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यूक्रेन से लौटे छात्र के चेहरे पर दिख रही दहशत
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श्रावस्ती। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गया एक छात्र बुधवार को सकुशल अपने घर पहुंच गया। दूसरे के बृहस्पतिवार को घर पहुंच जाने की उम्मीद है। इस बीच छह छात्र अभी भी पोलैंड और बेलारूस की सीमा पर फंसे हुए हैं। दो अभी भी मेडिकल कॉलेज के बंकर में शरण लिए हुए हैं। जिन्हें बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। घर पहुंचे युवक ने वहां के हालात के बारे में बताया तो उसके चेहरे पर युद्ध दहशत साफ नजर आ रही थी।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जिले के आठ छात्र फंस गये थे। इनमें से एक बच्चा बुधवार को सकुशल वापस आ गया। वहां के ताजा हालात के बारे में घर पहुंचे मुर्तजा पुत्र निसार अहमद निवासी कुन्ननपुर भिनगा देहात में रुंधे गले से बताया कि भारत सरकार की सार्थक पहल से ही वह अपने घर पहुंच पाया है। युद्ध के बाद यूक्रेन में स्थानीय नागरिकों में भगदड़ की स्थिति है। स्थानीय नागरिक भी पोलैंड बार्डर पर एकत्र हैं। जिसके चलते वहां खाने-पीने तक की समस्या हो गई है। अब अधिकांश लोग बेलारूस बॉर्डर की ओर जा रहे हैं। कई शहरों में सब कुछ बंद है। चारों तरफ भगदड़ व दहशत का माहौल है। लेकिन भारतीय छात्रों के साथ यूक्रेन व रूस दोनों देशों की सेनाएं सहानुभूति रख रहीं हैं। दोनों देशों की सेनाओं से उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। लेकिन बॉर्डर पर पहुंचा हर छात्र जल्द से जल्द अपने घर पहुंचाना चाहता है।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जिले के आठ छात्र फंस गये थे। इनमें से एक बच्चा बुधवार को सकुशल वापस आ गया। वहां के ताजा हालात के बारे में घर पहुंचे मुर्तजा पुत्र निसार अहमद निवासी कुन्ननपुर भिनगा देहात में रुंधे गले से बताया कि भारत सरकार की सार्थक पहल से ही वह अपने घर पहुंच पाया है। युद्ध के बाद यूक्रेन में स्थानीय नागरिकों में भगदड़ की स्थिति है। स्थानीय नागरिक भी पोलैंड बार्डर पर एकत्र हैं। जिसके चलते वहां खाने-पीने तक की समस्या हो गई है। अब अधिकांश लोग बेलारूस बॉर्डर की ओर जा रहे हैं। कई शहरों में सब कुछ बंद है। चारों तरफ भगदड़ व दहशत का माहौल है। लेकिन भारतीय छात्रों के साथ यूक्रेन व रूस दोनों देशों की सेनाएं सहानुभूति रख रहीं हैं। दोनों देशों की सेनाओं से उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। लेकिन बॉर्डर पर पहुंचा हर छात्र जल्द से जल्द अपने घर पहुंचाना चाहता है।
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