{"_id":"5d44830a8ebc3e6d0a3e0060","slug":"leopard-showing-near-temple-panic-among-people-srawasti-news-lko4743022193","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर के निकट दिखा तेंदुआ, लोगों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर के निकट दिखा तेंदुआ, लोगों में दहशत
विज्ञापन
सिरसिया (श्रावस्ती)। विभूतिनाथ मंदिर परिसर के आसपास तेंदुए की सक्रियता बढ़ गई है। वाच टावर के आसपास तो कभी मंदिर के निकट तेंदुए के दिखाई देने से लोगों में दहशत है। कजरी तीज मेला नजदीक होने और उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए भय और भी बढ़ जाता है। वहीं वन कर्मचारी अब तक तेंदुए को पकड़ पाने में नाकाम है।
विभूतिनाथ मंदिर सोहेलवा जंगल से सटा हुआ है। कुछ दिन पूर्व मंदिर परिसर में भंडारे में आई एक बालिका को तेंदुए ने अपना निवाला बना लिया था। इसी के बाद तेंदुए ने एक महिला व एक गोवंश को फिर अपना निवाला बना लिया था, जबकि एक अन्य महिला को लहू लुहान कर दिया। तब से तेंदुआ मंदिर के आसपास ही शिकार के लिए घूम रहा है।
क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता दिखने पर प्रशासन ने उसे पकड़ने के लिए चार स्थानों पर पिंजड़े रखवाए थे। इनमें से अधिकांश पिंजड़े खराब होने के कारण तेंदुआ उसमें कैद नहीं हो सका। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए पर नजर रखने के लिए मंदिर के पास ही एक वाच टावर लगा कर निगरानी शुरू कराई थी। गुरुवार शाम छह बजे तेंदुआ मंदिर से लगभग 25 मीटर दूरी पर बैठा दिखा।
विज्ञापन
इस पर वन कर्मियों के साथ मौजूद लोगों ने हांका लगाना शुरू किया पर तेंदुआ वहीं बैठा रहा। इसके बाद ग्रामीण अपने गांव की ओर चले गए। थोड़ी देर बाद तेंदुआ वाच टावर के नीचे व आसपास टहलता देखा गया। मंदिर समिति व आसपास के ग्रामीणों की माने तो तेंदुआ शाम के समय अक्सर मंदिर के आसपास दिख जाता है। इससे लोगों में भय है।
वहीं कजरी तीज का मेला नजदीक आ रहा है। इस दौरान मंदिर परिसर में लाखों भक्त उमड़ते हैं। अधिकांश लोग बलरामपुर व बहराइच से आते हैं। ऐसे में यदि मेले से पूर्व तेंदुए को नहीं पकड़ा जा सका तो कई अन्य लोग भी उसका शिकार हो सकते हैं। इस संबंध में सोहेलवा पूर्वी रेंजर मदन लाल का कहना है कि हर स्तर पर तेंदुए की निगरानी हो रही है। इसके साथ ही उसे पकड़ने की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।
विज्ञापन
विभूतिनाथ मंदिर सोहेलवा जंगल से सटा हुआ है। कुछ दिन पूर्व मंदिर परिसर में भंडारे में आई एक बालिका को तेंदुए ने अपना निवाला बना लिया था। इसी के बाद तेंदुए ने एक महिला व एक गोवंश को फिर अपना निवाला बना लिया था, जबकि एक अन्य महिला को लहू लुहान कर दिया। तब से तेंदुआ मंदिर के आसपास ही शिकार के लिए घूम रहा है।
विज्ञापन
क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता दिखने पर प्रशासन ने उसे पकड़ने के लिए चार स्थानों पर पिंजड़े रखवाए थे। इनमें से अधिकांश पिंजड़े खराब होने के कारण तेंदुआ उसमें कैद नहीं हो सका। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए पर नजर रखने के लिए मंदिर के पास ही एक वाच टावर लगा कर निगरानी शुरू कराई थी। गुरुवार शाम छह बजे तेंदुआ मंदिर से लगभग 25 मीटर दूरी पर बैठा दिखा।
विज्ञापन
इस पर वन कर्मियों के साथ मौजूद लोगों ने हांका लगाना शुरू किया पर तेंदुआ वहीं बैठा रहा। इसके बाद ग्रामीण अपने गांव की ओर चले गए। थोड़ी देर बाद तेंदुआ वाच टावर के नीचे व आसपास टहलता देखा गया। मंदिर समिति व आसपास के ग्रामीणों की माने तो तेंदुआ शाम के समय अक्सर मंदिर के आसपास दिख जाता है। इससे लोगों में भय है।
वहीं कजरी तीज का मेला नजदीक आ रहा है। इस दौरान मंदिर परिसर में लाखों भक्त उमड़ते हैं। अधिकांश लोग बलरामपुर व बहराइच से आते हैं। ऐसे में यदि मेले से पूर्व तेंदुए को नहीं पकड़ा जा सका तो कई अन्य लोग भी उसका शिकार हो सकते हैं। इस संबंध में सोहेलवा पूर्वी रेंजर मदन लाल का कहना है कि हर स्तर पर तेंदुए की निगरानी हो रही है। इसके साथ ही उसे पकड़ने की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।