{"_id":"645fcf246b40edf2d907440b","slug":"pilgrims-gathered-in-the-dikauli-fair-the-pilgrimage-amidst-chaos-srawasti-news-c-13-1-232814-2023-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: दिकौली मेले में उमड़े जायरीन, अव्यवस्थाओं के बीच की जियारत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: दिकौली मेले में उमड़े जायरीन, अव्यवस्थाओं के बीच की जियारत
Sat, 13 May 2023 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 13 May 2023 11:25 PM IST
विज्ञापन
बौद्घ परिपथ पर गाजे बाजे के साथ जाते जायरीन
तुलसीपुर / गिलौला (श्रावस्ती)। बहराइच के दरगाह मेले का शनिवार को शुभारंभ हुआ। इस दौरान अव्यवस्थाओं के बीच दिकौली के बड़े पुरुष की मजार पर जायरीनों ने जियारत की। यहां बदहाल सफाई व्यवस्था व चिलचिलाती धूप में खड़े होकर जायरीन जियारत के लिए अपनी बारी का इंतजार किया। सोनवा थाना क्षेत्र के दिकौली स्थित बड़े पुरुष की दरगाह पर जियारत के बाद जायरीन का दल बहराइच स्थित गाजी की दरगाह पर माथा टेकता है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने का दावा किया गया था। जिसकी पहले दिन ही हवा निकल गई। कहने को तो दिकौली स्थिति बड़े पुरुष की मजार में लगने वाले मेले में सफाई व्यवस्था के लिए 102 सफाई कर्मियों को तैनात कर उनकी दो पालियों में ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन पूरे मेला परिसर में कहीं भी सफाई देखने को नहीं मिली।
परिसर में लगे हैंडपंप के आसपास गंदगी व कूड़े का अंबार देखने को मिला। जहां जायरीन पानी पीने को विवश दिखे। इतना ही नहीं चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी के बावजूद जायरीन के लिए न तो टेंट की व्यवस्था कराई गई और न ही छांव की कोई अन्य व्यवस्था ही हुई। ऐसे में जायरीन खुले आसमान के नीचे जियारत के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। वहीं बौद्ध परिपथ गिलौला क्षेत्र में हजारों की संख्या में गाजे-बाजे के साथ जायरीन का दल पैदल बहराइच दरगाह जाते दिखा। जिसमें बलरामपुर, तुलसीपुर, उतरौला, पचपेड़वा, नेपाल सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों व बिहार राज्य के सीमावर्ती इलाकों के जायरीन शामिल रहे। जिनके लिए गिलौला कस्बा, तिलकपुर मोड़ व कमोलिया बाजार आदि स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा मीठा चावल, शरबत व ठंडे पानी की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
परिसर में लगे हैंडपंप के आसपास गंदगी व कूड़े का अंबार देखने को मिला। जहां जायरीन पानी पीने को विवश दिखे। इतना ही नहीं चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी के बावजूद जायरीन के लिए न तो टेंट की व्यवस्था कराई गई और न ही छांव की कोई अन्य व्यवस्था ही हुई। ऐसे में जायरीन खुले आसमान के नीचे जियारत के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। वहीं बौद्ध परिपथ गिलौला क्षेत्र में हजारों की संख्या में गाजे-बाजे के साथ जायरीन का दल पैदल बहराइच दरगाह जाते दिखा। जिसमें बलरामपुर, तुलसीपुर, उतरौला, पचपेड़वा, नेपाल सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों व बिहार राज्य के सीमावर्ती इलाकों के जायरीन शामिल रहे। जिनके लिए गिलौला कस्बा, तिलकपुर मोड़ व कमोलिया बाजार आदि स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा मीठा चावल, शरबत व ठंडे पानी की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन