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इंडोनेपाल बार्डर पर सड़क निर्माण में एनओसी की बाधा

Sun, 18 Aug 2019 11:12 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 11:12 PM IST
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NOC obstructs road construction on Indonepal border
श्रावस्ती। इंडोनेपाल सड़क निर्माण को पूरा करने के लिए सरकार ने साठ करोड़ का बजट दिया है। इसके उलट जिले में इस सड़क का निर्माण कार्य वन विभाग की एनओसी के अभाव में लटक गया है। यह पूरी परियोजना 214.58 किलोमीटर लंबी है।
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श्रावस्ती में ही यह सड़क लगभग 70 किलोमीटर लंबी है। इसमें से करीब 21 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। अब मात्र नौ किलोमीटर ही सामान्य भू भाग है। जिस पर निर्माण कार्य किया जा सकता है। इसके बाद करीब 40 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए वन क्षेत्र में पेड़ों को काटना होगा। इसके लिए विभाग की हरी झंडी का इंतजार है।
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भारत नेपाल सीमा से सटे इलाके से एक सड़क निकाली जा रही है। इसका उद्देश्य नेपाली सीमा के समानांतर सड़क का निर्माण करना है। यह पूरी परियोजना 214.58 किलोमीटर लंबी है। परियोजना के तहत नेपाल सीमा से सटे सात जिले में 570 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना है। इसमें केवल श्रावस्ती में ही 70 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होना है। इसमें से इक्कीस किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा चुका है।
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इस परियोजना को पूरा करने के लिए सरकार ने अभी हाल ही में 60.40 करोड़ रुपये दिए है। यह पैसा होने के बाद भी जिले में यह परियोजना पूरी होती नहीं दिखाई दे रही है। इसका कारण परियोजना के लिए वन विभाग की ओर से मिलने वाली एनओसी है।
जिले में बनने वाली 70 किलोमीटर सड़क में से 40 किलोमीटर का क्षेत्र वन विभाग के हिस्से में आता है। यहां पर पेड़ों को काट कर ही इस परियोजना को जिले में पूरा किया जा सकता है। 2010-11 से विभाग की ओर से जंगल को काटने की एनओसी मांगी जा रही है, लेकिन अभी तक इस पर हरी झंडी नहीं मिली। अब जिले में मात्र नौ किलोमीटर सड़क बनने के बाद परियोजना का काम एनओसी मिलने तक रोकना होगा।

इससे जुडे़ंगे यह जिले
इस परियोजना से पीलीभीत, खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर,सिद्वार्थनगर, महराजगंज शामिल है। यहां अब तक 128 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता इंडोनेपाल दूधनाथ राम बातते है की एनओसी के अभाव में इन सातो जिले में कार्य प्रभावित हो रहा है।
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