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Shravasti News: पूरे दिन कोहरे की चादर में लिपटा रहा तराई क्षेत्र
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भिनगा स्थित रोडवेज बस स्टैंड में ठंड से कांपते लोग
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। तराई में नए वर्ष का पहला दिन ठंडा रहा। देर रात शुरू हुआ घने कोहरे का दौर पूरे दिन जारी रहा। आर्द्रता बढ़ने के कारण जहां कोहरा बूंद बन कर बरसता रहा। वहीं सर्द पछुआ हवा से बढ़ी गलन के कारण ठिठुरन बरकरार रही। पूरे दिन धूप न निकलने व अवकाश होने के कारण लोग घरों में दुबके रहे। इस बीच प्रशासन की ओर से राहत के व्यापक इंतजाम न किए जाने के कारण लोगों को ठंड से कंपकंपाते देखा गया।
तराई में मौसम का मिजाज नव वर्ष की पूर्व संध्या पर अचानक बदल गया। शाम को शुरू हुआ घने कोहरे का दौर रविवार पूरे दिन जारी रहा। इस बीच आर्द्रता बढ़ कर 71 प्रतिशत पहुंच जाने के कारण कोहरा बूंद बनकर बरसता रहा। घने कोहरे के कारण जहां वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा। वहीं पूरे दिन सूरज न निकलने के कारण लोग ठंड से बेहाल रहे।
इस बीच करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पश्चिमोत्तर बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन काफी बढ़ गई। इससे राहत के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। रविवार को मौसम का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में इंसान ही नहीं जीव जंतु भी ठंड से बेहाल देखे गए। रविवार को अवकाश होने के कारण जहां लोगों ने घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। वहीं ठंड से बेहाल राहगीरों को भी राहत के लिए मार्ग किनारे पड़े कूड़े को एकत्र कर जलाते देखा गया।
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वहीं प्रशासन की ओर से तमाम दावे के बाद भी प्रमुख स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को ठंड से बेहाल देखा गया। इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विनय ने बताया कि अभी तापमान में और गिरावट हो सकती है। ऐसे में किसानों व पशुपालकों को चाहिए कि वह एहतियात बरतें।
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तराई में मौसम का मिजाज नव वर्ष की पूर्व संध्या पर अचानक बदल गया। शाम को शुरू हुआ घने कोहरे का दौर रविवार पूरे दिन जारी रहा। इस बीच आर्द्रता बढ़ कर 71 प्रतिशत पहुंच जाने के कारण कोहरा बूंद बनकर बरसता रहा। घने कोहरे के कारण जहां वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा। वहीं पूरे दिन सूरज न निकलने के कारण लोग ठंड से बेहाल रहे।
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इस बीच करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पश्चिमोत्तर बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन काफी बढ़ गई। इससे राहत के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। रविवार को मौसम का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में इंसान ही नहीं जीव जंतु भी ठंड से बेहाल देखे गए। रविवार को अवकाश होने के कारण जहां लोगों ने घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। वहीं ठंड से बेहाल राहगीरों को भी राहत के लिए मार्ग किनारे पड़े कूड़े को एकत्र कर जलाते देखा गया।
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वहीं प्रशासन की ओर से तमाम दावे के बाद भी प्रमुख स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों को ठंड से बेहाल देखा गया। इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विनय ने बताया कि अभी तापमान में और गिरावट हो सकती है। ऐसे में किसानों व पशुपालकों को चाहिए कि वह एहतियात बरतें।