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..तो कॉलेज व अस्पताल के पास खड़े होंगे ट्रक
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श्रावस्ती। राजकीय बालिका इंटर कालेज से कुछ दूरी पर ही ट्रक को मार्ग किनारे खड़ा करने का स्थान बनाया जा रहा है। निर्माण स्थल से ही कुछ ही दूरी पर माध्यमिक शिक्षा विभाग का गर्ल्स हॉस्टल, अस्पताल व पुलिस लाइन है। ऐसे में इसको लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज की है। विभाग इस निर्माण पर पुनर्विचार को तैयार है।
नगर में नो एंट्री के समय बाहर से आने वाले ट्रकों को सड़क किनारे खड़े होने व ड्राइवरों को रहने के लिए ट्रक स्थान बनाया जाता है। यह राष्ट्रीय व राजकीय राजमार्ग के किनारे बनाया जाता है। जिले में करीब 20 लाख रुपये प्रति ले बाए (ट्रक को मार्ग के किनारे खड़ा करने का स्थान) निर्माण में नियमों को लोक निर्माण विभाग ने किनारे कर दिया। पहले तो इस ले बाए का निर्माण नगर सीमा के अंतर्गत नहीं होना चाहिए। इसे हॉस्टल, अस्पताल व आबादी से भी दूर होना चाहिए। लेकिन इस ट्रक ले बाए का निर्माण राजकीय बालिका इंटर कालेज से मात्र कुछ दूरी पर किया जा रहा है। कुछ दूरी पर ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय है तो सामने की ओर पुलिस लाइन है, जहां महिला आरक्षियों के साथ ही पुलिस कर्मियों का परिवार भी रहता है।
दूसरी ओर निर्माणाधीन ले बाए नगरीय सीमा में है। यहां से भी इन सब स्थानों की दूरी आधा किलोमीटर से कम है। ऐसे में इस ले बाए के बाद ड्राइवर व उनके साथ रहने वाले कर्मचारियों व ट्रक के आवागमन से यहां आने वाली छात्राएं व आसपास के लोग कितना सुरक्षित होंगे, इसको लेकर लोगों में संशय की स्थित है। लोगों का कहना है कि अभी भिनगा नगर का विकास हो ही रहा है। आबादी धीरे धीरे फैल रही है। ऐसे में पुलिस लाइन, स्कूल, अस्पताल से इतना नजदीक ट्रक ले बाए बनाना उचित नहीं है।
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ले बाए का निर्माण सड़क किनारे ही किया जाता है। इसमें 70 मीटर लंबाई व 50 मीटर दोनों और रैंप बनाए जाते हैं। चौड़ाई सात मीटर होती है। निर्माण पर बीस लाख रुपये की लागत आती है। जिले में दो ट्रक ले बाए बनाने का टेंडर कुछ दिन पूर्व हुआ था। छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा अहम है। इसलिए स्कूल के बगल बन रहे ले बाए पर विचार किया जाएगा।
- एसके हरित अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी
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नगर में नो एंट्री के समय बाहर से आने वाले ट्रकों को सड़क किनारे खड़े होने व ड्राइवरों को रहने के लिए ट्रक स्थान बनाया जाता है। यह राष्ट्रीय व राजकीय राजमार्ग के किनारे बनाया जाता है। जिले में करीब 20 लाख रुपये प्रति ले बाए (ट्रक को मार्ग के किनारे खड़ा करने का स्थान) निर्माण में नियमों को लोक निर्माण विभाग ने किनारे कर दिया। पहले तो इस ले बाए का निर्माण नगर सीमा के अंतर्गत नहीं होना चाहिए। इसे हॉस्टल, अस्पताल व आबादी से भी दूर होना चाहिए। लेकिन इस ट्रक ले बाए का निर्माण राजकीय बालिका इंटर कालेज से मात्र कुछ दूरी पर किया जा रहा है। कुछ दूरी पर ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय है तो सामने की ओर पुलिस लाइन है, जहां महिला आरक्षियों के साथ ही पुलिस कर्मियों का परिवार भी रहता है।
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दूसरी ओर निर्माणाधीन ले बाए नगरीय सीमा में है। यहां से भी इन सब स्थानों की दूरी आधा किलोमीटर से कम है। ऐसे में इस ले बाए के बाद ड्राइवर व उनके साथ रहने वाले कर्मचारियों व ट्रक के आवागमन से यहां आने वाली छात्राएं व आसपास के लोग कितना सुरक्षित होंगे, इसको लेकर लोगों में संशय की स्थित है। लोगों का कहना है कि अभी भिनगा नगर का विकास हो ही रहा है। आबादी धीरे धीरे फैल रही है। ऐसे में पुलिस लाइन, स्कूल, अस्पताल से इतना नजदीक ट्रक ले बाए बनाना उचित नहीं है।
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ले बाए का निर्माण सड़क किनारे ही किया जाता है। इसमें 70 मीटर लंबाई व 50 मीटर दोनों और रैंप बनाए जाते हैं। चौड़ाई सात मीटर होती है। निर्माण पर बीस लाख रुपये की लागत आती है। जिले में दो ट्रक ले बाए बनाने का टेंडर कुछ दिन पूर्व हुआ था। छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा अहम है। इसलिए स्कूल के बगल बन रहे ले बाए पर विचार किया जाएगा।
- एसके हरित अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी