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Shravasti News: कैडेटों ने भैसाही नाका और तपोस्थली का किया भ्रमण
Wed, 12 Nov 2025 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:35 AM IST
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श्रावस्ती/कटरा। सिरसिया क्षेत्र के बनवारी देवी अशोक कुमार स्मारक महाविद्यालय में आठ दिवसीय ऑल इंडिया ट्रैकिंग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के तीसरे दिन मंगलवार को 51वीं यूपी एनसीसी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल के निर्देशन में कैडेटों ने तपोस्थली श्रावस्ती व भैसाही नाका का भ्रमण किया।
ट्रैकिंग के दौरान सूबेदार नंद सिंह के नेतृत्व में गुजरात निदेशालय के कैडेट्स ने बुद्ध की तपोस्थली का भ्रमण कर इतिहास की जानकारी ली। इस दौरान महामांकोल छाय धम्मा डिवोटेड लैंड वर्ल्ड पीसफुल सेंटर श्रावस्ती में कैडेट्स को विभिन्न प्रकार के ध्यान लगवाकर उसके लाभ बताए गए।
इसके बाद डॉ. वांगकोड सिंधीपाल ने कहा कि आप अपने विचारों को बदलें, निश्चित रूप से ये विचार आपके जीवन को बदल देंगे। मनुष्य अपने जन्म और कुल से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से शूद्र व पंडित होता है।
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इसी क्रम में बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख ग्रुप के कैडेटों के साथ भैसाही नाके का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि भैसाही नाका सुहेलवा वन्यजीव अभयारण्य के निकट स्थित होने के कारण प्राकृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र भाबर-तराई पारिस्थितिकी तंत्र का एक हिस्सा है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि यह अभयारण्य लगभग 452 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और नेपाल की सीमा से सटा है। इससे यह एक बड़ा ट्रांस-बाउंड्री वन परिदृश्य बनाता है। यहां की प्राकृतिक वन संपदा में मुख्य रूप से साल, आसन, खैर, टीक, शीशम व जामुन सहित अन्य औषधीय वृक्ष पाए जाते हैं।
इस मौके पर एडम ऑफिसर कर्नल अनुराग गंजवार, सूबेदार मेजर विनय घोष, सूबेदार अशोक, सुबिक गुरुंग व बीएचएम रजनीश आदि मौजूद रहे।
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ट्रैकिंग के दौरान सूबेदार नंद सिंह के नेतृत्व में गुजरात निदेशालय के कैडेट्स ने बुद्ध की तपोस्थली का भ्रमण कर इतिहास की जानकारी ली। इस दौरान महामांकोल छाय धम्मा डिवोटेड लैंड वर्ल्ड पीसफुल सेंटर श्रावस्ती में कैडेट्स को विभिन्न प्रकार के ध्यान लगवाकर उसके लाभ बताए गए।
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इसके बाद डॉ. वांगकोड सिंधीपाल ने कहा कि आप अपने विचारों को बदलें, निश्चित रूप से ये विचार आपके जीवन को बदल देंगे। मनुष्य अपने जन्म और कुल से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से शूद्र व पंडित होता है।
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इसी क्रम में बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख ग्रुप के कैडेटों के साथ भैसाही नाके का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि भैसाही नाका सुहेलवा वन्यजीव अभयारण्य के निकट स्थित होने के कारण प्राकृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र भाबर-तराई पारिस्थितिकी तंत्र का एक हिस्सा है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि यह अभयारण्य लगभग 452 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और नेपाल की सीमा से सटा है। इससे यह एक बड़ा ट्रांस-बाउंड्री वन परिदृश्य बनाता है। यहां की प्राकृतिक वन संपदा में मुख्य रूप से साल, आसन, खैर, टीक, शीशम व जामुन सहित अन्य औषधीय वृक्ष पाए जाते हैं।
इस मौके पर एडम ऑफिसर कर्नल अनुराग गंजवार, सूबेदार मेजर विनय घोष, सूबेदार अशोक, सुबिक गुरुंग व बीएचएम रजनीश आदि मौजूद रहे।