फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   The crop being purchased for twelve hundred rupees per quintal

हजार-बारह सौ रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी जा रही फसल

Fri, 16 Oct 2020 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2020 10:51 PM IST
विज्ञापन
The crop being purchased for twelve hundred rupees per quintal
श्रावस्ती। जिले में गुरुवार से धान खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसके बावजूद धान क्रय केंद्रों का सन्नाटा टूटने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं दूसरी तरफ किसान आढ़तियों व बिचौलियों के हाथ औने-पौने दामों में अपनी गाढ़ी कमाई लुटाने को विवश देखे जा रहे हैं। उनके द्वारा किसानों से कहीं एक हजार रुपये तो कहीं बारह सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदारी की जा रही है।
विज्ञापन

तराई का मौसम इस बार किसानों पर मेहरबान रहा। समय-समय पर बारिश होने के कारण इस बार धान की पैदावार अच्छी रही। वहीं केंद्र सरकार द्वारा किसान बिल पास कर दिए जाने के बाद से किसानों को अपनी उपज कहीं भी बेचने की छूट भी मिल गई है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा धान खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। इसके बावजूद जिले के किसान परेशान हैं। इसका कारण किसानों को तत्काल पैसे की आवश्यकता बताया जा रहा है।
विज्ञापन

देखा जाए तो जिले में गुरुवार से धान क्रय केंद्रों पर खरीद प्रारंभ हो चुकी है जबकि हकीकत कुछ अलग ही है। एक तरफ जहां ज्यादातर धान क्रय केंद्रों पर अभी बोरे नहीं पहुंचे, वहीं कई केंद्र अब भी बंद हैं। ऐसे में किसान रवी की तैयारी के लिए जल्द से जल्द अपनी धान की उपज बेच देना चाहते हैं। इसके चलते किसानों को न चाहते हुए भी बिचौलियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिचौलिए किसानों से आधे-पौने दाम पर धान खरीद रहे हैं। आढ़ती व बिचौलिए किसानों के धान में थोथा व नमी होने की बात कह अतिरिक्त रूप से कटौती कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को 1868 रुपये प्रति क्विंटल के स्थान पर अपनी उपज हजार रुपये से लेकर 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचनी पड़ रही है। इससे जहां बिचौलिए व आढ़ती मालामाल हो रहे हैं, वहीं किसान अपनी गाढ़ी कमाई को लुटता देख परेशान है।
भिनगा के खैरीमोड़ के आसपास तीन आढ़तियों का डेरा है जो किसानों का धान हजार से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। शुक्रवार को धान बेचने आए रामतीरथ ने बताया कि उन्होंने इस बार हाईब्रिड बीज का प्रयोग किया था जिसे आढ़ती ने एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। आढ़ती द्वारा धान में थोथा व नमी अधिक होने की बात कह कटौती की गई है।
वहीं किसान शकील ने बताया कि उनके धान की खरीद 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की गई लेकिन नमी व धूल के साथ ही थोथा व तौलाई के नाम पर कटौती भी की गई। ऐसा ही कहना किसान राधेश्याम व सुभाष का भी रहा। इनका धान 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया लेकिन नमी व धूल के साथ ही थोथा व तौलाई के नाम पर कटौती के बाद देखा जाए तो उन्हें 1050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही पैसा मिल सका।

अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे ने बताया कि सभी धान क्रय केंद्रों पर बोरे भेजे जा चुके हैं। रही बात बिचौलियों व आढ़तियों की तो किसानों को चाहिए कि वे अपनी उपज धान क्रय केंद्र पर ही बेचें। संबंधित एसडीएम को भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। यदि बिचौलिए कम पैसे में धान की खरीद कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed