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सीमावर्ती इलाकों में सड़कों का जाल बिछा रहा नेपाल
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श्रावस्ती। नोमेंस लैंड से सटे सीमावर्ती इलाकों में नेपाल सड़कों का जाल बिछा रहा है। सामरिक तौर पर 24 सड़कों के बन रहे इस अघोषित कॉरिडोर से देश की सुरक्षा में सेंधमारी का खतरा बढ़ जाने की आशंका है। यह सड़कें सिकटा बैराज, काठमांडू, रांझा एयरपोर्ट समेत कई बड़े शहरों को जोड़ेंगी। हालांकि इनके बन जाने से नेपाल के साथ व्यापार-कारोबार के लिए नए रास्ते खुलने के साथ ही श्रावस्ती भी नेपाल से सीधे जुड़ जाएगा।
भारत नेपाल सीमा पर अल्पसंख्यकों की आबादी बीते कुछ दशकों में 35 से 40 फीसदी तक बढ़ गई है। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले ही परेशान है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि भारत नेपाल सीमा से सटे इलाके में बनने वाली यह नेपाली सड़कें सुरक्षा के लिए नई मुसीबत खड़ी करेगी। इससे सुरक्षा का मुद्दा व्यापार पर भारी पड़ेगा। अभी तक सीमावर्ती श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच में से केवल बहराइच ही एक ऐसा जिला है, जहां से नेपाल आने जाने का सीधा वैधानिक रास्ता है।
श्रावस्ती से नेपाल जाने के लिए कोई अधिकृत रास्ता नहीं है। यहां नेपाल को जोड़ने के लिए केवल जंगली रास्ते व खेत ही है। यहां सुरक्षा के लिए एसएसबी की भी तैनात है। एसएसबी अफसरों का कहना है कि सीमा क्षेत्र से लगभग 24 नए रास्ते नेपालगंज व उसके अन्य बड़े शहरों से जुड़ जाने से आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों को भी देश में घुसपैठ करने के कई सुगम और आसान रास्ते मिल जाएंगे। इसका खामियाजा सुरक्षा में सेंधमारी के बतौर सभी को भुगतना पड़ सकता है।
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नेपाल सरकार द्वारा भारतीय सीमा क्षेत्र गंगापुर से मात्र 500 मीटर दूर नेपाल के पिपराहवा नेपालगंज मार्ग पर गंधौली नाला के पास से एक लिंक रोड का निर्माण कराया जा रहा है। यह लिंक रोड इलाके को सीधे नेपाल के रांझा एयरपोर्ट से जोडे़गी। इससे काठमांडू से आने जाने वाले लोग कुछ ही घंटों में बहराइच व श्रावस्ती बिना किसी विशेष जांच के ही पहुंच जाएंगे। एसडीएम कमलेश कुमार का कहना है कि भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा के लिए एसएसबी तैनात है। सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली हर छोटी बड़ी घटना पर एसएसबी के आला अफसरों द्वारा पूरी नजर रखी जा रही है।
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भारत नेपाल सीमा पर अल्पसंख्यकों की आबादी बीते कुछ दशकों में 35 से 40 फीसदी तक बढ़ गई है। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले ही परेशान है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि भारत नेपाल सीमा से सटे इलाके में बनने वाली यह नेपाली सड़कें सुरक्षा के लिए नई मुसीबत खड़ी करेगी। इससे सुरक्षा का मुद्दा व्यापार पर भारी पड़ेगा। अभी तक सीमावर्ती श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच में से केवल बहराइच ही एक ऐसा जिला है, जहां से नेपाल आने जाने का सीधा वैधानिक रास्ता है।
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श्रावस्ती से नेपाल जाने के लिए कोई अधिकृत रास्ता नहीं है। यहां नेपाल को जोड़ने के लिए केवल जंगली रास्ते व खेत ही है। यहां सुरक्षा के लिए एसएसबी की भी तैनात है। एसएसबी अफसरों का कहना है कि सीमा क्षेत्र से लगभग 24 नए रास्ते नेपालगंज व उसके अन्य बड़े शहरों से जुड़ जाने से आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों को भी देश में घुसपैठ करने के कई सुगम और आसान रास्ते मिल जाएंगे। इसका खामियाजा सुरक्षा में सेंधमारी के बतौर सभी को भुगतना पड़ सकता है।
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नेपाल सरकार द्वारा भारतीय सीमा क्षेत्र गंगापुर से मात्र 500 मीटर दूर नेपाल के पिपराहवा नेपालगंज मार्ग पर गंधौली नाला के पास से एक लिंक रोड का निर्माण कराया जा रहा है। यह लिंक रोड इलाके को सीधे नेपाल के रांझा एयरपोर्ट से जोडे़गी। इससे काठमांडू से आने जाने वाले लोग कुछ ही घंटों में बहराइच व श्रावस्ती बिना किसी विशेष जांच के ही पहुंच जाएंगे। एसडीएम कमलेश कुमार का कहना है कि भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा के लिए एसएसबी तैनात है। सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली हर छोटी बड़ी घटना पर एसएसबी के आला अफसरों द्वारा पूरी नजर रखी जा रही है।