मत नहीं कराई गई। ऐसे में राप्ती परियोजना नहर से पानी को विभाजित करने से नहर का पानी खेतों में फैल रहा है।
इससे नाराज गजोबरी, मोहनपुर, इंदवा, टिकुईया, आकार, कानी बोझी, दयाली, बनगई आदि गांव के किसानों ने बुधवार राप्ती बैराज पर भाजपा नेता रणबीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
बाद में भाजपा नेता ने नहर विभाग के एसडीओ अशोक से फोन से बात की। उनके निर्देश के बाद राप्ती बैराज के मुख्य गेट नंबर एक को खोला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया है।