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गैंगस्टर कोर्ट में गवाह को जान से मारने की दी धमकी
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श्रावस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय पर सोमवार को गैंगस्टर एक्ट में गवाही देने आए गवाह को आरोपियों द्वारा धमकी दी गई। इसकी शिकायत के बाद एडीजे एफटीसी ने कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिखा है। साथ ही न्यायालय में सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट व अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह के न्यायालय पर सोमवार को रफीक शाह एक मुकदमे में गवाही देने आया था। इस दौरान न्यायालय पर सरकारी वकील उपस्थित नहीं थे। तभी मामले में वांछित आरोपियों द्वारा गवाह रफीक शाह को अपने पक्ष में गवाही देने या फिर गवाही न देने के लिए कहा गया। साथ ही ऐसा न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। जिस मामले में रफीक शाह गवाही देने आया था, वह पत्रावली सरकार बनाम रामकृपाल आदि काफी पुराना मुकदमा था। जिसकी शिकायत गवाह द्वारा विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट व अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह से की गई। शिकायत के बाद एडीजे ने गवाह को पुलिस अभिरक्षा में उसके घर भेजने का आदेश दिया।
साथ ही इस मामले में एडीजे ने डीएम नेहा प्रकाश को एक पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि न्यायालय में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। यदि किसी गवाह को जानमाल की क्षति होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। चूकि डीएम अभियोजन प्रमुख हैं। इसलिए आप अभियोजन अधिकारी को निर्देशित करें कि वह साक्ष्य के समय न्यायालय में उपस्थित रहे और न्यायालय की कार्रवाई में भाग लें। इसके साथ ही उन्होंने डीएम को यह निर्देश दिया कि साक्षियों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। गैंगस्टर न्यायालय पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाए, ताकि गवाहों को धमकी न मिले।
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विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट व अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह के न्यायालय पर सोमवार को रफीक शाह एक मुकदमे में गवाही देने आया था। इस दौरान न्यायालय पर सरकारी वकील उपस्थित नहीं थे। तभी मामले में वांछित आरोपियों द्वारा गवाह रफीक शाह को अपने पक्ष में गवाही देने या फिर गवाही न देने के लिए कहा गया। साथ ही ऐसा न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। जिस मामले में रफीक शाह गवाही देने आया था, वह पत्रावली सरकार बनाम रामकृपाल आदि काफी पुराना मुकदमा था। जिसकी शिकायत गवाह द्वारा विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट व अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह से की गई। शिकायत के बाद एडीजे ने गवाह को पुलिस अभिरक्षा में उसके घर भेजने का आदेश दिया।
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साथ ही इस मामले में एडीजे ने डीएम नेहा प्रकाश को एक पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि न्यायालय में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। यदि किसी गवाह को जानमाल की क्षति होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। चूकि डीएम अभियोजन प्रमुख हैं। इसलिए आप अभियोजन अधिकारी को निर्देशित करें कि वह साक्ष्य के समय न्यायालय में उपस्थित रहे और न्यायालय की कार्रवाई में भाग लें। इसके साथ ही उन्होंने डीएम को यह निर्देश दिया कि साक्षियों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। गैंगस्टर न्यायालय पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाए, ताकि गवाहों को धमकी न मिले।
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