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श्रावस्ती में टिड्डियों का हमला
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श्रावस्ती। सीतापुर और बहराइच से होते हुए टिड्डियों का दल शनिवार शाम को जिले में पहुंच गया। इकौना, गिलौला व जमुनहा क्षेत्र में टिड्डी दल ने फसलों तथा पौधों की पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। अचानक टिड्डी दल के पहुंचने से किसान दहशत में दिखे। फसल को बचाने के लिए किसानों ने परिवारीजनों के साथ खेत व गांव में थाली व डिब्बे पीटकर शोर मचाया।
सीतापुर के बाद टिड्डियों का दल शनिवार की दोपहर में बहराइच पहुंचा। यहां टिड्डियों का दल कुछ देर ठहरने के बाद श्रावस्ती के इकौना, गिलौला व जमुनहा क्षेत्र में फैल गया। इकौना के भगवान पुर बनकट, टंडवा महंथ, जयचंद पुर कटघरा, सलवरिया, मोहनीपुर सहित कई अन्य गांवों में टिड्डियों ने फसलों व पेड़ों को नुकसान पहुंचाया।
इसके साथ ही गिलौला के रामसहाय व परिसिया सहित लगभग सभी गांव तथा जमुनहा ब्लॉक के भी कई गांवों में टिड्डियों का कहर नजर आया। टिड्डियों ने फसलों के साथ पेड़ों की पत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान फसलों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने परिवारीजनों के साथ थाली, खाली डिब्बे पीट कर टिड्डियों को भगाया।
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किसान बचाव के लिए करें यह कार्य
टिड्डी दल के हमले की दशा में ढोल, टीन के डब्बों, थालियों आदि को बजाते हुए शोर मचाऐं। इससे टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना कम रहती है। इसके साथ ही टिड्डी दल का प्रकोप होने पर किसान क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करें। इसके अलावा क्लोरपायरीफॉस 50 प्रतिशत या क्वीनालफॉस 25 प्रतिशत या लैम्बडासाय हैलोथ्रिन 5 प्रतिशत अथवा मैलाथियान 50 प्रति ईसी की 02 मिली मात्रा एक लीटर पानी के साथ प्रयोग करें। - आरपी राना, उप कृषि निदेशक
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सीतापुर के बाद टिड्डियों का दल शनिवार की दोपहर में बहराइच पहुंचा। यहां टिड्डियों का दल कुछ देर ठहरने के बाद श्रावस्ती के इकौना, गिलौला व जमुनहा क्षेत्र में फैल गया। इकौना के भगवान पुर बनकट, टंडवा महंथ, जयचंद पुर कटघरा, सलवरिया, मोहनीपुर सहित कई अन्य गांवों में टिड्डियों ने फसलों व पेड़ों को नुकसान पहुंचाया।
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इसके साथ ही गिलौला के रामसहाय व परिसिया सहित लगभग सभी गांव तथा जमुनहा ब्लॉक के भी कई गांवों में टिड्डियों का कहर नजर आया। टिड्डियों ने फसलों के साथ पेड़ों की पत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान फसलों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने परिवारीजनों के साथ थाली, खाली डिब्बे पीट कर टिड्डियों को भगाया।
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किसान बचाव के लिए करें यह कार्य
टिड्डी दल के हमले की दशा में ढोल, टीन के डब्बों, थालियों आदि को बजाते हुए शोर मचाऐं। इससे टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना कम रहती है। इसके साथ ही टिड्डी दल का प्रकोप होने पर किसान क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करें। इसके अलावा क्लोरपायरीफॉस 50 प्रतिशत या क्वीनालफॉस 25 प्रतिशत या लैम्बडासाय हैलोथ्रिन 5 प्रतिशत अथवा मैलाथियान 50 प्रति ईसी की 02 मिली मात्रा एक लीटर पानी के साथ प्रयोग करें। - आरपी राना, उप कृषि निदेशक