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Shravasti News: मां और बड़ी बहन ही थीं पालनहार
Tue, 12 Aug 2025 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 12 Aug 2025 01:09 AM IST
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मंगलपुरवा गांव में रोते-बिलखते विजय कुमार के परिजन - संवाद
श्रावस्ती। नवाबगंज-शंकरपुर मार्ग पर हुए हादसे ने मनीषा, पुनीत व हऊवा को यतीम बना दिया। तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया पांच साल पहले ही उठ गया था। अब मां मंगलवती व बड़ी बहन नीतू के हादसे में मौत से उनके पालन-पोषण पर भी संकट खड़ा हो गया।
रुपईडीहा क्षेत्र के मधनगरा निवासी मंगलवती की तीन बेटियां नीतू (26), मनीषा (16), ज्ञानवती (09) और दो बेटे हऊवा (14) व पुनीत (12) हैं, इनमें से नीतू व ज्ञानवती की मौत हो गई है। उनके पति की पांच साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद से मंगलवती ही सभी बच्चों की परवरिश कर रही थीं।
बीते साल मंगलवती ने पाई-पाई जोड़कर बड़ी बेटी नीतू का विवाह नंदलालपुर निवासी पवन कुमार के साथ किया था। इसके बाद वह मनीषा के विवाह के लिए रुपये जोड़ रही थीं। नीतू भी विवाह के बाद अपने भाई-बहन की देखरेख करती थी।
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सोमवार सुबह हुए सड़क हादसे ने मनीषा, हऊवा और पुनीत के सर से मां और बहन का साया भी छीन लिया। अब तीनों बच्चे पूरी तरह यतीम हो गए हैं, अब ये पट्टीदार के भरोसे रह गए हैं। तीनों बच्चे लगातार बिलख रहे हैं।
पत्नी नीतू को मुखाग्नि देने के लिए मुंबई से चल पड़े हैं पवन
नीतू के पति पवन कुमार परिवार के बेहतर भरण-पोषण के लिए मुंबई में रहकर काम करते हैं। सोमवार सुबह फोन पर पत्नी नीतू की मौत की सूचना से पवन हतप्रभ रह गए। बड़े भाई प्रदीप ने बताया कि पत्नी नीतू को मुखाग्नि देने के लिए पवन फ्लाइट से घर के लिए मुंबई से चल पड़े हैं। उनके आने के बाद ही नीतू का दाह संस्कार किया जाएगा।
तो क्या ट्रैक्टर की रफ्तार व बाइक की टंकी पर बैठना बना हादसे का कारण
नवाबगंज-शंकरपुर मार्ग पर हुए हादसे के कारणों को लेकर माथापच्ची हो रही है। मौके पर पहुंचे राहगीरों ने बताया कि ट्रैक्टर-मिक्सर की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके चलते चालक ट्रैक्टर रोक नहीं पाया। वहीं, कुछ राहगीरों ने बताया कि विजय ने नौ साल की भांजी ज्ञानवती को बाइक की टंकी पर बैठा रखा था। बहन मंगलवती, भांजी नीतू व पत्नी सुनीता पीछे बैठी थीं, आठ माह की मधु मां सुनीता की गोद में थी। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रैक्टर के अचानक सामने आ जाने पर संभवत: बाइक के हैंडल में ज्ञानवती का पैर फंस गया होगा, इससे बाइक के मुड़ न पाने से सामने से सीधी टक्कर हो गई।
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रुपईडीहा क्षेत्र के मधनगरा निवासी मंगलवती की तीन बेटियां नीतू (26), मनीषा (16), ज्ञानवती (09) और दो बेटे हऊवा (14) व पुनीत (12) हैं, इनमें से नीतू व ज्ञानवती की मौत हो गई है। उनके पति की पांच साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद से मंगलवती ही सभी बच्चों की परवरिश कर रही थीं।
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बीते साल मंगलवती ने पाई-पाई जोड़कर बड़ी बेटी नीतू का विवाह नंदलालपुर निवासी पवन कुमार के साथ किया था। इसके बाद वह मनीषा के विवाह के लिए रुपये जोड़ रही थीं। नीतू भी विवाह के बाद अपने भाई-बहन की देखरेख करती थी।
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सोमवार सुबह हुए सड़क हादसे ने मनीषा, हऊवा और पुनीत के सर से मां और बहन का साया भी छीन लिया। अब तीनों बच्चे पूरी तरह यतीम हो गए हैं, अब ये पट्टीदार के भरोसे रह गए हैं। तीनों बच्चे लगातार बिलख रहे हैं।
पत्नी नीतू को मुखाग्नि देने के लिए मुंबई से चल पड़े हैं पवन
नीतू के पति पवन कुमार परिवार के बेहतर भरण-पोषण के लिए मुंबई में रहकर काम करते हैं। सोमवार सुबह फोन पर पत्नी नीतू की मौत की सूचना से पवन हतप्रभ रह गए। बड़े भाई प्रदीप ने बताया कि पत्नी नीतू को मुखाग्नि देने के लिए पवन फ्लाइट से घर के लिए मुंबई से चल पड़े हैं। उनके आने के बाद ही नीतू का दाह संस्कार किया जाएगा।
तो क्या ट्रैक्टर की रफ्तार व बाइक की टंकी पर बैठना बना हादसे का कारण
नवाबगंज-शंकरपुर मार्ग पर हुए हादसे के कारणों को लेकर माथापच्ची हो रही है। मौके पर पहुंचे राहगीरों ने बताया कि ट्रैक्टर-मिक्सर की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके चलते चालक ट्रैक्टर रोक नहीं पाया। वहीं, कुछ राहगीरों ने बताया कि विजय ने नौ साल की भांजी ज्ञानवती को बाइक की टंकी पर बैठा रखा था। बहन मंगलवती, भांजी नीतू व पत्नी सुनीता पीछे बैठी थीं, आठ माह की मधु मां सुनीता की गोद में थी। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रैक्टर के अचानक सामने आ जाने पर संभवत: बाइक के हैंडल में ज्ञानवती का पैर फंस गया होगा, इससे बाइक के मुड़ न पाने से सामने से सीधी टक्कर हो गई।