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एक पुल बना नहीं, दूसरा टूटने के कगार पर
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गिलौला के मोहम्मदपुर के निकट बना पुल हुआ जर्जर
- फोटो : SRAWASTI
गिलौला (श्रावस्ती)। सरयू नहर पर गिलौला में बना एक पुल टूट गया था। जिसका निर्माण अभी अधूरा है। वहीं नहर पर डेढ़ किलोमीटर दूर पूरब दिशा में बना एक अन्य पुल भी जर्जर होने के कारण टूटने के कगार पर पहुंच गया है। जिस पर ध्यान न दिया गया तो क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या उत्पन्न होगी। इससे व्यथित क्षेत्र वासियों ने नहर पुल निर्माण को चुनावी मुद्दा बनाया है।
गिलौला क्षेत्र के खेतों को सिंचित करने के लिए क्षेत्र से गुजरी मुख्य सरयू नहर अब धीेर-धीरे क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। गिलौला खुटेहना मार्ग पर थाने के निकट नहर पर बना पुल विगत वर्ष टूट गया था। जिससे मंडल मुख्यालय गोंडा सहित अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए वाहन चालकों को गणेश परिक्रमा करनी पड़ रही है। जबकि बड़े वाहन इकौना के मोहनीपुर होकर आ जा रहे हैं। इस पुल का निर्माण एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में आसपास गांव के लोग डढ़ किलोमीटर पूरब मोहम्मदापुर गांव के निकट बने नहर पुल का सहारा ले रहे थे। यह पुल भी जर्जर हो चुका है। पुल की स्लेप में डाली गई सरिया अब दिखने लगी है। ऐसे में कब यह पुल टूट कर किसी बड़ी घटना का कारण बन जाए। इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
इतना ही नहीं यदि यह पुल टूटा तो क्षेत्र वासियों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी होगी। इससे व्यथित क्षेत्रवासी इस बार नहर पुल को ही क्षेत्र का प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। देखा जाए तो इस पुल से नाऊ पुरवा, खड़खड़ा पुरवा, बीरपुर, थवई, पकड़ी कला, शिवदहा, शिवाला पुरवा सहित कई अन्य गांवों को गिलौला से जोड़ता है।
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वहीं मौहम्मदापुर, एकघरवा, इच्छापुरवा व माजरे आदि गांवों के किसानों को अपने खेतों को जाने के लिए इसी पुल का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्रवासियों ने विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से पुल निर्माण की गारंटी मांग रहे हैं। उनका कहना है कि जो भी इस बार पुल निर्माण की गारंटी देगा उसी के पक्ष में मतदान किया जाएगा।
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गिलौला क्षेत्र के खेतों को सिंचित करने के लिए क्षेत्र से गुजरी मुख्य सरयू नहर अब धीेर-धीरे क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। गिलौला खुटेहना मार्ग पर थाने के निकट नहर पर बना पुल विगत वर्ष टूट गया था। जिससे मंडल मुख्यालय गोंडा सहित अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए वाहन चालकों को गणेश परिक्रमा करनी पड़ रही है। जबकि बड़े वाहन इकौना के मोहनीपुर होकर आ जा रहे हैं। इस पुल का निर्माण एक वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में आसपास गांव के लोग डढ़ किलोमीटर पूरब मोहम्मदापुर गांव के निकट बने नहर पुल का सहारा ले रहे थे। यह पुल भी जर्जर हो चुका है। पुल की स्लेप में डाली गई सरिया अब दिखने लगी है। ऐसे में कब यह पुल टूट कर किसी बड़ी घटना का कारण बन जाए। इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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इतना ही नहीं यदि यह पुल टूटा तो क्षेत्र वासियों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी होगी। इससे व्यथित क्षेत्रवासी इस बार नहर पुल को ही क्षेत्र का प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। देखा जाए तो इस पुल से नाऊ पुरवा, खड़खड़ा पुरवा, बीरपुर, थवई, पकड़ी कला, शिवदहा, शिवाला पुरवा सहित कई अन्य गांवों को गिलौला से जोड़ता है।
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वहीं मौहम्मदापुर, एकघरवा, इच्छापुरवा व माजरे आदि गांवों के किसानों को अपने खेतों को जाने के लिए इसी पुल का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्रवासियों ने विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से पुल निर्माण की गारंटी मांग रहे हैं। उनका कहना है कि जो भी इस बार पुल निर्माण की गारंटी देगा उसी के पक्ष में मतदान किया जाएगा।