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ऑनलाइन होगा नामांकन, तीन विभागों की देनी होगी एनओसी
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जमुनहा में हटाए जा रहे होर्डिंग व पोष्टर
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नामांकन प्रक्रिया इस बार पूरी तरह ऑनलाइन होगी। नामांकन पत्र जमा करते ही इसे आरओ व एआरओ द्वारा तत्काल ऑनलाइन कर दिया जाएगा। नामांकन शुल्क ट्रेजरी के माध्यम से जमा होगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार पूरी तरीके से विधानसभा व लोकसभा की तर्ज पर होगा। यहां तक कि नामांकन पत्र फार्मेट के साथ साथ फीस प्रक्रिया भी उसी तर्ज पर होने जा रही है। नामांकन पत्र जमा करते ही आरओ व एआरओ उसे ऑनलाइन कर देंगे। फीस जमा करने की कई व्यवस्थाएं दी गई है। इसमें ट्रेजरी चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने का प्राविधान है। वहीं चुनाव के दौरान होने वाले खर्च को भी फार्मेट के माध्यम से जमा करना होगा।
यह जमा करना होगा शुल्क
सदस्य ग्राम पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र 150 रुपये जमानत राशि 500 व व्यय सीमा 10 हजार, प्रधान ग्राम पंचायत व सदस्य क्षेत्र पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र 300 रुपये, जमानत राशि 2000 व व्यय सीमा 75 हजार रुपये, सदस्य जिला पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र 500 रुपये, जमानत राशि 4,000 रुपये व व्यय सीमा डेढ़ लाख रुपये है।
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यह देना होगा अदेयता प्रमाण पत्र
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सहकारी समिति, जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत द्वारा जारी अदेयता प्रमाण पत्र नामांकन पत्र के साथ जमा करना होगा। यदि कोई व्यक्ति इन संस्थानों से डिफाल्टर है तो वह नामांकन पत्र जमा नहीं कर पाएगा।
बाक्स में -सजा याफ्ता नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
किसी भी मामले में न्यायालय द्वारा सजायाफ्ता व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। ऐसे लोगों का नामांकन पत्र खारिज किया जाएगा। इसके साथ ही यदि किसी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो उसे उसका विवरण देना होगा।
नामांकन पत्रों के साथ यह शपथ पत्र भी होगा दाखिल
नामांकन पत्र के साथ प्रत्याशी को निर्धारित प्रारूप पर अपने अपराध के संबंध में एक शपथ पत्र दाखिल करना होगा। इसी के साथ एक अन्य शपथ पत्र भी दाखिल करना होगा। जिसमें उसे पूर्व मामलों में दोष सिद्ध का विवरण भी प्रस्तुत करना होगा। इसी के साथ ही उसे अपने आर्थिक ढांचे के साथ शैक्षिक ढांचे का भी शपथ पत्र देना होगा। यदि कोई व्यक्ति आरक्षित श्रेणी का है तो उसे आरक्षण के समर्थन में लगाए गए जाति प्रमाण पत्र की पुष्टि में एक शपथ पत्र प्रपत्र सात में देना होगा। इसके साथ ही प्रपत्र आठ पर उसे अपने निवास का विवरण भी प्रस्तुत करना होगा।
चालान फॉर्म से जमा होगी धनराशि
नामांकन पत्र के साथ जमा किया जाने वाला शुल्क चालान फॉर्म के रूप में ट्रेजरी या फिर इंडिया बैंक के माध्यम से जमा करना होगा। जमा किया हुआ चालान फार्म मूल रूप से नामांकन पत्र क साथ संलग्न करना होगा।
चुनाव खर्च का देना होगा विवरण
इस बार सभी प्रत्याशियों को प्रपत्र 20 के माध्यम से निर्धारित फार्मेट में अपने चुनाव खर्च का विवरण देना होगा। जिसमें नाम निर्देश का मूल्य, जमानत की राशि, मतदाता सूची क्रय करने, चुनाव घोषणा पत्र छापने, पोस्टर व हैंड बिल छपाने व चिपकाने के साथ चुनाव कार्यालय के किराए के साथ-साथ झंडा बैनर इत्यादि की जानकारी भी चुनाव के दौरान बीच-बीच में देनी होगी।
उतरने लगे होर्डिंग व बैनर
निर्वाचन आयोग की सख्ती का असर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी पूरी तरह सतर्क दिखाई देने लगे हैं। ऐसे में आदर्श चुनाव आचरण संहिता की अधिसूचना होते ही होर्डिंग, पोस्टर उतरवाना शुरू करा दिया गया है। यह सिलसिला लगातार जारी है। जहां कर्मी चौराहों सहित अन्य हिस्सों में लगे बैनर, होर्डिंग व पोस्टर हटाते देखे गए।
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरीके से ऑनलाइन है। इसके साथ इस बार प्रत्याशियों को चुनाव खर्च समय-समय पर निर्धारित प्रारूप पर जमा करना होगा। -योगानंद पांडेय, एडीएम
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार पूरी तरीके से विधानसभा व लोकसभा की तर्ज पर होगा। यहां तक कि नामांकन पत्र फार्मेट के साथ साथ फीस प्रक्रिया भी उसी तर्ज पर होने जा रही है। नामांकन पत्र जमा करते ही आरओ व एआरओ उसे ऑनलाइन कर देंगे। फीस जमा करने की कई व्यवस्थाएं दी गई है। इसमें ट्रेजरी चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने का प्राविधान है। वहीं चुनाव के दौरान होने वाले खर्च को भी फार्मेट के माध्यम से जमा करना होगा।
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यह जमा करना होगा शुल्क
सदस्य ग्राम पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र 150 रुपये जमानत राशि 500 व व्यय सीमा 10 हजार, प्रधान ग्राम पंचायत व सदस्य क्षेत्र पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र 300 रुपये, जमानत राशि 2000 व व्यय सीमा 75 हजार रुपये, सदस्य जिला पंचायत के लिए नाम निर्देश पत्र 500 रुपये, जमानत राशि 4,000 रुपये व व्यय सीमा डेढ़ लाख रुपये है।
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यह देना होगा अदेयता प्रमाण पत्र
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सहकारी समिति, जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत द्वारा जारी अदेयता प्रमाण पत्र नामांकन पत्र के साथ जमा करना होगा। यदि कोई व्यक्ति इन संस्थानों से डिफाल्टर है तो वह नामांकन पत्र जमा नहीं कर पाएगा।
बाक्स में -सजा याफ्ता नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
किसी भी मामले में न्यायालय द्वारा सजायाफ्ता व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। ऐसे लोगों का नामांकन पत्र खारिज किया जाएगा। इसके साथ ही यदि किसी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो उसे उसका विवरण देना होगा।
नामांकन पत्रों के साथ यह शपथ पत्र भी होगा दाखिल
नामांकन पत्र के साथ प्रत्याशी को निर्धारित प्रारूप पर अपने अपराध के संबंध में एक शपथ पत्र दाखिल करना होगा। इसी के साथ एक अन्य शपथ पत्र भी दाखिल करना होगा। जिसमें उसे पूर्व मामलों में दोष सिद्ध का विवरण भी प्रस्तुत करना होगा। इसी के साथ ही उसे अपने आर्थिक ढांचे के साथ शैक्षिक ढांचे का भी शपथ पत्र देना होगा। यदि कोई व्यक्ति आरक्षित श्रेणी का है तो उसे आरक्षण के समर्थन में लगाए गए जाति प्रमाण पत्र की पुष्टि में एक शपथ पत्र प्रपत्र सात में देना होगा। इसके साथ ही प्रपत्र आठ पर उसे अपने निवास का विवरण भी प्रस्तुत करना होगा।
चालान फॉर्म से जमा होगी धनराशि
नामांकन पत्र के साथ जमा किया जाने वाला शुल्क चालान फॉर्म के रूप में ट्रेजरी या फिर इंडिया बैंक के माध्यम से जमा करना होगा। जमा किया हुआ चालान फार्म मूल रूप से नामांकन पत्र क साथ संलग्न करना होगा।
चुनाव खर्च का देना होगा विवरण
इस बार सभी प्रत्याशियों को प्रपत्र 20 के माध्यम से निर्धारित फार्मेट में अपने चुनाव खर्च का विवरण देना होगा। जिसमें नाम निर्देश का मूल्य, जमानत की राशि, मतदाता सूची क्रय करने, चुनाव घोषणा पत्र छापने, पोस्टर व हैंड बिल छपाने व चिपकाने के साथ चुनाव कार्यालय के किराए के साथ-साथ झंडा बैनर इत्यादि की जानकारी भी चुनाव के दौरान बीच-बीच में देनी होगी।
उतरने लगे होर्डिंग व बैनर
निर्वाचन आयोग की सख्ती का असर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी पूरी तरह सतर्क दिखाई देने लगे हैं। ऐसे में आदर्श चुनाव आचरण संहिता की अधिसूचना होते ही होर्डिंग, पोस्टर उतरवाना शुरू करा दिया गया है। यह सिलसिला लगातार जारी है। जहां कर्मी चौराहों सहित अन्य हिस्सों में लगे बैनर, होर्डिंग व पोस्टर हटाते देखे गए।
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरीके से ऑनलाइन है। इसके साथ इस बार प्रत्याशियों को चुनाव खर्च समय-समय पर निर्धारित प्रारूप पर जमा करना होगा। -योगानंद पांडेय, एडीएम