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एक माह में ही उखड़ने लगी चार करोड़ से बनी सड़क

Sun, 30 Jan 2022 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 10:48 PM IST
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Road made of four crores started crumbling in a month
तुलसीपुर (श्रावस्ती)। बीबीएससी हुसैनपुर खुरहुरी से बहराइच मल्हीपुर मार्ग अपना निर्माण अवधि भी पूरा नहीं कर पाया। तीन करोड़ 99 लाख 4 हजार की लागत से बनी यह सड़क निर्माण के एक माह के अंदर ही टूट कर बिखर गई। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़क में कई कमियां देखने को मिल रही हैं। एक माह के अंदर ही सड़क उखड़ने से नाराज ग्रामीण इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से कर रहे हैं।
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जमुपहा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बीबीएससी हुसैनपुर खुरहुरी से बहराइच मल्हीपुर मार्ग तक 6.417 किलोमीटर सड़क का निर्माण जनवरी माह में कराया गया था। इस सड़क के निर्माण के लिए 24 मार्च 2021 से लेकर 23 मई 2022 तक का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन सड़क जनवरी माह में ही बन कर तैयार हो गई। तीन करोड़ 99 लाख चार हजार की लागत से बनी यह सड़क अपने निर्माण के समय से ही मानकविहीन काम के लिए स्थानीय लोगों के शिकायत का कारण बनी रही। निर्माण के समय ही स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार सड़क के मानक को लेकर शिकायत की थी लेकिन विभाग के अधिकारी हमेशा इस सड़क को गुणवत्ता पूर्ण होने का दावा करते रहे। निर्माण कार्य पूरा हुए अभी एक माह भी नहीं हुआ कि सड़क जगह-जगह से टूटने लगी। यह सड़क ककंधू मोड़, चौगोई, पुरखीपुरवा सहित कई अन्य स्थानों पर टूट चुकी है। सड़क की ऊपरी परत खत्म होकर नीचे की परते दिखने लगी है। सड़क टूटने के बाद कई और अनियमितता खुल कर सामने आई हैं।
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सड़क निर्माण प्राकलन के मुताबिक सड़क पर टेंक कोट 6853 लीटर पड़ना चाहिए था। लेकिन जैसे-जैसे सड़क टूट रही है वैसे-वैसे यह दिखाई दे रहा है कि सड़क पर टेंक कोट है ही नहीं। सड़क पर मिट्टी व बड़े साइज के पत्थर दिखने लगे हैं। यहां देखने से ही लगता है कि टेंक कोट डाला ही नहीं गया। जबकि स्टीमेट में प्राइमर कोट में 21189 लीटर का प्राविधान किया गया था। लेकिन टूटने के स्थान पर दिख रही सूखी सड़क यह बता रही है कि इस पर शायद ही इस्तेमाल हुआ है। अब सड़क अपना अस्तित्व खो चुकी है तो विभाग कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है। जबकि ग्रामीण निर्माण के समय से ही अनियमितता की जानकारी देने के बावजूद सड़क की गुणवत्ता न सुधरने को लेकर नाराज हैं। इसकी शिकायत उच्चधिकारियों से की गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कराने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस संबंध में अधिशासी अभियंता प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एसके हरित बताते हैं कि हो सकता है कि बरसात के कारण सड़क टूट गई हो, दिखवाता हूं।
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