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सड़क हादसे में उपनिरीक्षक की मौत
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श्रावस्ती : हादसे में मृत उपनिरीक्षक शंभूनाथ उपाध्याय। (फाइल फोटो)
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। मल्हीपुर क्षेत्र में रविवार रात वांछित अपराधी को पकड़ने के लिए दबिश देने गए लक्ष्मनपुर चौकी प्रभारी की लौटते समय सुजानडीह गांव के पास दीवार से कार टकराने से मौत हो गई। हादसे में कार सवार दो अन्य युवक भी घायल हो गए। दोनों को संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। वहीं, हादसे की जानकारी के बाद जिले के कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन की।
भिनगा कोतवाली की लक्ष्मनपुर चौकी के प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय रविवार रात मल्हीपुर क्षेत्र में किसी वांछित अपराधी को पकड़ने के लिए दबिश देने निजी कार से गए थे। हर्षित सिंह नामक युवक कार चला रहा था। इस दौरान उनके साथ सिरसिया क्षेत्र का रवि सिंह भी था। दबिश के बाद देर रात करीब 11 बजे वह भिनगा लौट रहे थे। तभी गिरंट मार्ग पर सुजानडीह गांव में कार बेकाबू होकर सलीम के घर की दीवार से टकरा गई।
हादसे में चौकी प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय की मौके पर ही मौत हो गई। वह कार में चालक के बगल वाली सीट पर बैठे थे। हादसे की जानकारी पाकर तत्काल मौके पर पहुंचे मल्हीपुर थाना प्रभारी दद्दन सिंह ने कार में फंसे हर्षित सिंह व रवि सिंह को एंबुलेंस से संयुक्त जिला चिकित्सालय भेजा।
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वहीं, मामले की जानकारी एसपी सहित अन्य अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे एसपी ने मामले की जानकारी लेने के साथ ही चौकी प्रभारी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, सुल्तानपुर में शंभूनाथ उपाध्याय के घर हादसे की सूचना भेजी गई। इस बारे में पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि सड़क हादसे में चौकी प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय की मौत हुई है। ये हादसा नितांत दुखद है।
लक्ष्मनपुर चौकी प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय मूल रूप से सुल्तानपुर जनपद के पकड़ी कला पोस्ट कोथरा कला, थाना चांदा के रहने वाले थे। उनके पिता गंगा प्रसाद उपाध्याय कृषक थे। शंभूनाथ उपाध्याय की 1990 में सिपाही के पद पर पुलिस महकमे में भर्ती हुई थी। आठ फरवरी 2016 को उन्होंने विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करके उपनिरीक्षक पद हासिल किया था। जिसके कुछ ही दिन बाद चार मार्च 2016 को उनकी तैनाती श्रावस्ती जनपद में उपनिरीक्षक पद पर हुई थी। इस दौरान उन्होंने जिले के कई थाने व चौकियों में अपनी सेवाएं दीं।
तेजतर्रार के साथ ही वह आम लोगों के लिए मृदुभाषी थे। इस वजह से वह जहां भी जाते थे, लोकप्रिय हो जाते थे। रविवार रात सड़क हादसे में उनकी मौत से साथी पुलिसकर्मियों में शोक की लहर है। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम कराकर उनके पार्थिव शरीर को सम्मान देने के लिए पुलिस लाइन में रखा गया। जहां एसपी अरविंद कुमार मौर्या, सीओ भिनगा हौसला प्रसाद व सीओ इकौना एमपी शर्मा ने उन्हें अंतिम सलामी व कंधा दिया।
इस दौरान वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं। एसपी अरविंद कुमार मौर्या ने बताया कि उपनिरीक्षक के शव को उनके बड़े पुत्र व बड़े भाई लेने आए थे। उन्हीं के साथ सम्मान गारद व पार्थिव शरीर को उनके के पैतृक गांव भेजा गया है। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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भिनगा कोतवाली की लक्ष्मनपुर चौकी के प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय रविवार रात मल्हीपुर क्षेत्र में किसी वांछित अपराधी को पकड़ने के लिए दबिश देने निजी कार से गए थे। हर्षित सिंह नामक युवक कार चला रहा था। इस दौरान उनके साथ सिरसिया क्षेत्र का रवि सिंह भी था। दबिश के बाद देर रात करीब 11 बजे वह भिनगा लौट रहे थे। तभी गिरंट मार्ग पर सुजानडीह गांव में कार बेकाबू होकर सलीम के घर की दीवार से टकरा गई।
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हादसे में चौकी प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय की मौके पर ही मौत हो गई। वह कार में चालक के बगल वाली सीट पर बैठे थे। हादसे की जानकारी पाकर तत्काल मौके पर पहुंचे मल्हीपुर थाना प्रभारी दद्दन सिंह ने कार में फंसे हर्षित सिंह व रवि सिंह को एंबुलेंस से संयुक्त जिला चिकित्सालय भेजा।
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वहीं, मामले की जानकारी एसपी सहित अन्य अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे एसपी ने मामले की जानकारी लेने के साथ ही चौकी प्रभारी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, सुल्तानपुर में शंभूनाथ उपाध्याय के घर हादसे की सूचना भेजी गई। इस बारे में पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि सड़क हादसे में चौकी प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय की मौत हुई है। ये हादसा नितांत दुखद है।
लक्ष्मनपुर चौकी प्रभारी शंभूनाथ उपाध्याय मूल रूप से सुल्तानपुर जनपद के पकड़ी कला पोस्ट कोथरा कला, थाना चांदा के रहने वाले थे। उनके पिता गंगा प्रसाद उपाध्याय कृषक थे। शंभूनाथ उपाध्याय की 1990 में सिपाही के पद पर पुलिस महकमे में भर्ती हुई थी। आठ फरवरी 2016 को उन्होंने विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करके उपनिरीक्षक पद हासिल किया था। जिसके कुछ ही दिन बाद चार मार्च 2016 को उनकी तैनाती श्रावस्ती जनपद में उपनिरीक्षक पद पर हुई थी। इस दौरान उन्होंने जिले के कई थाने व चौकियों में अपनी सेवाएं दीं।
तेजतर्रार के साथ ही वह आम लोगों के लिए मृदुभाषी थे। इस वजह से वह जहां भी जाते थे, लोकप्रिय हो जाते थे। रविवार रात सड़क हादसे में उनकी मौत से साथी पुलिसकर्मियों में शोक की लहर है। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम कराकर उनके पार्थिव शरीर को सम्मान देने के लिए पुलिस लाइन में रखा गया। जहां एसपी अरविंद कुमार मौर्या, सीओ भिनगा हौसला प्रसाद व सीओ इकौना एमपी शर्मा ने उन्हें अंतिम सलामी व कंधा दिया।
इस दौरान वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं। एसपी अरविंद कुमार मौर्या ने बताया कि उपनिरीक्षक के शव को उनके बड़े पुत्र व बड़े भाई लेने आए थे। उन्हीं के साथ सम्मान गारद व पार्थिव शरीर को उनके के पैतृक गांव भेजा गया है। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।