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प्याज व टमाटर सस्ते लेकिन नया आलू महंगा
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श्रावस्ती। आसमान छू रहे प्याज व टमाटर के भाव अब गिरने लगे हैं। इसका असर आलू सहित अन्य सब्जियों पर भी दिखाई देने लगा। मंडियों में आवक बढ़नेे के कारण साग भाजी के दाम में भी नरमी दिखाई देने लगी है। इस बीच नए आलू का भाव स्थिर बना हुआ है। सामान्यता सब्जियों के भाव में बीस से तीस प्रतिशत तक की नरमी देखी जा रही है।
जिले में आसमान छू रहे आलू व प्याज के भाव को देखते हुए सिर्फ गरीब ही नहीं मध्यम वर्गीय परिवार भी इससे किनारा कसने लगे थे। वहीं चढ़ते आलू के भाव को देखते हुए लोग उसका विकल्प तलाशने लगे थे। नवरात्र समाप्त होते ही आसमान छू रहे सब्जियों के भाव तेजी से नीचे आने लगे हैं। अब तक 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला प्याज अब फुटकर बाजार में 55 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।
वहीं साठ रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला टमाटर अब फुटकर बाजार में 35 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। यही हाल लाल व सफेद आलू का भी है। इनके भाव में पांच रुपये प्रति किलोग्राम तक की नरमी देखी जा रही है। वहीं बाजार में सब्जियों की आवक बढ़ने के कारण हरी सब्जियों के दामों में भी नरमी देखी जा रही है। सब्जी किसान सहजराम बताते हैं कि बरसात के कारण जहां पैदावार कम हो गई थी।
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वहीं किसान धान की कटाई मड़ाई के कारण अपनी सब्जियों को मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे थे जिससे इनके दामों में तेजी आ गई थी। किसान मुसीबत अली बताते हैं कि बाजार में जिस भाव सब्जियां बिक रही है उसके आधे दाम पर भी मंडी में सब्जियों की खरीद नहीं हो रही है। तमाम किसान इससे भी कम मूल्य में मार्ग किनारे रख कर ताजी सब्जियां बेच रहे हैं।
वहीं आढ़ती छोट्टन रायनी बताते हैं कि मंडियों में आवक कम होने के कारण सब्जियो के भाव में तेजी आई थी। अब जब मंडी में सब्जियां पर्याप्त मात्रा में पहुंच रही है तो दाम कम होना स्वभाविक है।
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जिले में आसमान छू रहे आलू व प्याज के भाव को देखते हुए सिर्फ गरीब ही नहीं मध्यम वर्गीय परिवार भी इससे किनारा कसने लगे थे। वहीं चढ़ते आलू के भाव को देखते हुए लोग उसका विकल्प तलाशने लगे थे। नवरात्र समाप्त होते ही आसमान छू रहे सब्जियों के भाव तेजी से नीचे आने लगे हैं। अब तक 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला प्याज अब फुटकर बाजार में 55 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।
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वहीं साठ रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला टमाटर अब फुटकर बाजार में 35 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। यही हाल लाल व सफेद आलू का भी है। इनके भाव में पांच रुपये प्रति किलोग्राम तक की नरमी देखी जा रही है। वहीं बाजार में सब्जियों की आवक बढ़ने के कारण हरी सब्जियों के दामों में भी नरमी देखी जा रही है। सब्जी किसान सहजराम बताते हैं कि बरसात के कारण जहां पैदावार कम हो गई थी।
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वहीं किसान धान की कटाई मड़ाई के कारण अपनी सब्जियों को मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे थे जिससे इनके दामों में तेजी आ गई थी। किसान मुसीबत अली बताते हैं कि बाजार में जिस भाव सब्जियां बिक रही है उसके आधे दाम पर भी मंडी में सब्जियों की खरीद नहीं हो रही है। तमाम किसान इससे भी कम मूल्य में मार्ग किनारे रख कर ताजी सब्जियां बेच रहे हैं।
वहीं आढ़ती छोट्टन रायनी बताते हैं कि मंडियों में आवक कम होने के कारण सब्जियो के भाव में तेजी आई थी। अब जब मंडी में सब्जियां पर्याप्त मात्रा में पहुंच रही है तो दाम कम होना स्वभाविक है।