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Shravasti News: गड्ढे बिगाड़ रहे तपोस्थली की छवि, पर्यटक परेशान
Mon, 06 Jul 2026 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:18 AM IST
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लंका मंदिर के सामने सड़क पर बना गड्ढा।
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली विश्व पटल पर अपनी आभा बिखेर रही है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां की सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे तपोस्थली की छवि को धूमिल कर रहे हैं। इन गड्ढों से पर्यटकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है और कई बार वे चोटिल भी हो चुके हैं।
विश्व पर्यटन के लिहाज से श्रावस्ती एक महत्वपूर्ण स्थान है। समेकित पर्यटन विकास परियोजना के तहत बौद्ध विहारों पर पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 7653.86 लाख रुपये है। मां वैष्णो कंस्ट्रक्शन कंपनी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इसके तहत बौद्ध परिपथ से अंगुलीमाल गुफा तक बुद्ध वन, नाली निर्माण, लाइट शो और पाथ-वे बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कार्यदायी संस्था का काम बेहद सुस्त गति से चल रहा है। लंका मंदिर के सामने बड़ा गड्ढा है, साथ ही अंगुलीमाल गुफा और बौद्ध स्तूप को जाने वाले मार्ग भी जर्जर हैं।
धीमी गति से चल रहा कार्य
बौद्ध भिक्षु देवेंद्र महाथेरो ने कहा कि बुद्ध सर्किल के विकास की परियोजना धीमी है। इससे पर्यटकों को परेशानी होती है। उनके वाहन भी मार्ग किनारे आसानी से खड़े नहीं हो पाते हैं।
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वर्षावास के समय होगी परेशानी
बौद्ध भिक्षु आनंद सागर ने बताया कि वर्षावास की पूजा जल्द शुरू होगी। सैकड़ों विदेशी पर्यटक आएंगे, जिन्हें परेशानी हो सकती है। सड़क के गड्ढे तपोस्थली की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं।
बारिश में बढ़ जाती है समस्या
समाजसेवी राज किशोर वर्मा का कहना है कि बारिश में खोदे गए गड्ढे परेशानी का सबब बन रहे हैं। यदि इन्हें शीघ्र नहीं भरा गया तो समस्या और जटिल हो जाएगी। पर्यटकों और स्कूली बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है।
रात में अधिक होती है समस्या
पंडित अनोखी लाल पाठक ने कहा कि श्रावस्ती हमारी धरोहर है, जिसमें बुद्ध की तपोस्थली और पांडवकालीन बनी नाथ शिव मंदिर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को सुविधा देना हमारा दायित्व है, लेकिन धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्य से असुविधा हो रही है।
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विश्व पर्यटन के लिहाज से श्रावस्ती एक महत्वपूर्ण स्थान है। समेकित पर्यटन विकास परियोजना के तहत बौद्ध विहारों पर पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 7653.86 लाख रुपये है। मां वैष्णो कंस्ट्रक्शन कंपनी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इसके तहत बौद्ध परिपथ से अंगुलीमाल गुफा तक बुद्ध वन, नाली निर्माण, लाइट शो और पाथ-वे बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कार्यदायी संस्था का काम बेहद सुस्त गति से चल रहा है। लंका मंदिर के सामने बड़ा गड्ढा है, साथ ही अंगुलीमाल गुफा और बौद्ध स्तूप को जाने वाले मार्ग भी जर्जर हैं।
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धीमी गति से चल रहा कार्य
बौद्ध भिक्षु देवेंद्र महाथेरो ने कहा कि बुद्ध सर्किल के विकास की परियोजना धीमी है। इससे पर्यटकों को परेशानी होती है। उनके वाहन भी मार्ग किनारे आसानी से खड़े नहीं हो पाते हैं।
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वर्षावास के समय होगी परेशानी
बौद्ध भिक्षु आनंद सागर ने बताया कि वर्षावास की पूजा जल्द शुरू होगी। सैकड़ों विदेशी पर्यटक आएंगे, जिन्हें परेशानी हो सकती है। सड़क के गड्ढे तपोस्थली की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं।
बारिश में बढ़ जाती है समस्या
समाजसेवी राज किशोर वर्मा का कहना है कि बारिश में खोदे गए गड्ढे परेशानी का सबब बन रहे हैं। यदि इन्हें शीघ्र नहीं भरा गया तो समस्या और जटिल हो जाएगी। पर्यटकों और स्कूली बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है।
रात में अधिक होती है समस्या
पंडित अनोखी लाल पाठक ने कहा कि श्रावस्ती हमारी धरोहर है, जिसमें बुद्ध की तपोस्थली और पांडवकालीन बनी नाथ शिव मंदिर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को सुविधा देना हमारा दायित्व है, लेकिन धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्य से असुविधा हो रही है।