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सामने आई हकीकत : अतिकुपोषित 9373 व कुपोषित बच्चे 15758
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श्रावस्ती। जिले में कुपोषण की स्थिति गंभीर है। अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 9373 तो कुपोषितों की संख्या 15758 है। इसका खुलासा मासिक समीक्षा बैठक में सीडीओ के सामने हुआ।
बाल विकास परियोजना के आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। पता चला कि है बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जिले के अधिकारियों ने 80 ग्राम पंचायतों के आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। प्रत्येक जनप्रतिनिधि ने भी तीन-तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। इसके बावजूद स्थिति में कोई भी परिवर्तन देखने को नहीं मिला।
समीक्षा के दौरान सीडीओ अनुभव सिंह ने पाया कि वर्ष 2021-22 में 17 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाना था जिनमें से 15 केंद्रों का ही कार्य प्रारंभ हो सका। सितंबर माह में 22 बच्चे ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराए जा सके। बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने किया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी इकौना रोहित, पीडी इंद्रपाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक संत प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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बाल विकास परियोजना के आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। पता चला कि है बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जिले के अधिकारियों ने 80 ग्राम पंचायतों के आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। प्रत्येक जनप्रतिनिधि ने भी तीन-तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। इसके बावजूद स्थिति में कोई भी परिवर्तन देखने को नहीं मिला।
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समीक्षा के दौरान सीडीओ अनुभव सिंह ने पाया कि वर्ष 2021-22 में 17 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाना था जिनमें से 15 केंद्रों का ही कार्य प्रारंभ हो सका। सितंबर माह में 22 बच्चे ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराए जा सके। बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने किया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी इकौना रोहित, पीडी इंद्रपाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक संत प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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