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Shravasti News: जांच परखकर ही कीटनाशकों की करें खरीदारी
Thu, 02 Jul 2026 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:14 AM IST
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डीपीआरसी सभागार में आयोजित कार्यशाला में मौजूद लोग।
श्रावस्ती। डीपीआरसी सभागार में आयोजित ग्रो सेफ फूड-अमानक कार्यक्रम के दौरान कीटनाशी विक्रेताओं को अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही किसानों को फसलों में मानक के अनुरूप ही कीटनाशकों का प्रयोग करने की सलाह भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को सुरक्षित कृषि पद्धतियों, गुणवत्तायुक्त कीटनाशकों के चयन और अमानक रसायनों से होने वाले स्वास्थ्य व पर्यावरणीय नुकसान के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक राम आसरे यादव ने कहा कि फसलों में अत्यधिक रसायनों का प्रयोग करने से अनाज में कीटनाशकों के अंश रह जाते हैं, जो भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में जाकर कई रोगों का कारण बनते हैं।
उन्होंने अमानक कीटनाशकों की पहचान और उनसे होने वाले जोखिम के बारे में बताते हुए कहा कि बाजार में मिलने वाले नकली, मिलावटी और गैर-पंजीकृत कीटनाशी न केवल फसल को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य के लिए भी घातक हैं। कीटनाशक खरीदने से पहले किसानों को लेबल, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और पंजीकरण संख्या को जांचने की सलाह दी।
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कार्यक्रम के दौरान किसानों को सुरक्षित कृषि पद्धतियों, गुणवत्तायुक्त कीटनाशकों के चयन और अमानक रसायनों से होने वाले स्वास्थ्य व पर्यावरणीय नुकसान के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक राम आसरे यादव ने कहा कि फसलों में अत्यधिक रसायनों का प्रयोग करने से अनाज में कीटनाशकों के अंश रह जाते हैं, जो भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में जाकर कई रोगों का कारण बनते हैं।
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उन्होंने अमानक कीटनाशकों की पहचान और उनसे होने वाले जोखिम के बारे में बताते हुए कहा कि बाजार में मिलने वाले नकली, मिलावटी और गैर-पंजीकृत कीटनाशी न केवल फसल को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य के लिए भी घातक हैं। कीटनाशक खरीदने से पहले किसानों को लेबल, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और पंजीकरण संख्या को जांचने की सलाह दी।
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