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हत्या अभियुक्त को आजीवन कारावास
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श्रावस्ती। घर में घुस कर युवक को पकड़ ले गए। इसके बाद लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इस घटना के बाद युवक की मौत हो गई। घटना जून 2001 में इकौलना थाना अंतर्गत मनोहरापुर में घटी थी। इस मामले में न्यायालय ने एक आरोपी को दोषी मानते हुए उसे सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम मनोहरपुर निवासी शिव राम पुत्र महादेव वर्मा ने पुलिस को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि 20 जून 2001 की दोपहर 2:30 बजे मेरे भाई अमिरका को रामदीन घर से बुलाकर अंधरपुरवा गांव की तरफ लेकर गया था। एक घंटे बाद मुझे मालूम हुआ कि रामदीन अपने साथियों के साथ अंधरपुरवा गांव के निकट मेरे भाई अमिरका को मार रहे हैं। जब मैं अपने पिता व छोटे भाई तथा गांव के अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। तो वहां पर रामदीन निवासी बनियन पुरवा व दो अन्य लोग मेरे भाई को लाठी-डंडे व फरसे से पीट रहे थे। हम लोगों को देखकर अभियुक्तगण गाली देते हुए मौके से फरार हो गए। मेरा भाई मौके पर बेहोश पड़ा था। बेहोशी की हालत में ही उसे थाने पर लाया गया। बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
इस मामले को पुलिस ने केस दर्ज करके जांच की थी। इसमें पुलिस ने रामदीन के साथ नगई उर्फ इंद्रजीत को भी घटना में शामिल होना बताया। अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत पर चल रहा था। इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश अजय कुमार सिंह ने अभियुक्त नगई उर्फ इंद्रजीत को घटना का दोषी करार देते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास के साथ 30,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि मुकदमे के अन्य अभियुक्त फरार चल रहे हैं।
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इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम मनोहरपुर निवासी शिव राम पुत्र महादेव वर्मा ने पुलिस को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि 20 जून 2001 की दोपहर 2:30 बजे मेरे भाई अमिरका को रामदीन घर से बुलाकर अंधरपुरवा गांव की तरफ लेकर गया था। एक घंटे बाद मुझे मालूम हुआ कि रामदीन अपने साथियों के साथ अंधरपुरवा गांव के निकट मेरे भाई अमिरका को मार रहे हैं। जब मैं अपने पिता व छोटे भाई तथा गांव के अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। तो वहां पर रामदीन निवासी बनियन पुरवा व दो अन्य लोग मेरे भाई को लाठी-डंडे व फरसे से पीट रहे थे। हम लोगों को देखकर अभियुक्तगण गाली देते हुए मौके से फरार हो गए। मेरा भाई मौके पर बेहोश पड़ा था। बेहोशी की हालत में ही उसे थाने पर लाया गया। बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
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इस मामले को पुलिस ने केस दर्ज करके जांच की थी। इसमें पुलिस ने रामदीन के साथ नगई उर्फ इंद्रजीत को भी घटना में शामिल होना बताया। अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत पर चल रहा था। इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश अजय कुमार सिंह ने अभियुक्त नगई उर्फ इंद्रजीत को घटना का दोषी करार देते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास के साथ 30,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि मुकदमे के अन्य अभियुक्त फरार चल रहे हैं।
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