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चार वर्ष से मदरसा शिक्षकों को नहीं मिला मानदेय
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श्रावस्ती। मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ की जिला इकाई के शिक्षकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके द्वारा चार वर्ष से बकाया मानदेय का भुगतान कराने, विनियमितीकरण सहित गंभीर समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया।
प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ की जिला इकाई के अध्यक्ष कलीम अहमद ने कहा है कि प्रधानमंत्री का यह दृढ़ संकल्प है कि मुस्लिम समुदाय के युवकों के एक हाथ में कंप्यूटर तो एक हाथ में कुरान हो। उनके सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी मदरसा शिक्षकों की है। मदरसे में कार्यरत आधुनिक शिक्षक जिनका उद्देश्य मदरसे में धार्मिक शिक्षा के साथ हिंदी, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, कंप्यूटर व सामाजिक अध्ययन आदि कराना है। ताकि मदरसा शिक्षकों को शिक्षित कर देश की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। इसके लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं।
इसके बावजूद विगत 53 माह से मानव संसाधन शिक्षा मंत्रालय द्वारा मानदेय नहीं दिया गया है। मदरसा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शमीउल्ला खान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी व विभागीय मंत्री सहित उच्च अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है। जिन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद हमारी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ है। ऐसे में मदरसा शिक्षकों ने अप्रैल 2017 से अब तक का बकाया मानदेय दिलाने, 25 वर्ष से मदरसे में शिक्षण कार्य कर रहे नियमित कर उन्हें समान कार्य समान वेतन देने, प्रदेश में अल्प संख्यक कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित मदरसा शिक्षकों को संपूर्ण वेतन दिलाने तथा मदरसा शिक्षकों को प्रतिमाह मानदेय भुगतान की नियमावली बना कर उसे पूरे देश में लागू करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में कई अन्य मदरसा शिक्षकों के नाम शामिल है।
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प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ की जिला इकाई के अध्यक्ष कलीम अहमद ने कहा है कि प्रधानमंत्री का यह दृढ़ संकल्प है कि मुस्लिम समुदाय के युवकों के एक हाथ में कंप्यूटर तो एक हाथ में कुरान हो। उनके सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी मदरसा शिक्षकों की है। मदरसे में कार्यरत आधुनिक शिक्षक जिनका उद्देश्य मदरसे में धार्मिक शिक्षा के साथ हिंदी, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, कंप्यूटर व सामाजिक अध्ययन आदि कराना है। ताकि मदरसा शिक्षकों को शिक्षित कर देश की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। इसके लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं।
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इसके बावजूद विगत 53 माह से मानव संसाधन शिक्षा मंत्रालय द्वारा मानदेय नहीं दिया गया है। मदरसा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शमीउल्ला खान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी व विभागीय मंत्री सहित उच्च अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है। जिन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद हमारी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ है। ऐसे में मदरसा शिक्षकों ने अप्रैल 2017 से अब तक का बकाया मानदेय दिलाने, 25 वर्ष से मदरसे में शिक्षण कार्य कर रहे नियमित कर उन्हें समान कार्य समान वेतन देने, प्रदेश में अल्प संख्यक कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित मदरसा शिक्षकों को संपूर्ण वेतन दिलाने तथा मदरसा शिक्षकों को प्रतिमाह मानदेय भुगतान की नियमावली बना कर उसे पूरे देश में लागू करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में कई अन्य मदरसा शिक्षकों के नाम शामिल है।
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