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Shravasti News: निकाय चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा नहीं बचा सके विधायक
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श्रावस्ती। नगर पालिका परिषद भिनगा व नगर पंचायत इकौना में नगर निकाय चुनाव ने माननीयों को उनकी हद बता दी। पूरी प्रतिष्ठा दाव पर लगाने के बाद भी जहां विधायक अपने नगर में पार्टी प्रत्याशी को विजय न दिला सके। वहीं, पूरी निष्ठा के बाद भी मतदाताओं ने पार्टी को तीसरे व चौथे स्थान पर धकेल दिया। इतना ही नहीं भाजपा का गढ़ माने जाने वाले वार्ड को गोद लेने के बाद भी जिलाध्यक्ष अपना किला न बचा सके।
नगर निकाय चुनाव भाजपा के लिए करो या मरो की स्थिति रही। नगर में अपना परचम लहराने के लिए जहां नगर पंचायत इकौना में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जनसभा किया तो नगर पालिका परिषद भिनगा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जनसभा कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। दोनों ही निकायों में कमल खिलाने के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमन सिंह को जिला संयोजक बनाया गया था। इतना ही नहीं नगर पंचायत इकौना में अध्यक्ष पद प्रत्याशी शांती कंठ्रा को जिताने के लिए श्रावस्ती विधायक राम फेरन पांडे ने न सिर्फ एड़ी चोटी का जोर लगाया। बल्कि यह सीट उनकी प्रतिष्ठा से भी जुड़ी थी। जिसे जीतने के लिए विधायक ने कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ा।
विगत चुनाव में पार्टी का यहां कब्जा था। लेकिन विधायक के तमाम प्रयास के बाद यहां पार्टी प्रत्याशी तीसरे स्थान पर पहुंच गई। यही स्थिति नगर पालिका परिषद भिनगा की भी रही। जहां भाजपा जिलाध्यक्ष महेश मिश्रा ने वार्ड नंबर 23 कोटा रियासत को गोद लिया था। इस सीट पर विगत दो चुनाव में लगातार भाजपा से मदन मोहन सिंह जीतते रहे थे। इस बार भी भाजपा से मदन मोहन सिंह ही प्रत्याशी रहे। जहां निर्दल प्रत्याशी प्रमोद कुमार गुप्ता ने जीत हासिल की। यहां भाजपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे। यही स्थिति नगर पालिका परिषद में भिनगा में समाजवादी पार्टी की भी रही। जहां स्थानीय भिनगा विधायक इंद्राणी वर्मा के गढ़ में सपा को शिकस्त दे बसपा ने अपना परचम लहराया। यहां सपा चौथे स्थान पर पहुंच गई।
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सपा के टिकट वितरण ने कांग्रेस व बसपा की राह की आसान
नगर पालिका परिषद भिनगा में समाजवादी पार्टी से नगर पंचायत के दो बार अध्यक्ष रहे नादिर शाह व कपड़ा व्यवसायी सूफियान अहमद व विगत चुनाव में सपा प्रत्याशी रहे अब्दुल रहीम खां इस बार भी टिकट मांग रहे थे। जिन्हें टिकट न देकर पार्टी की ओर से पूर्व प्रधान व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम अभिलाष यादव को प्रत्याशी बनाया गया। ऐसे में जहां अब्दुल रहीम खां आम आदमी पार्टी से मैदान में उतरे। वहीं तीनों अल्पसंख्यक प्रत्याशियों को टिकट न मिलने से नाराज समुदाय विशेष का वोट सीधे बसपा के खाते में चला गया। जिससे यहां बसपा को जीत तो सपा को हार का मुंह देखना पड़ा। यही स्थिति नगर पंचायत इकौना की भी रही। जहां बसपा ने अध्यक्ष से लेकर सभासद पद तक कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। न ही किसी को अपना समर्थन ही दिया। पार्टी की ओर से प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा व नुक्कड़ सभा भी न किए जाने व निवर्तमान अध्यक्ष का बागी होकर कांग्रेस प्रत्याशी गजाला चौधरी को समर्थन देने से यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की।
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नगर निकाय चुनाव भाजपा के लिए करो या मरो की स्थिति रही। नगर में अपना परचम लहराने के लिए जहां नगर पंचायत इकौना में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जनसभा किया तो नगर पालिका परिषद भिनगा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जनसभा कर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। दोनों ही निकायों में कमल खिलाने के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमन सिंह को जिला संयोजक बनाया गया था। इतना ही नहीं नगर पंचायत इकौना में अध्यक्ष पद प्रत्याशी शांती कंठ्रा को जिताने के लिए श्रावस्ती विधायक राम फेरन पांडे ने न सिर्फ एड़ी चोटी का जोर लगाया। बल्कि यह सीट उनकी प्रतिष्ठा से भी जुड़ी थी। जिसे जीतने के लिए विधायक ने कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ा।
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विगत चुनाव में पार्टी का यहां कब्जा था। लेकिन विधायक के तमाम प्रयास के बाद यहां पार्टी प्रत्याशी तीसरे स्थान पर पहुंच गई। यही स्थिति नगर पालिका परिषद भिनगा की भी रही। जहां भाजपा जिलाध्यक्ष महेश मिश्रा ने वार्ड नंबर 23 कोटा रियासत को गोद लिया था। इस सीट पर विगत दो चुनाव में लगातार भाजपा से मदन मोहन सिंह जीतते रहे थे। इस बार भी भाजपा से मदन मोहन सिंह ही प्रत्याशी रहे। जहां निर्दल प्रत्याशी प्रमोद कुमार गुप्ता ने जीत हासिल की। यहां भाजपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे। यही स्थिति नगर पालिका परिषद में भिनगा में समाजवादी पार्टी की भी रही। जहां स्थानीय भिनगा विधायक इंद्राणी वर्मा के गढ़ में सपा को शिकस्त दे बसपा ने अपना परचम लहराया। यहां सपा चौथे स्थान पर पहुंच गई।
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सपा के टिकट वितरण ने कांग्रेस व बसपा की राह की आसान
नगर पालिका परिषद भिनगा में समाजवादी पार्टी से नगर पंचायत के दो बार अध्यक्ष रहे नादिर शाह व कपड़ा व्यवसायी सूफियान अहमद व विगत चुनाव में सपा प्रत्याशी रहे अब्दुल रहीम खां इस बार भी टिकट मांग रहे थे। जिन्हें टिकट न देकर पार्टी की ओर से पूर्व प्रधान व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम अभिलाष यादव को प्रत्याशी बनाया गया। ऐसे में जहां अब्दुल रहीम खां आम आदमी पार्टी से मैदान में उतरे। वहीं तीनों अल्पसंख्यक प्रत्याशियों को टिकट न मिलने से नाराज समुदाय विशेष का वोट सीधे बसपा के खाते में चला गया। जिससे यहां बसपा को जीत तो सपा को हार का मुंह देखना पड़ा। यही स्थिति नगर पंचायत इकौना की भी रही। जहां बसपा ने अध्यक्ष से लेकर सभासद पद तक कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। न ही किसी को अपना समर्थन ही दिया। पार्टी की ओर से प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा व नुक्कड़ सभा भी न किए जाने व निवर्तमान अध्यक्ष का बागी होकर कांग्रेस प्रत्याशी गजाला चौधरी को समर्थन देने से यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की।