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Shravasti News: तेजी से लुढ़क रहा पारा, घने कोहरे से धीमी हुई वाहनों की रफ्तार
Tue, 12 Dec 2023 12:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 12 Dec 2023 12:37 PM IST
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भिनगा बहराइच फोरलेन में घने कोहरे के बीच आते जाते लोग
श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज लगातार ठंडा होता जा रहा है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व पछुआ हवाओं के कारण पारा तेजी से लुढ़क रहा है। वहीं, शाम को शुरू होने वाले घने कोहरे का दौर सोमवार सुबह दस बजे तक जारी रहा। इस बीच जहां रात में वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वहीं, सुबह नौ बजे तक कोहरा बूंद बनकर बरसता रहा। अचानक बढ़ी इस ठंड के कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। इसके बावजूद गरीबों को ठंड से बचाने के लिए अभी प्रशासन व जनप्रतिनिधि आगे नहीं आए। उन्हें अभी शीतलहर प्रारंभ होने का इंतजार है। ऐसे में ठंड से बेहाल लोग जहां घरों में दुबकने को मजबूर हैं। वहीं लोगों को ठंड से बचाव का खुद से जुगत करते देखा जा रहा है।
तहसीलों को मिला पैसा पर नहीं जले अलाव
जिले में मौसम का पारा रात में लुढ़क कर आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य कस्बों व बाजारों और चौक चौराहों पर अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि देखा जाए तो भिनगा, इकौना व जमुनहा तहसील को अलाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है। यही स्थिति नगर पालिका परिषद भिनगा व नगर पंचायत इकौना की भी है। जहां पर्याप्त पैसा होने के बावजूद अब तक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
हो चुका टेंडर, नहीं आया कंबल
जिले के गरीबों को ठंड से बचाने के लिए अब तक कंबल का वितरण नहीं हो सका है। शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए 15 लाख रुपये के सापेक्ष कंबल खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। लेकिन अब तक ठेकेदार की ओर से कंबल उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में गरीब ठंड से बचने के लिए खुद को फटे पुराने कपड़े व गुदड़ी में छिपाने को मजबूर हैं।
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किसानों की और बढ़ी परेशानी
जिले के छुट्टा गोवंशों को संरक्षित करने में प्रशासन रुचि नहीं ले रहा है। ऐसे में खेतों में लगी अलसी, मसूर, सरसों, मटर, गेहूं व गन्ना सहित अन्य फसलों को बचाने के लिए किसानों को दिन रात खेत की रखवाली करनी पड़ रही है। वहीं, अचानक बढ़ी ठंड व कोहरे ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां कोहरे के कारण टॉर्च की रोशनी में भी चंद कदमों की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं देता। वहीं, बूंद बनकर बरस रहे कोहरे के बीच किसान पूरी रात खेत का चक्कर लगाने को विवश हैं। जिससे उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
सभी एसडीएम को दिया निर्देश
सभी तहसीलों को पर्याप्त पैसा भेजा जा चुका है। साथ ही उन्हें अलाव जलाने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त नगर निकाय अपने खुद के संसाधनों से अलाव जलाती है। सभी एसडीएम को तत्काल निर्देशित किया जा रहा है कि वे आवश्यकता अनुसार चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाएं। ताकि लोगों को परेशानी से बचाया जा सके।
- अमरेंद्र कुमार वर्मा, एडीएम
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तहसीलों को मिला पैसा पर नहीं जले अलाव
जिले में मौसम का पारा रात में लुढ़क कर आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य कस्बों व बाजारों और चौक चौराहों पर अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि देखा जाए तो भिनगा, इकौना व जमुनहा तहसील को अलाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है। यही स्थिति नगर पालिका परिषद भिनगा व नगर पंचायत इकौना की भी है। जहां पर्याप्त पैसा होने के बावजूद अब तक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
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हो चुका टेंडर, नहीं आया कंबल
जिले के गरीबों को ठंड से बचाने के लिए अब तक कंबल का वितरण नहीं हो सका है। शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए 15 लाख रुपये के सापेक्ष कंबल खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। लेकिन अब तक ठेकेदार की ओर से कंबल उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में गरीब ठंड से बचने के लिए खुद को फटे पुराने कपड़े व गुदड़ी में छिपाने को मजबूर हैं।
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किसानों की और बढ़ी परेशानी
जिले के छुट्टा गोवंशों को संरक्षित करने में प्रशासन रुचि नहीं ले रहा है। ऐसे में खेतों में लगी अलसी, मसूर, सरसों, मटर, गेहूं व गन्ना सहित अन्य फसलों को बचाने के लिए किसानों को दिन रात खेत की रखवाली करनी पड़ रही है। वहीं, अचानक बढ़ी ठंड व कोहरे ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां कोहरे के कारण टॉर्च की रोशनी में भी चंद कदमों की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं देता। वहीं, बूंद बनकर बरस रहे कोहरे के बीच किसान पूरी रात खेत का चक्कर लगाने को विवश हैं। जिससे उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
सभी एसडीएम को दिया निर्देश
सभी तहसीलों को पर्याप्त पैसा भेजा जा चुका है। साथ ही उन्हें अलाव जलाने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त नगर निकाय अपने खुद के संसाधनों से अलाव जलाती है। सभी एसडीएम को तत्काल निर्देशित किया जा रहा है कि वे आवश्यकता अनुसार चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाएं। ताकि लोगों को परेशानी से बचाया जा सके।
- अमरेंद्र कुमार वर्मा, एडीएम