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गड्ढा मुक्ति का आधा काम भी नहीं हुआ पूरा
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श्रावस्ती। जिले में मार्गों को गड्ढा मुक्त करने की रफ्तार बहुत धीमी है। अब तक लक्ष्य का आधा भी गड्ढा मुक्त नहीं हो सका है। वहीं, बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए मार्गों का सर्वे कराकर इसकी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। स्वीकृति मिलने व धनराशि जारी होने के बाद ही काम प्रारंभ हो सकेगा।
लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले में 378.99 किलोमीटर मार्ग को गड्ढा मुक्त कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई गई। अब ठेकेदारों के माध्यम से इन मार्गों को गड्ढा मुक्त कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से पंद्रह नवंबर तक हर हाल में मार्ग को गड्ढा मुक्त कराने का सख्त फरमान जारी किया गया है। अब तक मात्र 167.19 किलोमीटर ही मार्ग को गड्ढा मुक्त कराया जा सका है। रात में मार्ग को गड्ढा मुक्त करने में तापमान भी आड़े आ रहा है। यदि यह काम रात में कराया गया तो तारकोल ठंडा हो जाने के कारण सड़क के खराब होने का खतरा रहता है। ऐसे में मात्र 11 दिन में 211.80 किलोमीटर मार्ग गड्ढा मुक्त होगा। वहीं, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके हरित निर्धारित समयावधि में लक्ष्य को पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
बाढ़ के कारण जिले में 163.48 किलोमीटर मुख्य व संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस दौरान 26 पुल व पुलिया भी क्षतिग्रस्त हुईं थीं। इसमें बौद्ध परिपथ, फोरलेन व भिनगा जमुनहा मार्ग सहित अन्य प्रमुख व संपर्क मार्ग शामिल हैं। इनका भी प्रस्ताव तैयार कर लोक निर्माण विभाग ने डीएम के माध्यम से शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने व पैसा जारी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम दो से ढाई माह का समय लग सकता है। ऐसे में जिलेवासियों को कड़ाके की ठंड व घने कोहरे के बीच गड्ढा युक्त मार्ग पर ही सफर करना पड़ेगा।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले में 378.99 किलोमीटर मार्ग को गड्ढा मुक्त कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई गई। अब ठेकेदारों के माध्यम से इन मार्गों को गड्ढा मुक्त कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से पंद्रह नवंबर तक हर हाल में मार्ग को गड्ढा मुक्त कराने का सख्त फरमान जारी किया गया है। अब तक मात्र 167.19 किलोमीटर ही मार्ग को गड्ढा मुक्त कराया जा सका है। रात में मार्ग को गड्ढा मुक्त करने में तापमान भी आड़े आ रहा है। यदि यह काम रात में कराया गया तो तारकोल ठंडा हो जाने के कारण सड़क के खराब होने का खतरा रहता है। ऐसे में मात्र 11 दिन में 211.80 किलोमीटर मार्ग गड्ढा मुक्त होगा। वहीं, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसके हरित निर्धारित समयावधि में लक्ष्य को पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
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बाढ़ के कारण जिले में 163.48 किलोमीटर मुख्य व संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस दौरान 26 पुल व पुलिया भी क्षतिग्रस्त हुईं थीं। इसमें बौद्ध परिपथ, फोरलेन व भिनगा जमुनहा मार्ग सहित अन्य प्रमुख व संपर्क मार्ग शामिल हैं। इनका भी प्रस्ताव तैयार कर लोक निर्माण विभाग ने डीएम के माध्यम से शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने व पैसा जारी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम दो से ढाई माह का समय लग सकता है। ऐसे में जिलेवासियों को कड़ाके की ठंड व घने कोहरे के बीच गड्ढा युक्त मार्ग पर ही सफर करना पड़ेगा।
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