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कोविड के बाद अब बर्ड फ्लू से लड़ने की तैयारी

Mon, 11 Jan 2021 09:56 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 09:56 PM IST
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Now ready to fight bird flu after covid
श्रावस्ती। कोविड-19 संक्रमण से आम लोग परेशान हैं। इसी बीच बर्ड फ्लू को लेकर भी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बर्ड फ्लू से बचने के लिए विकास खंड स्तर पर पशु चिकित्साधिकारियों की अगुवाई में टीम गठित की गई है। सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है।
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कोविड-19 संक्रमण अभी भी सामुदायिक है। लोगों के अंदर इस संक्रमण को लेकर भय भी है। इसी बीच बर्ड फ्लू की दस्तक की सूचना लोगों को परेशान कर रही है। यह बात और है कि अभी तक जिले में इसका प्रभाव नहीं पड़ा है। इसके बावजूद जिले में इससे निपटने की तैयारी चल रही है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रत्येक विकास खंड में टीम का गठन किया गया है। जिसकी अगुवाई विकास खंड में तैनात पशु चिकित्साधिकारी द्वारा की जा रही है। यह टीम अपने क्षेत्र से पक्षियों (कुक्कुट) के ब्लड सैंपल लेकर लैब भेज रही है। ताकि समय पर इस संक्रमण की जानकारी हो सके।
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यह है बर्ड फ्लू वायरस
डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया बताते हैं कि एवियन इन्फ्लूएंजा नामक वायरस से फैलने वाली बीमारी इतनी घातक है कि यह इंसानों के साथ-साथ जानवरों और पक्षियों में तेजी से फैलती है। इससे मौत तक हो जाती है। बर्ड फ्लू वायरस की सबसे बड़ी वजह एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस होता है। यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों में तेजी से फैलता है। बर्ड फ्लू का वायरस भी कोविड की तरह संक्रामक होता है। यह मुर्गी, बतख, मोर, चिकन से तेजी से फैलता है। एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस कोरोना वायरस की तरह मनुष्य के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।
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लक्षण व सावधानी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिनगा के अधीक्षक डॉ. विनय वर्मा बताते हैं कि बर्ड फ्लू के संक्रमण के लक्षण कुछ दिन में दिखाई देते हैं। इससे इस वयारस का प्रभाव कोविड की अपेक्षा जल्दी दिखने लगता है। इसमें ठीक से सांस न ले पाना, खांसी आना, कफ का बनना, सिर मे दर्द होना, उल्टी का एहसास होना, बुखार आने के साथ शरीर अकड़ना, शरीर में दर्द बना रहना, थोड़ा काम करने पर थकान व पेट में दर्द होना। इसके साथ ही आंखों में जलन और पानी बहने की समस्या होना है। इससे बचने के लिए चाहिए कि घर में पालतू पक्षियों को न रखें, खुले बाजार से मांस न खरीदें, हाथों को लगातार धोते और सैनिटाइज करते रहें। पक्षियों के संपर्क में आने से बचें। वायरस का प्रभाव दिखने पर चिकित्सक की सलाह के साथ ही दवा लें।

श्रावस्ती में बड़े मुर्गी फार्म नहीं हैं। लोग अपने घरों में ही मुर्गियां पालते हैं। इसके बावजूद प्रत्येक विकास खंड में टीम गठित कर संपल लिए जा रहे हैं। -डॉ. जयइंद्र सिंह सीवीओ
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