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स्कूल भिजवाए जाएं होटल व ढाबों पर काम करने वाले बच्चे
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श्रावस्ती। जिले में संचालित होटलों, ढाबों व ईट भट्ठों पर काम करने वाले बच्चों को चिह्नित कर स्कूल भिजवाया जाए। यह निर्देश जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा ने दिया। वह सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बाल संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने बैठक में मौजूद जिला प्रोवेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी ब्लाक व ग्राम स्तर पर गठित बाल संरक्षण समितियों की त्रैमासिक बैठक का आयोजन नियमित तौर पर किया जाए। इस दौरान होटल, भट्ठों व ढाबों पर काम करने वाले बच्चों को चिन्हित कर उन्हें स्कूल भिजवाने के इंतजाम किए जाए। डीपीओ ने बताया कि जिले के भी ब्लाक व ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समिति का गठन हो चुका है। बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के लंबित प्रकरणों पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए सदस्यों से लंबित वादों को शीघ्र निपटाने को कहा। बाल श्रम के मामले में श्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि होटलों, भट्ठों, ढाबों पर काम करने वाले बच्चों को चिन्हित कर मजदूरी से मुक्त कराने के साथ ही ऐसे बच्चों का प्रवेश विद्यालयों में कराया जाए ताकि व शिक्षा प्राप्त कर सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने जिले को बाल विवाह से मुक्त कराने के लिए सभी संबद्ध विभागीय अफसरों के स्तर पर आपसी समन्वय के साथ जिला, ब्लाक व ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने को भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) की समीक्षा में बताया गया कि इसके तहत अब तक 34 बच्चों को चिन्हित कर उन्हें मार्च तक प्रति माह चार हजार की दर से भुगतान भी कराया जा चुका है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक केसी गोस्वामी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने बैठक में मौजूद जिला प्रोवेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी ब्लाक व ग्राम स्तर पर गठित बाल संरक्षण समितियों की त्रैमासिक बैठक का आयोजन नियमित तौर पर किया जाए। इस दौरान होटल, भट्ठों व ढाबों पर काम करने वाले बच्चों को चिन्हित कर उन्हें स्कूल भिजवाने के इंतजाम किए जाए। डीपीओ ने बताया कि जिले के भी ब्लाक व ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समिति का गठन हो चुका है। बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के लंबित प्रकरणों पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए सदस्यों से लंबित वादों को शीघ्र निपटाने को कहा। बाल श्रम के मामले में श्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि होटलों, भट्ठों, ढाबों पर काम करने वाले बच्चों को चिन्हित कर मजदूरी से मुक्त कराने के साथ ही ऐसे बच्चों का प्रवेश विद्यालयों में कराया जाए ताकि व शिक्षा प्राप्त कर सके।
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जिला पंचायत अध्यक्ष ने जिले को बाल विवाह से मुक्त कराने के लिए सभी संबद्ध विभागीय अफसरों के स्तर पर आपसी समन्वय के साथ जिला, ब्लाक व ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने को भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) की समीक्षा में बताया गया कि इसके तहत अब तक 34 बच्चों को चिन्हित कर उन्हें मार्च तक प्रति माह चार हजार की दर से भुगतान भी कराया जा चुका है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक केसी गोस्वामी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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