{"_id":"5f3ff7f88ebc3e3cfc6c432a","slug":"temple-doors-closed-after-worship-srawasti-news-lko536159316","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूजन के बाद बंद किए मंदिर के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूजन के बाद बंद किए मंदिर के कपाट
विज्ञापन
श्रावस्ती। कजरी तीज पर इस बार शुक्रवार को शिवालय सूने सूने रहे। सिरसिया के विभूतिनाथ सहित जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में पंडित पुरोहित व प्रबंधक द्वारा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर मंदिर का कपाट बंद कर दिया गया। वहीं प्रमुख शिवालयों पर लोगों की भीड़ न जुटे इसके लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। वहीं विभूतिनाथ मंदिर पर स्वयं एसपी दल बल के साथ मौजूद रहे।
इस बार कजरी तीज पर ऐसा पहली बार हुआ जब जिले के प्रमुख शिवालय बंद रहे। प्रशासन द्वारा शांति समितियों की बैठक कर लोगों को पहले ही शिवालयों पर कजरीतीज मेले का आयोजन न होने देने, कांवड़ यात्रा न निकालने तथा जलाभिषेक के लिए न जाने की नसीहत दी गई थी। इसके चलते शुक्रवार को कजरी तीज पर इकौना के सीताद्वार झील सहित राप्ती नदी के तट सूने दिखे।
इतना ही नहीं बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों व शिवभक्तों के न जाने के कारण मुख्य मार्ग पर सन्नाटा छाया रहा। सिरसिया के पांडवकालीन विभूतिनाथ मंदिर पर महंत सहित पांच लोगों द्वारा बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर मंदिर के कटाप बंद कर दिए गए। जहां भोर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
विज्ञापन
साथ ही मंदिर के महंत से मिल कर जानकारी ली गई। इस दौरान उन्होंने वहां तैनात पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ क्षेत्राधिकारी नगर हौसला प्रसाद, क्षेत्राधिकारी इकौना तारकेश्वर पांडेय व प्रभारी निरीक्षक सिरसिया मनोज पांडे मौजूद रहे। यही हाल गिलौला के झारखंडी नाथ महादेव मंदिर, शिव मंदिर व सदाशिव मंदिर का भी रहा। जहां भक्तों के लिए मंदिर के कपाट बंद थे। यहां आने वाले शिवभक्तों को मंदिर के बाहर ही जल व बेलपत्र आदि अर्पण किया गया।
सुहागिनों ने निर्जला व्रत रख की गौरी गणेश की आराधना
कजरी तीज पर सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखा। जिनके द्वारा तीन अलग अलग प्रहर में देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक कर गौरी व गणेश का पूजन कर अखंड सुहाग की कामना की गई। जिनके द्वारा देर रात व्रत का पारन कर फलाहार किया गया। इससे पूर्व उनके द्वारा सुहाग में प्रयुक्त होने वाले सिंदूर बिंदी चूड़ी आदि दान भी किया गया।
विज्ञापन
इस बार कजरी तीज पर ऐसा पहली बार हुआ जब जिले के प्रमुख शिवालय बंद रहे। प्रशासन द्वारा शांति समितियों की बैठक कर लोगों को पहले ही शिवालयों पर कजरीतीज मेले का आयोजन न होने देने, कांवड़ यात्रा न निकालने तथा जलाभिषेक के लिए न जाने की नसीहत दी गई थी। इसके चलते शुक्रवार को कजरी तीज पर इकौना के सीताद्वार झील सहित राप्ती नदी के तट सूने दिखे।
विज्ञापन
इतना ही नहीं बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों व शिवभक्तों के न जाने के कारण मुख्य मार्ग पर सन्नाटा छाया रहा। सिरसिया के पांडवकालीन विभूतिनाथ मंदिर पर महंत सहित पांच लोगों द्वारा बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर मंदिर के कटाप बंद कर दिए गए। जहां भोर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
विज्ञापन
साथ ही मंदिर के महंत से मिल कर जानकारी ली गई। इस दौरान उन्होंने वहां तैनात पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ क्षेत्राधिकारी नगर हौसला प्रसाद, क्षेत्राधिकारी इकौना तारकेश्वर पांडेय व प्रभारी निरीक्षक सिरसिया मनोज पांडे मौजूद रहे। यही हाल गिलौला के झारखंडी नाथ महादेव मंदिर, शिव मंदिर व सदाशिव मंदिर का भी रहा। जहां भक्तों के लिए मंदिर के कपाट बंद थे। यहां आने वाले शिवभक्तों को मंदिर के बाहर ही जल व बेलपत्र आदि अर्पण किया गया।
सुहागिनों ने निर्जला व्रत रख की गौरी गणेश की आराधना
कजरी तीज पर सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखा। जिनके द्वारा तीन अलग अलग प्रहर में देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक कर गौरी व गणेश का पूजन कर अखंड सुहाग की कामना की गई। जिनके द्वारा देर रात व्रत का पारन कर फलाहार किया गया। इससे पूर्व उनके द्वारा सुहाग में प्रयुक्त होने वाले सिंदूर बिंदी चूड़ी आदि दान भी किया गया।